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साहिल पैलेट गन मामला: दिल्ली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ FIR शुरू की, राहुल गांधी 5 घंटे से संसद मार्ग थाने में

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साहिल पैलेट गन मामला: दिल्ली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ FIR शुरू की, राहुल गांधी 5 घंटे से संसद मार्ग थाने में

सारांश

राहुल गांधी 5 घंटे तक संसद मार्ग थाने में डटे रहे — और दबाव काम आया। साहिल लोचव के पैलेट गन मामले में दिल्ली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ FIR लिखनी शुरू कर दी। एम्स रिपोर्ट में 200 से अधिक छर्रों का उल्लेख, आँख में तीन छर्रे — यह मामला पुलिस बल प्रयोग पर बड़े सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने साहिल लोचव पैलेट गन मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी शुरू की।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी करीब 5 घंटे तक संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में रहे।
राहुल गांधी के अनुसार, साहिल के शरीर में 200 से अधिक छर्रे और आँख में 3 छर्रे लगे हैं; एम्स रिपोर्ट में भी इसका उल्लेख है।
कथित घटना 20 जुलाई को कनॉट प्लेस में हुए आंदोलन के दौरान की बताई जा रही है।
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि यह सामान्य नहीं, बल्कि पुलिस की कथित गैरकानूनी कार्रवाई से जुड़ी विशेष एफआईआर है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी 21 अगस्त को नई दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में करीब 5 घंटे से डटे रहे, जब तक कि दिल्ली पुलिस ने साहिल लोचव के पैलेट गन चोट मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी शुरू नहीं कर दी। यह मामला कथित तौर पर जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस में हुए आंदोलन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़ा है।

मामले का घटनाक्रम

आरोप है कि 20 जुलाई को कनॉट प्लेस में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया, जिसमें साहिल लोचव घायल हो गए। राहुल गांधी ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि साहिल के शरीर में 200 से अधिक छर्रे लगे हैं और उनकी आँख में तीन छर्रे हैं। उन्होंने कहा कि एम्स की रिपोर्ट में भी शरीर में बड़ी संख्या में छर्रे होने का उल्लेख है।

राहुल गांधी ने बताया कि शुक्रवार सुबह वह पहले एक अन्य पुलिस स्टेशन गए थे, जहाँ से उन्हें संसद मार्ग थाने में जाने को कहा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत पर कार्रवाई करने की जगह पीड़ित पक्ष को लगातार एक थाने से दूसरे थाने भेजा जा रहा है।

पुलिस का रुख

दिल्ली पुलिस ने पहले कहा था कि प्राप्त शिकायत की जाँच की जा रही है और यह देखा जा रहा है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप इस मामले में नया केस दर्ज किया जा सकता है या नहीं। बाद में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर लिखनी शुरू कर दी। पुलिस स्टेशन के बाहर कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

कांग्रेस की माँग और पार्टी का रुख

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि साहिल के वकील की माँग है कि मामले में विशेष एफआईआर दर्ज की जाए — यह कोई सामान्य एफआईआर नहीं, बल्कि पुलिस की कथित गैरकानूनी कार्रवाई और पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़ी विशेष एफआईआर है।

रमेश ने कहा कि बातचीत जारी है और संभव है कि गृह सचिव, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और गृह मंत्री से भी संपर्क किया गया होगा, लेकिन कांग्रेस को अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। राहुल गांधी का रुख स्पष्ट था — जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होती, वे थाने से नहीं जाएंगे।

आम जनता और राजनीतिक असर

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच पुलिस कार्रवाई को लेकर तनाव पहले से बढ़ा हुआ है। गौरतलब है कि पैलेट गन का इस्तेमाल आम तौर पर भीड़ नियंत्रण के लिए किया जाता है, लेकिन इसके घातक दुष्प्रभावों को लेकर मानवाधिकार संगठन पहले भी सवाल उठा चुके हैं।

आगे क्या होगा

एफआईआर दर्ज होने के बाद जाँच की दिशा और अभियुक्तों की पहचान अगला अहम कदम होगा। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के संदर्भ में यह मामला न्यायिक निगरानी में भी आ सकता है। साहिल लोचव के परिवार और उनके वकील आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रतीक्षा में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

न्याय अधूरा रहेगा। पैलेट गन के इस्तेमाल पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद यदि FIR दर्ज करने में इतनी देरी हुई, तो यह पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाता है। मुख्यधारा की कवरेज राजनीतिक नाटक पर केंद्रित रही, जबकि असल मुद्दा — एम्स-प्रमाणित चोटें और जिम्मेदारी तय करने का तंत्र — उपेक्षित रहा।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साहिल लोचव पैलेट गन मामला क्या है?
साहिल लोचव कथित तौर पर 20 जुलाई को कनॉट प्लेस में हुए आंदोलन के दौरान पैलेट गन से घायल हुए। राहुल गांधी के अनुसार उनके शरीर में 200 से अधिक छर्रे लगे हैं और आँख में तीन छर्रे हैं, जिसकी पुष्टि एम्स की रिपोर्ट में भी बताई जा रही है।
दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज करने में देरी क्यों की?
दिल्ली पुलिस ने पहले कहा था कि शिकायत की जाँच की जा रही है और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप नया केस दर्ज हो सकता है या नहीं, यह देखा जा रहा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पीड़ित पक्ष को एक थाने से दूसरे थाने भेजकर परेशान किया जा रहा था।
राहुल गांधी संसद मार्ग थाने क्यों गए?
राहुल गांधी साहिल लोचव के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की माँग को लेकर संसद मार्ग थाने पहुँचे और उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक FIR दर्ज नहीं होती, वे थाने से नहीं जाएंगे। वे करीब 5 घंटे वहाँ रहे।
इस मामले में कांग्रेस की क्या माँग है?
कांग्रेस की माँग है कि पुलिस की कथित गैरकानूनी कार्रवाई और पैलेट गन के इस्तेमाल के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ विशेष एफआईआर दर्ज हो। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि यह सामान्य FIR नहीं, बल्कि पुलिस की जवाबदेही से जुड़ा मामला है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
FIR दर्ज होने के बाद जाँच में अज्ञात अभियुक्तों की पहचान अगला कदम होगा। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के संदर्भ में यह मामला न्यायिक निगरानी में भी आ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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