26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राहुल गांधी ने अमित शाह को लिखा पत्र: छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल पर माँगा जवाब

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राहुल गांधी ने अमित शाह को लिखा पत्र: छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल पर माँगा जवाब

सारांश

राहुल गांधी ने अमित शाह को पत्र लिखकर 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई पर दो सीधे सवाल दागे — पैलेट गन की मंज़ूरी किसने दी और सादे कपड़ों में लाठी चलाने वाले कौन थे? इस बीच, सरकार से तीसरे दौर की वार्ता के बाद CJP ने जंतर-मंतर प्रदर्शन वापस लिया।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने 26 जुलाई को गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई पर जवाबदेही माँगी।
आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन और आंसू गैस का प्रयोग किया गया; महिला छात्रों के साथ मारपीट का भी दावा।
19 वर्षीय छात्र साहिल लोचब की पैलेट गन से एक आँख की रोशनी जाने की आशंका; एक पत्रकार भी घायल।
राहुल गांधी ने पूछा — पैलेट गन की अनुमति किसने दी और सादे कपड़ों में लाठी चलाने वाले किसके आदेश पर थे।
25 जुलाई को CJP ने सरकार से तीसरे दौर की वार्ता के बाद जंतर-मंतर प्रदर्शन समाप्त किया।
सरकार ने छात्रों पर दर्ज सभी FIR वापस लेने और पेपर लीक पीड़ित परिवारों को मुआवज़ा देने पर सहमति जताई।

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 26 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर 20 जुलाई को नई दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने की माँग की। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर अनुपातहीन बल प्रयोग किया गया, जिसमें पैलेट गन का इस्तेमाल भी शामिल है।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि छात्र पारदर्शी और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की माँग को लेकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय सुरक्षा बलों ने उन पर आंसू गैस का प्रयोग किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला छात्रों के साथ पुलिसकर्मियों ने मारपीट की।

पत्र में विशेष रूप से पैलेट गन के इस्तेमाल पर गंभीर चिंता जताई गई। राहुल गांधी के अनुसार, मीडिया और सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों व वीडियो में कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की बात सामने आई, जिनमें एक पत्रकार भी शामिल है।

साहिल लोचब का मामला

राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने 19 वर्षीय छात्र साहिल लोचब से मुलाकात की, जो गंभीर दर्द में है। पैलेट गन लगने के कारण उसकी एक आँख की रोशनी जाने की आशंका बताई जा रही है। यह मामला पत्र का केंद्रीय बिंदु बना और राहुल गांधी ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया।

अमित शाह से दो सीधे सवाल

पत्र में राहुल गांधी ने गृह मंत्री से दो स्पष्ट प्रश्न पूछे। पहला — क्या प्रदर्शनकारी छात्रों के विरुद्ध पैलेट गन सहित घातक बल प्रयोग की अनुमति स्वयं गृह मंत्री ने दी थी? यदि नहीं, तो यह अनुमति किसने दी? दूसरा — प्रदर्शन के दौरान लाठी लेकर छात्रों पर हमला करते दिखे सादे कपड़ों वाले व्यक्ति पुलिसकर्मी थे या स्वयंसेवक, और उन्हें किसके आदेश पर तैनात किया गया था?

सरकार और छात्र संगठन के बीच बातचीत

इस बीच, 25 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर पर चल रहा अपना प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा की। यह निर्णय केंद्र सरकार के साथ तीसरे दौर की वार्ता के बाद लिया गया। नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह और CJP प्रतिनिधि सौरव दास तथा आशुतोष रांका उपस्थित रहे।

जेपी नड्डा ने बताया कि सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों के विरुद्ध दर्ज सभी पुलिस मामले वापस लेने, एफआईआर वापसी की लिखित पुष्टि देने, और पेपर लीक विवाद से जुड़े घटनाक्रम में जान गँवाने वाले छात्रों के परिवारों को अधिकतम संभव मुआवज़ा देने पर सहमति जताई है।

आगे क्या

राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का अभिन्न अंग है और सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वह प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। उन्होंने चेताया कि देश के युवा और छात्र जवाब तथा जवाबदेही माँग रहे हैं। गृह मंत्रालय की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गृह मंत्रालय की चुप्पी खुद एक जवाब है। सरकार ने FIR वापसी और मुआवज़े का वादा करके तात्कालिक दबाव कम किया, पर बल प्रयोग की समीक्षा का कोई स्वतंत्र तंत्र घोषित नहीं किया — यही वह अंतर है जो इस पूरे प्रकरण को अधूरा छोड़ता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने अमित शाह को पत्र क्यों लिखा?
राहुल गांधी ने 26 जुलाई को अमित शाह को पत्र लिखकर 20 जुलाई को दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई — विशेष रूप से पैलेट गन के इस्तेमाल — की जवाबदेही माँगी। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर अनुपातहीन बल प्रयोग किया गया।
साहिल लोचब कौन हैं और उनका मामला क्यों अहम है?
साहिल लोचब 19 वर्षीय छात्र हैं, जिनसे राहुल गांधी ने मुलाकात की। पैलेट गन लगने के कारण उनकी एक आँख की रोशनी जाने की आशंका है। यह मामला पत्र का केंद्रीय बिंदु बना और पैलेट गन के इस्तेमाल की गंभीरता को रेखांकित करता है।
राहुल गांधी ने अमित शाह से कौन से दो सवाल पूछे?
पहला — पैलेट गन सहित घातक बल प्रयोग की अनुमति किसने दी, क्या यह गृह मंत्री ने दी थी? दूसरा — सादे कपड़ों में लाठी लेकर छात्रों पर हमला करते दिखे व्यक्ति पुलिसकर्मी थे या स्वयंसेवक, और उन्हें किसके आदेश पर तैनात किया गया था?
जंतर-मंतर प्रदर्शन क्यों और कब समाप्त हुआ?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 25 जुलाई को केंद्र सरकार के साथ तीसरे दौर की वार्ता के बाद जंतर-मंतर प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा की। सरकार ने सभी FIR वापस लेने और पेपर लीक पीड़ित परिवारों को मुआवज़ा देने पर सहमति जताई।
सरकार ने छात्रों की कौन-सी माँगें मानीं?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के अनुसार, सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों के विरुद्ध दर्ज सभी पुलिस मामले वापस लेने, एफआईआर वापसी की लिखित पुष्टि देने और पेपर लीक विवाद में जान गँवाने वाले छात्रों के परिवारों को अधिकतम संभव मुआवज़ा देने पर सहमति जताई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. कल
  3. कल
  4. 4 दिन पहले
  5. 4 दिन पहले
  6. 4 दिन पहले
  7. 4 दिन पहले
  8. 11 महीने पहले