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राहुल गांधी ने पेलेट से घायल साहिल को पेश कर केंद्र पर लगाया झूठ का आरोप, शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी की मांग

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राहुल गांधी ने पेलेट से घायल साहिल को पेश कर केंद्र पर लगाया झूठ का आरोप, शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी की मांग

सारांश

राहुल गांधी ने पेलेट से घायल 19 वर्षीय साहिल को मीडिया के सामने खड़ा कर केंद्र सरकार के इनकार को सीधी चुनौती दी। दाहिनी आंख की रोशनी जाने के खतरे के साथ यह मामला पुलिस बल के इस्तेमाल और सरकारी जवाबदेही का बड़ा सवाल बन गया है।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने 25 जुलाई को जंतर-मंतर पर पेलेट से घायल 19 वर्षीय साहिल को मीडिया के सामने पेश किया।
साहिल को कथित तौर पर 20 जुलाई के सीजेपी 'चलो संसद' मार्च के दौरान चोटें आईं; दाहिनी आंख की दृष्टि को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
राहुल ने आरोप लगाया कि साहिल पर पेलेट तब चलाए गए जब वह तिरंगा लहरा रहा था।
रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) पर पेलेट इस्तेमाल के आरोप; रिपोर्टों के अनुसार जांच शुरू।
विपक्ष की मांग: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी, दोषियों पर कार्रवाई और PM मोदी से सार्वजनिक माफी।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 25 जुलाई 2025 को पेलेट गन से घायल 19 वर्षीय साहिल को मीडिया के सामने पेश करते हुए केंद्र सरकार पर सीधा आरोप लगाया कि वह छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की सच्चाई छुपा रही है। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित तौर पर पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर यह मामला बड़े विवाद का रूप ले चुका है।

मुख्य घटनाक्रम

राहुल गांधी ने साहिल के चेहरे, दाहिने हाथ और शरीर के ऊपरी हिस्से पर पेलेट की चोटें पत्रकारों को दिखाईं। उनके अनुसार, 20 जुलाई को सीजेपी के 'चलो संसद' मार्च के दौरान साहिल को ये चोटें तब आईं जब वह तिरंगा लहरा रहा था।

राहुल ने कहा, "मेरे भाई को पेलेट तब लगे जब वह राष्ट्रीय ध्वज लहरा रहा था। उसे अपनी दाहिनी आंख से दिखाई नहीं दे रहा है क्योंकि उसमें पेलेट लगे हैं। उसकी नजर वापस आएगी या नहीं, इसे लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।"

सरकार पर आरोप और विपक्ष की दलीलें

कांग्रेस नेता ने कहा, "सरकार इस बात से इनकार करती रही है कि पेलेट चलाए गए थे, लेकिन यह रहा सबूत।" उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मामले से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है और शांतिपूर्ण विरोध को बलपूर्वक दबाया जा रहा है।

गौरतलब है कि रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों द्वारा कथित तौर पर पेलेट चलाए जाने के बाद सार्वजनिक प्रदर्शनों को संभालने के तरीके पर गहन जांच की मांग उठ रही है। रिपोर्टों के अनुसार, फोर्स ने इन आरोपों की जांच शुरू कर दी है।

विपक्ष की मांगें

राहुल गांधी ने तीन प्रमुख मांगें दोहराईं — शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए, छात्रों को चोट पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

उन्होंने कहा, "शिक्षा व्यवस्था के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को बर्खास्त किया जाना चाहिए। धर्मेंद्र प्रधान एक अपराधी शिक्षा मंत्री हैं। उन्हें पद छोड़ना ही होगा।" राहुल ने स्पष्ट किया कि इन मांगों पर कोई समझौता नहीं होगा।

घायल साहिल की स्थिति

कथित तौर पर 20 जुलाई के मार्च के दौरान पेलेट लगने के बाद 19 वर्षीय साहिल की दाहिनी आंख में गंभीर चोट आई और उसे अस्पताल में भर्ती कर इलाज कराना पड़ा। डॉक्टरों के अनुसार उसकी दृष्टि वापस आएगी या नहीं, यह अभी अनिश्चित है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब छात्र आंदोलन और विपक्षी दबाव के बीच सरकार पर जवाब देने की मांग बढ़ रही है। राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध दबाव के बावजूद अपने लक्ष्य पर अडिग रहेगा। आने वाले दिनों में विपक्ष संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह इस मुद्दे को और तेज करने की तैयारी में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन स्वतंत्र जांच की मांग अभी भी अनुत्तरित है। मुख्यधारा की कवरेज राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप पर टिकी है, जबकि असली सवाल यह है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में पेलेट के इस्तेमाल का आदेश किसने और किस प्राधिकार से दिया।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेलेट गन से घायल साहिल कौन है और उसे चोट कैसे लगी?
साहिल 19 वर्षीय छात्र है जिसे कथित तौर पर 20 जुलाई को दिल्ली में सीजेपी के 'चलो संसद' मार्च के दौरान पेलेट लगे। उसकी दाहिनी आंख में गंभीर चोट आई और अस्पताल में इलाज के बाद भी उसकी दृष्टि वापस आएगी या नहीं, यह अनिश्चित है।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर क्या आरोप लगाए?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार पेलेट गन के इस्तेमाल से इनकार कर सच्चाई छुपा रही है। उन्होंने घायल साहिल की चोटें दिखाकर इसे 'विजुअल सबूत' बताया और कहा कि शांतिपूर्ण विरोध को बलपूर्वक दबाया जा रहा है।
विपक्ष की मुख्य मांगें क्या हैं?
विपक्ष की तीन प्रमुख मांगें हैं — शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की तत्काल बर्खास्तगी, छात्रों को चोट पहुंचाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक माफी। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि इन मांगों पर कोई समझौता नहीं होगा।
आरएएफ पर क्या आरोप हैं और जांच कहां तक पहुंची?
रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों पर कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों पर पेलेट चलाने का आरोप है। रिपोर्टों के अनुसार फोर्स ने इन आरोपों की आंतरिक जांच शुरू की है, हालांकि स्वतंत्र जांच की मांग अभी भी लंबित है।
सीजेपी का 'चलो संसद' मार्च किस मुद्दे पर था?
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च का आयोजन किया था, जिसमें छात्र शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। 20 जुलाई के इस मार्च के दौरान ही पेलेट गन के कथित इस्तेमाल की घटना सामने आई।
राष्ट्र प्रेस
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