चक्रवात अर्नब: CM चंद्रबाबू नायडू का किसानों को भरोसा, ₹4,600 करोड़ नुकसान का अनुमान केंद्र को भेजा
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को पश्चिम गोदावरी जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का व्यक्तिगत दौरा कर किसानों को आश्वस्त किया कि चक्रवात अर्नब से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार हरसंभव सहायता देगी। राज्य सरकार ने चक्रवात से हुई क्षति का प्रारंभिक आकलन केंद्र सरकार को सौंप दिया है, जिसमें ₹4,600 करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
मुख्यमंत्री का प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
मुख्यमंत्री नायडू ने जलमग्न खेतों का निरीक्षण किया और प्रभावित किसानों से सीधे संवाद किया। उन्होंने किसानों से फसल बीमा की स्थिति की जानकारी ली और बताया कि राज्य सरकार ने ई-क्रॉप प्रणाली के माध्यम से प्रत्येक एकड़ भूमि को फसल बीमा के दायरे में लाने के प्रयास किए हैं।
उन्होंने नरसापुरम से मातरेवु के रास्ते में क्षतिग्रस्त नारियल बागानों का जायजा लिया और सबसे अधिक प्रभावित मातरेवु गाँव के राहत केंद्र में रह रहे लोगों से मुलाकात की। राहत केंद्र में महिलाओं ने मुख्यमंत्री को चक्रवात के दौरान झेली गई परेशानियों और भय का विवरण दिया।
जनहानि और बुनियादी ढाँचे को नुकसान
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में स्वीकार किया कि सरकार ने जन-धन की हानि रोकने के लिए व्यापक कदम उठाए थे, परंतु दुर्भाग्यवश सात लोगों की मौत हो गई। चक्रवात से जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को ₹5 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है।
नायडू ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में 15,000 से अधिक बिजली के खंभे गिर गए हैं और अकेले पश्चिम गोदावरी जिले में 12,500 पेड़ उखड़ गए हैं। चक्रवात से नारियल के बागानों और धान की फसल को भारी नुकसान पहुँचा है।
बिजली और संचार बहाली के प्रयास
मुख्यमंत्री ने युद्धस्तर पर चल रहे बिजली बहाली कार्यों का निरीक्षण किया और बिजली विभाग के कर्मचारियों एवं अधिकारियों की सराहना की। सरकार का लक्ष्य शनिवार शाम तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल करना है — पहले आवासीय क्षेत्रों में और उसके बाद कृषि क्षेत्रों में। उन्होंने कहा कि संचार सेवाओं को भी जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
मछुआरों और किसानों को राहत
वशिष्ठा गोदावरी क्षेत्र के मछुआरों ने अपनी समस्याएँ मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं, जिस पर नायडू ने उनकी शिकायतों के समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने अधिकारियों को समुद्र तट के निकट नहर की सफाई और गाद हटाने का निर्देश दिया, ताकि मछुआरे सुचारु रूप से कार्य कर सकें। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों को चावल सहित आवश्यक राशन सामग्री वितरित की जा रही है।
केंद्र से सहायता और आगे की योजना
नायडू ने बताया कि ₹4,600 करोड़ के प्रारंभिक नुकसान के आकलन के बाद राज्य सरकार जल्द ही विस्तृत सर्वेक्षण रिपोर्ट भी केंद्र को भेजेगी। सरकार की ओर से दी जाने वाली इनपुट सब्सिडी किसानों को हुए नुकसान की आंशिक भरपाई में सहायक होगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गठबंधन सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि चक्रवात से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को न्याय और उचित सहायता मिल सके।