21 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जंतर-मंतर पैलेट गन विवाद: राहुल गांधी संसद मार्ग थाने पहुँचे, FIR दर्ज करने की माँग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जंतर-मंतर पैलेट गन विवाद: राहुल गांधी संसद मार्ग थाने पहुँचे, FIR दर्ज करने की माँग

सारांश

राहुल गांधी संसद मार्ग थाने में डटे रहे — जंतर-मंतर पर पैलेट गन के कथित इस्तेमाल से घायल साहिल के मामले में FIR की माँग पर। कांग्रेस ने सीधे गृह मंत्री अमित शाह से जवाब माँगा। एम्स रिपोर्ट में 200 से अधिक छर्रों का उल्लेख बताया गया।

मुख्य बातें

राहुल गांधी 21 अगस्त को संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुँचे और FIR दर्ज होने तक वहाँ रहने की घोषणा की।
पीड़ित साहिल के शरीर में कथित तौर पर 200 से अधिक छर्रे और आँख में 3 छर्रे होने का दावा; एम्स रिपोर्ट में भी इसका उल्लेख बताया गया।
कांग्रेस सांसद मुकुल वासनिक ने सवाल उठाया कि कील लगी लाठियों और पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश गृह मंत्री अमित शाह ने दिया था या किसी और ने।
मुकेश नायक ने चेतावनी दी कि FIR न होने पर कांग्रेस मध्य प्रदेश के सभी पुलिस थानों का घेराव करेगी।
कांग्रेस को दो घंटे से अधिक प्रतीक्षा के बाद भी FIR दर्ज करने पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 21 अगस्त को नई दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुँचे। वे जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस में हुए आंदोलनों के दौरान पैलेट गन के कथित इस्तेमाल से घायल युवक साहिल के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की माँग लेकर पुलिस अधिकारियों से मिलने पहुँचे थे। पुलिस स्टेशन के बाहर कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखी गई।

राहुल गांधी के आरोप

पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को कनॉट प्लेस में पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने दावा किया कि पीड़ित साहिल के शरीर में 200 से अधिक छर्रे लगे हैं और उसकी आँख में तीन छर्रे धँसे हुए हैं। राहुल गांधी के अनुसार, एम्स की रिपोर्ट में भी शरीर में बड़ी संख्या में छर्रों की पुष्टि दर्ज है। उन्होंने यह भी बताया कि शुक्रवार सुबह वे एक अन्य पुलिस स्टेशन गए थे, जहाँ से उन्हें दूसरे थाने भेज दिया गया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित पक्ष को लगातार परेशान किया जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं के सवाल

कांग्रेस सांसद मुकुल वासनिक ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि सबसे पहले यह जाँच होनी चाहिए कि कथित तौर पर कील लगी लाठियों के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया था। उन्होंने सीधे सवाल किया कि क्या यह आदेश केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से दिया गया था। वासनिक ने कहा कि यदि ऐसा है, तो छात्रों पर कथित बर्बर हमले की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।

मध्य प्रदेश कांग्रेस नेता मुकेश नायक ने चेतावनी दी कि यदि एफआईआर दर्ज नहीं की गई और राहुल गांधी की माँग पर कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस मध्य प्रदेश के सभी पुलिस थानों का घेराव करेगी।

जयराम रमेश का रुख

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि साहिल के वकील की माँग है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य एफआईआर नहीं, बल्कि पुलिस की कथित गैरकानूनी कार्रवाई और पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़ी विशेष एफआईआर है। रमेश के अनुसार, कांग्रेस पिछले दो घंटे से एफआईआर की माँग कर रही थी, लेकिन उनकी माँग स्वीकार नहीं की गई।

आगे क्या होगा

रमेश ने बताया कि बातचीत जारी थी और संभव है कि गृह सचिव, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और गृह मंत्री से भी संपर्क किया गया हो, लेकिन कांग्रेस को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। राहुल गांधी का रुख स्पष्ट था कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होती, वे पुलिस स्टेशन नहीं छोड़ेंगे। यह मामला दिल्ली पुलिस और विपक्ष के बीच टकराव का नया केंद्र बन गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एम्स रिपोर्ट के संदर्भ में साहिल की चोटों की स्वतंत्र जाँच की माँग वाजिब है। दिल्ली पुलिस का पीड़ित पक्ष को एक थाने से दूसरे थाने भेजना — यदि सत्य है — प्रक्रियागत पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मुख्यधारा की कवरेज इसे विपक्षी नाटक के रूप में पेश कर सकती है, लेकिन असली मुद्दा यह है कि पैलेट गन — जो कश्मीर के बाहर अत्यंत दुर्लभ है — का दिल्ली में इस्तेमाल किसकी अनुमति से हुआ।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जंतर-मंतर पैलेट गन मामला क्या है?
कांग्रेस के अनुसार, 20 जुलाई को कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया, जिससे युवक साहिल के शरीर में 200 से अधिक छर्रे लगे और उसकी आँख में तीन छर्रे धँस गए। एम्स की रिपोर्ट में भी इसका उल्लेख बताया गया है।
राहुल गांधी संसद मार्ग थाने क्यों गए?
राहुल गांधी पीड़ित साहिल के मामले में FIR दर्ज कराने की माँग लेकर संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुँचे। उन्होंने ऐलान किया कि जब तक FIR दर्ज नहीं होती, वे थाने से नहीं जाएँगे।
कांग्रेस ने अमित शाह पर क्या आरोप लगाया?
कांग्रेस सांसद मुकुल वासनिक ने सवाल उठाया कि कथित तौर पर कील लगी लाठियों और पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिया था या नहीं। उन्होंने कहा कि यदि आदेश गृह मंत्री की ओर से था, तो छात्रों पर कथित हमले की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने क्या चेतावनी दी?
मध्य प्रदेश कांग्रेस नेता मुकेश नायक ने कहा कि यदि FIR दर्ज नहीं की गई और राहुल गांधी की माँग पर कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस मध्य प्रदेश के सभी पुलिस थानों का घेराव करेगी।
क्या FIR दर्ज हुई और आगे क्या होगा?
दो घंटे से अधिक प्रतीक्षा के बाद भी कांग्रेस को FIR दर्ज होने की कोई पुष्टि नहीं मिली थी। जयराम रमेश के अनुसार, गृह सचिव और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से संपर्क की संभावना जताई गई, लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 3 घंटे पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 3 सप्ताह पहले
  8. 3 सप्ताह पहले