12 अगस्त 2026
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राहुल गांधी का अमित शाह पर हमला: छात्रों पर गोली के आदेश का जवाब दें, वरना इस्तीफा दें

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राहुल गांधी का अमित शाह पर हमला: छात्रों पर गोली के आदेश का जवाब दें, वरना इस्तीफा दें

सारांश

राहुल गांधी ने संसद परिसर में सीधे अमित शाह से पूछा — छात्रों पर गोली और कील लगी लाठियों से हमले का आदेश किसने दिया? उनका दो-टूक संदेश: आदेश दिया तो जिम्मेदार हैं, नहीं दिया तो अक्षम हैं — दोनों स्थितियों में इस्तीफा दें।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने 12 अगस्त को संसद परिसर में अमित शाह से छात्रों पर कथित गोलीबारी और लाठीचार्ज के आदेश पर सीधा जवाब माँगा।
उन्होंने कहा कि एक छात्र की आँख की रोशनी जाने और कील लगी लाठियों से हमले की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
राहुल गांधी ने शाह के लिए इस्तीफे की माँग रखी — चाहे उन्होंने आदेश दिया हो या न दिया हो।
उन्होंने कहा कि शाह पिछले 20 दिनों से सदन में अनुपस्थित हैं और संसद में जवाब देने से बच रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और विपक्षी दलों ने मिलकर इस मुद्दे पर एकजुट रुख अपनाया है।
झारखंड छात्र आंदोलन पर चुप्पी के आरोपों को राहुल गांधी ने खारिज किया; कहा — किसी भी राज्य में छात्रों पर हिंसा गलत है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 12 अगस्त को संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीधे जवाब माँगा — कि दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित गोलीबारी और लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष को शाह का कोई 'लेक्चर' नहीं सुनना, बल्कि छात्रों के खिलाफ हुई कथित हिंसा पर सरकार की जवाबदेही तय करानी है।

मुख्य आरोप और सवाल

राहुल गांधी ने तीन ठोस सवाल सामने रखे: दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया, लाठीचार्ज किसके निर्देश पर हुआ, और एक छात्र की आँख की रोशनी जाने की घटना के लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कथित तौर पर कील लगी लाठियों से छात्रों पर हमला किया गया, और इस तरह की कार्रवाई के आदेश का स्रोत जानना आवश्यक है।

अमित शाह पर इस्तीफे की माँग

राहुल गांधी ने कहा कि यदि छात्रों पर कार्रवाई का आदेश गृह मंत्री अमित शाह ने दिया था, तो वे इसके लिए सीधे जिम्मेदार हैं और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। वहीं, यदि उन्होंने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया, तो उनके मंत्रालय के नियंत्रण पर सवाल उठता है — और इस स्थिति में भी इस्तीफा उचित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि शाह पिछले 20 दिनों से सदन में नजर नहीं आए हैं और संसद में आकर इन सवालों का जवाब देने की हिम्मत नहीं दिखा रहे।

कांग्रेस और विपक्ष का एकजुट रुख

राहुल गांधी ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ मिलकर उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है और विपक्ष की अन्य पार्टियों ने भी इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि यह आवाज़ सिर्फ कांग्रेस की नहीं, पूरे विपक्ष की है।

झारखंड विरोध पर आरोपों का खंडन

झारखंड में छात्र आंदोलन के संदर्भ में राहुल गांधी पर लगाए जा रहे चुप्पी के आरोपों को उन्होंने सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि वे इस मामले पर पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा को उचित नहीं ठहराया जा सकता — चाहे वह किसी भी राज्य में हो।

विपक्ष की माँग: जवाबदेही और स्पष्टता

राहुल गांधी ने अंत में कहा कि युवाओं और छात्रों से जुड़े इन सवालों का जवाब मिलना अनिवार्य है। सरकार को इस पर स्पष्ट और सार्वजनिक स्थिति सामने रखनी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब संसद सत्र के दौरान छात्र-आंदोलन से जुड़े मुद्दे सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह केंद्रबिंदु बने हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

उतनी सदन के भीतर नियम 267 या स्थगन प्रस्ताव के जरिए क्यों नहीं लगाता। छात्र हिंसा की जाँच के लिए संसदीय समिति की माँग अधिक ठोस कदम होती। बयानबाजी और जवाबदेही के बीच का यह अंतर ही विपक्ष की सीमा को भी उजागर करता है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने अमित शाह से क्या जवाब माँगा?
राहुल गांधी ने पूछा कि दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोली चलाने और लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया, और एक छात्र की आँख की रोशनी जाने की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने गृह मंत्रालय की भूमिका पर सीधे सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने अमित शाह के इस्तीफे की माँग क्यों की?
राहुल गांधी ने कहा कि यदि छात्रों पर कार्रवाई का आदेश अमित शाह ने दिया तो वे जिम्मेदार हैं और इस्तीफा देना चाहिए। यदि नहीं दिया, तो उनके मंत्रालय पर नियंत्रण न होने के कारण भी इस्तीफा उचित है।
अमित शाह पिछले 20 दिनों से संसद में क्यों नहीं आए?
राहुल गांधी के अनुसार गृह मंत्री अमित शाह पिछले 20 दिनों से सदन में नजर नहीं आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शाह में संसद में आकर छात्र हिंसा के सवालों का सामना करने की हिम्मत नहीं है।
झारखंड छात्र आंदोलन पर राहुल गांधी का क्या रुख है?
राहुल गांधी ने झारखंड मामले पर चुप रहने के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि वे पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि छात्रों के खिलाफ किसी भी राज्य में हिंसा को उचित नहीं ठहराया जा सकता।
इस मुद्दे पर विपक्ष का एकजुट रुख क्या है?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की, और विपक्ष की अन्य पार्टियों ने भी छात्र हिंसा पर जवाबदेही की माँग का समर्थन किया है। विपक्ष का कहना है कि सरकार को इस पर सार्वजनिक और स्पष्ट स्थिति रखनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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