केरल पीएससी परीक्षा घोटाला: फरार अतिरिक्त सचिव आर. हरि कोच्चि से गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने 30 अक्टूबर 2026 को केरल लोक सेवा आयोग (पीएससी) परीक्षा घोटाले में निलंबित अतिरिक्त सचिव आर. हरि को गिरफ्तार कर लिया। कोच्चि में एक रिश्तेदार के घर से शुक्रवार रात हिरासत में लिए गए हरि, आरोपी बनाए जाने के बाद से फरार थे। यह गिरफ्तारी इस घोटाले की जांच में एक अहम मोड़ मानी जा रही है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला केरल राज्य योजना बोर्ड में 'चीफ, इंडस्ट्री एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डिवीजन' के पद के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। कथित अनियमितताएँ तब सामने आईं जब एक उम्मीदवार ने एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत अपनी जांची गई उत्तर पुस्तिका की प्रति प्राप्त की। इससे परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी के गंभीर संकेत मिले, जिसके बाद एसआईटी ने जांच शुरू की।
हरि की गिरफ्तारी का घटनाक्रम
पीएससी के परीक्षा विभाग के प्रभारी आर. हरि को एसआईटी ने आरोपी बनाया था, जिसके बाद पीएससी ने सोमवार को उन्हें निलंबित कर दिया। निलंबन के तुरंत बाद वे फरार हो गए। शुक्रवार रात कोच्चि में एक रिश्तेदार के घर पर दी गई दबिश में एसआईटी ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
गौरतलब है कि पीएससी चेयरमैन डॉ. एम.आर. बैजू से भी एसआईटी पहले पूछताछ कर चुकी है, और हरि को उनका करीबी सहयोगी माना जाता है।
मामले में पहली गिरफ्तारी और पूर्व घटनाएँ
इस प्रकरण में एसआईटी की पहली गिरफ्तारी पीएससी के पूर्व उप-सचिव पी. सतीश की थी। सतीश, योजना बोर्ड भर्ती परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए उपयोग किए जाने वाले 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम' के प्रभारी थे। वे लगभग 18 महीने पहले सेवानिवृत्त हुए थे।
आरोपी बनाए जाने के बाद राज्य सरकार ने सतीश की पेंशन सुविधाओं पर भी रोक लगा दी है। अब एसआईटी ने हरि और सतीश, दोनों को आरोपी बनाया है।
पीएससी की विश्वसनीयता पर सवाल
इस कथित धांधली ने केरल लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर चिंताएँ खड़ी कर दी हैं। आरटीआई के ज़रिए अनियमितताओं के उजागर होने से आयोग की आंतरिक परीक्षा और मूल्यांकन प्रणालियों की नए सिरे से जांच अनिवार्य हो गई है।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में धाँधली के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, और संवैधानिक भर्ती संस्थाओं की जवाबदेही पर बहस तेज़ हो रही है।
आगे क्या होगा
हरि की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी उन्हें अदालत में पेश करेगी और रिमांड की माँग करेगी। जांचकर्ताओं के अनुसार इस मामले में और भी गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं। पीएससी की परीक्षा प्रणाली की स्वतंत्र जांच की माँग भी ज़ोर पकड़ रही है।