30 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

केरल पीएससी परीक्षा घोटाला: फरार अतिरिक्त सचिव आर. हरि कोच्चि से गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
केरल पीएससी परीक्षा घोटाला: फरार अतिरिक्त सचिव आर. हरि कोच्चि से गिरफ्तार

सारांश

केरल पीएससी परीक्षा घोटाले में एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार निलंबित अतिरिक्त सचिव आर. हरि को कोच्चि से गिरफ्तार किया। एक आरटीआई आवेदन से उजागर हुए इस घोटाले ने संवैधानिक भर्ती संस्था की विश्वसनीयता को गंभीर चुनौती दी है।

मुख्य बातें

एसआईटी ने 30 अक्टूबर 2026 को केरल पीएससी के निलंबित अतिरिक्त सचिव आर.
हरि को कोच्चि में रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार किया।
हरि सोमवार को निलंबन के बाद से फरार थे; वे पीएससी परीक्षा विभाग के प्रभारी थे।
इस मामले में पहले पूर्व उप-सचिव पी.
सतीश को गिरफ्तार किया गया था, जो ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के प्रभारी थे।
घोटाला केरल राज्य योजना बोर्ड में 'चीफ, इंडस्ट्री एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डिवीजन' पद की भर्ती परीक्षा से जुड़ा है।
अनियमितताएँ आरटीआई के तहत उत्तर पुस्तिका प्राप्त करने पर उजागर हुईं; पीएससी चेयरमैन डॉ.
बैजू से भी पूछताछ हो चुकी है।
सतीश की पेंशन सुविधाओं पर रोक लगाई गई; एसआईटी ने दोनों को आरोपी बनाया है।

क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने 30 अक्टूबर 2026 को केरल लोक सेवा आयोग (पीएससी) परीक्षा घोटाले में निलंबित अतिरिक्त सचिव आर. हरि को गिरफ्तार कर लिया। कोच्चि में एक रिश्तेदार के घर से शुक्रवार रात हिरासत में लिए गए हरि, आरोपी बनाए जाने के बाद से फरार थे। यह गिरफ्तारी इस घोटाले की जांच में एक अहम मोड़ मानी जा रही है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला केरल राज्य योजना बोर्ड में 'चीफ, इंडस्ट्री एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डिवीजन' के पद के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। कथित अनियमितताएँ तब सामने आईं जब एक उम्मीदवार ने एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत अपनी जांची गई उत्तर पुस्तिका की प्रति प्राप्त की। इससे परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी के गंभीर संकेत मिले, जिसके बाद एसआईटी ने जांच शुरू की।

हरि की गिरफ्तारी का घटनाक्रम

पीएससी के परीक्षा विभाग के प्रभारी आर. हरि को एसआईटी ने आरोपी बनाया था, जिसके बाद पीएससी ने सोमवार को उन्हें निलंबित कर दिया। निलंबन के तुरंत बाद वे फरार हो गए। शुक्रवार रात कोच्चि में एक रिश्तेदार के घर पर दी गई दबिश में एसआईटी ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

गौरतलब है कि पीएससी चेयरमैन डॉ. एम.आर. बैजू से भी एसआईटी पहले पूछताछ कर चुकी है, और हरि को उनका करीबी सहयोगी माना जाता है।

मामले में पहली गिरफ्तारी और पूर्व घटनाएँ

इस प्रकरण में एसआईटी की पहली गिरफ्तारी पीएससी के पूर्व उप-सचिव पी. सतीश की थी। सतीश, योजना बोर्ड भर्ती परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए उपयोग किए जाने वाले 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम' के प्रभारी थे। वे लगभग 18 महीने पहले सेवानिवृत्त हुए थे।

आरोपी बनाए जाने के बाद राज्य सरकार ने सतीश की पेंशन सुविधाओं पर भी रोक लगा दी है। अब एसआईटी ने हरि और सतीश, दोनों को आरोपी बनाया है।

पीएससी की विश्वसनीयता पर सवाल

इस कथित धांधली ने केरल लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर चिंताएँ खड़ी कर दी हैं। आरटीआई के ज़रिए अनियमितताओं के उजागर होने से आयोग की आंतरिक परीक्षा और मूल्यांकन प्रणालियों की नए सिरे से जांच अनिवार्य हो गई है।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में धाँधली के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, और संवैधानिक भर्ती संस्थाओं की जवाबदेही पर बहस तेज़ हो रही है।

आगे क्या होगा

हरि की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी उन्हें अदालत में पेश करेगी और रिमांड की माँग करेगी। जांचकर्ताओं के अनुसार इस मामले में और भी गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं। पीएससी की परीक्षा प्रणाली की स्वतंत्र जांच की माँग भी ज़ोर पकड़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि प्रणालीगत विफलता का संकेत है — जहाँ ऑन-स्क्रीन मार्किंग जैसी 'पारदर्शी' तकनीक को भी कथित तौर पर भीतर से प्रभावित किया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इन अनियमितताओं का पता किसी आंतरिक ऑडिट से नहीं, बल्कि एक उम्मीदवार के आरटीआई आवेदन से चला — जो संस्था की निगरानी तंत्र की गंभीर कमज़ोरी उजागर करता है। पीएससी चेयरमैन से पूछताछ इस मामले की गहराई का संकेत देती है, लेकिन असली जवाबदेही तभी सुनिश्चित होगी जब जांच भर्ती प्रक्रिया की संपूर्ण श्रृंखला — प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर मूल्यांकन और नियुक्ति तक — को कवर करे।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल पीएससी परीक्षा घोटाला क्या है?
यह घोटाला केरल राज्य योजना बोर्ड में 'चीफ, इंडस्ट्री एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डिवीजन' पद की भर्ती परीक्षा में कथित हेराफेरी से जुड़ा है। एक उम्मीदवार ने आरटीआई के तहत अपनी उत्तर पुस्तिका की प्रति प्राप्त की, जिससे परीक्षा मूल्यांकन में अनियमितताएँ सामने आईं और एसआईटी जांच शुरू हुई।
आर. हरि कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया?
आर. हरि केरल लोक सेवा आयोग (पीएससी) के परीक्षा विभाग के प्रभारी अतिरिक्त सचिव थे। एसआईटी ने उन्हें परीक्षा घोटाले में आरोपी बनाया, जिसके बाद सोमवार को उन्हें निलंबित किया गया और वे फरार हो गए; शुक्रवार रात कोच्चि में उन्हें गिरफ्तार किया गया।
इस मामले में पहले किसे गिरफ्तार किया गया था?
एसआईटी की पहली गिरफ्तारी पीएससी के पूर्व उप-सचिव पी. सतीश की थी, जो परीक्षा उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए प्रयुक्त 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम' के प्रभारी थे। वे लगभग 18 महीने पहले सेवानिवृत्त हुए थे और आरोपी बनाए जाने के बाद उनकी पेंशन सुविधाओं पर भी रोक लगा दी गई।
इन अनियमितताओं का पता कैसे चला?
एक उम्मीदवार ने लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत अपनी जांची गई उत्तर पुस्तिका की प्रति प्राप्त की। इससे परीक्षा मूल्यांकन में गंभीर गड़बड़ी के संकेत मिले और क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने जांच शुरू की।
क्या पीएससी चेयरमैन भी इस जांच के दायरे में हैं?
एसआईटी पीएससी चेयरमैन डॉ. एम.आर. बैजू से पहले ही पूछताछ कर चुकी है। आर. हरि को उनका करीबी सहयोगी माना जाता है, हालाँकि अभी तक उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 दिन पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 4 दिन पहले
  5. 6 दिन पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 3 महीने पहले