ओडिशा: रेलवे भूमि अधिग्रहण अधिकारी ₹3.10 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा सतर्कता विभाग ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को अनुगोला में एक विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी को ₹3.10 लाख की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी अधिकारी, अजय कुमार गरनाइक, कथित तौर पर एक भूस्वामी को ₹84.62 लाख का भूमि अधिग्रहण मुआवजा दिलाने के एवज में यह अवैध राशि माँग रहे थे।
मुख्य घटनाक्रम
अजय कुमार गरनाइक वर्तमान में संबलपुर में संबलपुर-तालचर दोहरीकरण रेल लाइन परियोजना के विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी के पद पर तैनात थे। सतर्कता विभाग के अनुसार, गरनाइक ने शिकायतकर्ता भूस्वामी से कुल ₹5.10 लाख की रिश्वत की माँग की थी — यह राशि ₹84,62,288 के भूमि मुआवजे और भविष्य के दावों पर अनुकूल विचार के बदले तय की गई थी।
आरोपी ने इस राशि में से ₹2 लाख पहले ही 27 अक्टूबर को प्राप्त कर लिए थे और शेष ₹3.10 लाख तत्काल देने की माँग कर रहे थे। गौरतलब है कि गरनाइक ने भूस्वामी को यह भी धमकी दी थी कि यदि शेष राशि नहीं दी गई, तो वे तीसरी रेलवे लाइन परियोजना के अंतर्गत उनके भविष्य के भूमि अधिग्रहण में बाधा डालेंगे।
शिकायतकर्ता की शिकायत और ट्रैप ऑपरेशन
लगातार उत्पीड़न और धमकियों से तंग आकर भूस्वामी ने ओडिशा सतर्कता विभाग के अधिकारियों को पूरा मामला सौंपा। शिकायत के आधार पर सतर्कता दल ने एक ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई और सोमवार को अनुगोला स्थित बीएड कॉलेज के निकट गरनाइक को शेष ₹3.10 लाख स्वीकार करते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद आरोपी के पास से यह पूरी रिश्वत राशि बरामद कर ली गई।
संपत्ति जाँच और कानूनी कार्रवाई
सफल गिरफ्तारी के बाद सतर्कता विभाग ने गरनाइक से जुड़े तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया, क्योंकि उन पर अपने ज्ञात आय स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने का संदेह है। इस मामले में संबलपुर सतर्कता पुलिस स्टेशन में 1 नवंबर 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मामला संख्या 20/26 दर्ज किया गया है।
आगे की जाँच
ओडिशा सतर्कता विभाग के अनुसार, आरोपी गरनाइक के विरुद्ध जाँच जारी है और पूरी होने पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब सरकारी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे हैं, और विस्थापित भूस्वामियों के उचित मुआवजे को लेकर राज्य भर में संवेदनशीलता बनी हुई है। सतर्कता विभाग की यह कार्रवाई राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चल रहे अभियान की एक और कड़ी मानी जा रही है।