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पैलेट गन कांड: राहुल गांधी का संसद मार्ग थाने के बाहर धरना, हरीश रावत बोले — न्याय माँगना अराजकता नहीं

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पैलेट गन कांड: राहुल गांधी का संसद मार्ग थाने के बाहर धरना, हरीश रावत बोले — न्याय माँगना अराजकता नहीं

सारांश

पैलेट गन से घायल साहिल के लिए एफआईआर की माँग को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं ने संसद मार्ग थाने के बाहर धरना दिया। हरीश रावत ने BJP के अराजकता के आरोपों को नकारते हुए कहा — न्याय माँगना अराजकता नहीं। पवन खेड़ा ने गृह मंत्री के इस्तीफे की माँग उठाई।

मुख्य बातें

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस नेताओं ने 21 अगस्त को संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दिया।
धरने की वजह 20 जुलाई को जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान कथित पैलेट गन से घायल साहिल के मामले में एफआईआर दर्ज न होना है।
पीड़ित के पास एम्स की मेडिकल रिपोर्ट और कथित पैलेट्स सहित अतिरिक्त साक्ष्य मौजूद हैं।
कांग्रेस नेता हरीश रावत ने BJP के अराजकता के आरोपों को खारिज करते हुए कहा — न्याय माँगना अराजकता नहीं।
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की माँग की और पुलिस पर 'ऊपर से दबाव' के आरोप लगाए।

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 21 अगस्त को नई दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दिया। यह प्रदर्शन 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए आंदोलनों के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल से घायल साहिल के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की माँग को लेकर था। कांग्रेस का आरोप है कि पीड़ित की शिकायत के बावजूद पुलिस ने अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की है।

मुख्य घटनाक्रम

कांग्रेस के अनुसार, पैलेट गन की चोट से साहिल की आँख को गंभीर नुकसान पहुँचा है और उसकी जीवन-गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित हुई है। पीड़ित ने पहले ही संसद मार्ग थाने में एफआईआर दर्ज कराने की माँग की थी, लेकिन शिकायत स्वीकार नहीं की गई। इसके बाद साहिल ने राहुल गांधी से संपर्क किया, और विपक्ष के नेता ने पुलिस से एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया। पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न होने पर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के अन्य नेता थाने के बाहर धरने पर बैठ गए।

इससे पहले राहुल गांधी ने साहिल को मीडिया के सामने लाकर पैलेट गन से लगी चोटों की जानकारी दी थी। अब पीड़ित की ओर से कथित पैलेट्स और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की मेडिकल रिपोर्ट सहित अतिरिक्त साक्ष्य भी सामने रखे गए हैं।

हरीश रावत की प्रतिक्रिया

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अराजकता के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा, 'यदि न्याय की माँग करना अराजकता है, तो BJP नेताओं की इस समझ पर मुझे आश्चर्य है।' रावत ने स्पष्ट किया कि नागरिक के अधिकार और न्यायालयों के पूर्व निर्देशों के अनुसार शिकायत मिलने पर कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए — जाँच एफआईआर दर्ज होने के बाद भी की जा सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि अन्याय जितना बढ़ेगा, कांग्रेस का संघर्ष उतना ही तेज होगा।

पवन खेड़ा के तीखे सवाल

महाराष्ट्र के पुणे से कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने एफआईआर की माँग के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी माँग की। खेड़ा ने दावा किया कि पुलिस की ओर से यह कहा जा रहा है कि उस पर 'ऊपर से दबाव' है। उन्होंने सवाल उठाया कि यह दबाव किसका है और जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया था।

खेड़ा ने यह भी कहा कि BJP को प्रधानमंत्री या गृह मंत्री की जगह अन्य नेताओं को आगे करने के बजाय संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति को खुद सामने आकर जवाब देना चाहिए।

सरकार और पुलिस का पक्ष

सरकार या दिल्ली पुलिस की ओर से अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान सार्वजनिक नहीं किया गया है। BJP ने कांग्रेस के धरने को अराजकता करार दिया है, हालाँकि पार्टी की ओर से विस्तृत खंडन अभी सामने नहीं आया है।

आगे क्या होगा

कांग्रेस ने संकेत दिया है कि यदि एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच पहले से ही संसदीय तनाव चरम पर है। साहिल के मामले में अदालत का दरवाजा खटखटाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि पीड़ित के पास एम्स की मेडिकल रिपोर्ट और अन्य कथित साक्ष्य मौजूद हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यदि सत्य है, तो यह संस्थागत जवाबदेही की गंभीर विफलता है; और यदि असत्य है, तो इसे खंडित करने की जिम्मेदारी सरकार की है। एम्स की मेडिकल रिपोर्ट और कथित भौतिक साक्ष्य की मौजूदगी इसे महज राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठाती है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है वह यह है कि पीड़ित के पास दस्तावेज़ी साक्ष्य होने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज न होना, कानूनी दृष्टि से स्वयं एक अलग जाँच का विषय है।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पैलेट गन कांड में एफआईआर की माँग क्यों की जा रही है?
कांग्रेस का आरोप है कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए आंदोलनों के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल से साहिल की आँख को गंभीर नुकसान पहुँचा। पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है।
राहुल गांधी ने संसद मार्ग थाने के बाहर धरना क्यों दिया?
पीड़ित साहिल के अनुरोध पर राहुल गांधी ने पुलिस से एफआईआर दर्ज करने को कहा, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 21 अगस्त को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य कांग्रेस नेता संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए।
हरीश रावत ने BJP के अराजकता के आरोपों पर क्या कहा?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कहा कि यदि न्याय की माँग करना अराजकता है, तो BJP नेताओं की यह समझ हैरान करने वाली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिक का अधिकार है कि वह एफआईआर दर्ज कराए और जाँच एफआईआर के बाद भी हो सकती है।
पवन खेड़ा ने अमित शाह के इस्तीफे की माँग क्यों की?
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि पुलिस पर एफआईआर न दर्ज करने के लिए 'ऊपर से दबाव' है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया, और इसी जवाबदेही के आधार पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की माँग की।
साहिल के पास पैलेट गन चोट के क्या साक्ष्य हैं?
पीड़ित साहिल के पास कथित पैलेट्स और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की मेडिकल रिपोर्ट सहित अतिरिक्त साक्ष्य हैं, जो हाल ही में सामने रखे गए हैं। इससे पहले राहुल गांधी ने साहिल को मीडिया के सामने लाकर चोटों की जानकारी दी थी।
राष्ट्र प्रेस
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