राहुल गांधी संसद मार्ग थाने पहुंचे, पैलेट गन पीड़ित साहिल के लिए FIR की मांग
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार, 21 अगस्त को नई दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे और पैलेट गन हमले के पीड़ित साहिल लोचब के लिए प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराने की माँग की। 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान साहिल के शरीर में कथित तौर पर 200 से अधिक छर्रे लगे, जिनमें से तीन छर्रे उनकी आँख में हैं और कुछ छर्रे हृदय के निकट बताए जा रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
राहुल गांधी ने पत्रकारों को बताया कि एम्स की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से दर्ज है कि साहिल के शरीर में 200 से अधिक छर्रे हैं, जिनमें से तीन आँख में हैं। उन्होंने कहा, 'इनकी आँख बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है और उस आँख से नहीं देख पाएंगे। इनके बिल्कुल दिल के पास छर्रे हैं, जिनको छुआ नहीं जा सकता।' गौरतलब है कि शुक्रवार सुबह राहुल गांधी और साहिल के परिजन पहले एक अन्य थाने गए, जहाँ से उन्हें संसद मार्ग थाने भेजा गया।
FIR पर गतिरोध
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने कहा है कि उनकी ओर से छर्रे नहीं चलाए गए, लेकिन FIR दर्ज करने से इनकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'अंदर से हमें बताया जा रहा है कि ऊपर से ऑर्डर आया है कि FIR दर्ज नहीं हो सकती। जब तक FIR नहीं होगी, तब तक हम यहाँ से नहीं हिलने वाले।' साहिल के वकील ने बताया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पहुँचने के बाद शिकायत पर रिसीविंग तो मिली, परंतु FIR अभी भी दर्ज नहीं की गई।
एक्स पर राहुल गांधी की पोस्ट
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'आज साहिल लोचब के साथ उनके साथ हुई पुलिस बर्बरता के खिलाफ FIR दर्ज कराने संसद मार्ग के DCP कार्यालय पहुंचा। 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे साहिल पर पुलिस ने पैलेट गन से हमला किया। छर्रों से बुरी तरह घायल साहिल की एक आँख की रोशनी खतरे में है।' उन्होंने एक अन्य पोस्ट में गृह मंत्री अमित शाह को सीधे संबोधित करते हुए लिखा, 'शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ ऐसी बर्बरता कोई कानूनी कार्रवाई नहीं, एक गंभीर अपराध है।'
सरकार पर आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि न गृह मंत्री अमित शाह ने छात्रों को कोई सफाई दी और न प्रधानमंत्री ने माफी माँगी। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'अमित शाह, न्याय से इतना क्यों घबरा रहे हैं? ये डर दिखा रहा है कि आप अपना अपराध कबूल कर रहे हैं। FIR होगी और न्यायिक जाँच होगी।' उन्होंने माँग की कि FIR, DDR और जाँच अधिकारी का नाम सार्वजनिक किया जाए।
आगे क्या होगा
साहिल लोचब के वकील के अनुसार, शिकायत की रिसीविंग मिल चुकी है, लेकिन FIR दर्ज होना अभी बाकी है। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि जब तक FIR दर्ज नहीं होती और न्यायिक जाँच शुरू नहीं होती, वे पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहेंगे। यह मामला दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार के लिए एक राजनीतिक और कानूनी परीक्षा बन गया है।