28 अक्टूबर 2026
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केरल पीएससी परीक्षा घोटाला: पूर्व अधिकारी पी. सतीश गिरफ्तार, चेयरमैन एम. आर. बैजू से पूछताछ

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केरल पीएससी परीक्षा घोटाला: पूर्व अधिकारी पी. सतीश गिरफ्तार, चेयरमैन एम. आर. बैजू से पूछताछ

सारांश

केरल पीएससी परीक्षा घोटाले की जाँच अब वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँच गई है — पूर्व परीक्षा प्रभारी पी. सतीश गिरफ्तार, चेयरमैन से पूछताछ। मत्स्य और खादी बोर्ड भर्तियों में भी नए मामले दर्ज हुए हैं, जो राज्य की पूरी सार्वजनिक भर्ती प्रणाली पर सवाल उठाते हैं।

मुख्य बातें

क्राइम ब्रांच ने 28 अक्टूबर 2026 को पीएससी के पूर्व अधिकारी पी.
सतीश को कोझिकोड से गिरफ्तार किया।
सतीश परीक्षा शाखा के प्रभारी थे और राज्य योजना बोर्ड भर्ती की उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन की जिम्मेदारी उनके पास थी।
बैजू क्राइम ब्रांच की विशेष जाँच टीम के सामने पेश हुए; अब तक 3 पीएससी सदस्यों के बयान दर्ज।
हरि को पहले ही आरोपी बनाए जाने के बाद निलंबित किया जा चुका है।
जाँच का दायरा बढ़ा — मत्स्य विभाग और खादी बोर्ड की भर्तियों में भी 2 नए मामले दर्ज।

केरल लोक सेवा आयोग (पीएससी) से जुड़े कथित परीक्षा घोटाले की जाँच में क्राइम ब्रांच ने 28 अक्टूबर 2026 को पीएससी के पूर्व अधिकारी पी. सतीश को कोझिकोड से गिरफ्तार किया। इसी दिन पीएससी के चेयरमैन एम. आर. बैजू भी क्राइम ब्रांच की जाँच टीम के सामने पूछताछ के लिए पेश हुए। यह गिरफ्तारी तिरुवनंतपुरम से संचालित इस जाँच में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

पी. सतीश पीएससी की परीक्षा शाखा के प्रभारी रह चुके हैं और राज्य योजना बोर्ड के प्रमुख पद की भर्ती परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास थी। क्राइम ब्रांच ने हाल ही में उन्हें इस मामले में आरोपी बनाया था। सतीश पिछले वर्ष सेवानिवृत्त हुए थे और पीएससी ने उनके सेवानिवृत्ति लाभ रोकने के साथ-साथ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी थी।

गौरतलब है कि इससे पहले परीक्षा शाखा के अतिरिक्त सचिव आर. हरि को भी इस मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद निलंबित किया जा चुका है। सतीश की गिरफ्तारी के साथ जाँच का दायरा वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँच गया है।

चेयरमैन और सदस्यों से पूछताछ

पीएससी चेयरमैन एम. आर. बैजू बुधवार को क्राइम ब्रांच की विशेष जाँच टीम के समक्ष उपस्थित हुए। पीएससी सदस्यों से पूछताछ का सिलसिला इस सप्ताह की शुरुआत में ही शुरू हो गया था। रिपोर्टों के अनुसार, अब तक तीन सदस्यों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।

बताया जा रहा है कि पीएससी सदस्यों ने जाँच अधिकारियों के सामने यह स्पष्ट किया कि परीक्षा आयोजन या उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में उनकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी। सदस्यों के अनुसार उनका कार्यक्षेत्र मुख्यतः इंटरव्यू पैनल तक सीमित रहता है, जबकि परीक्षा संबंधी संपूर्ण प्रबंधन चेयरमैन, सचिव और परीक्षा नियंत्रक के अधीन होता है।

जाँच का विस्तार: नए मामले भी दर्ज

यह जाँच अब केवल राज्य योजना बोर्ड भर्ती परीक्षा तक सीमित नहीं रही। क्राइम ब्रांच की विशेष जाँच टीम ने मत्स्य विभाग में फिशरीज एक्सटेंशन ऑफिसर और खादी बोर्ड में विलेज ऑयल इंस्पेक्टर के पदों की भर्ती में कथित अनियमितताओं से जुड़े दो अतिरिक्त मामले दर्ज किए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केरल की सार्वजनिक भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता पहले से ही कटघरे में है।

आम जनता और परीक्षार्थियों पर असर

केरल पीएससी परीक्षाएँ राज्य की सरकारी नौकरियों का प्रमुख द्वार हैं और लाखों युवा प्रतिवर्ष इनकी तैयारी करते हैं। कथित घोटाले ने उन अभ्यर्थियों के मन में गहरी निराशा पैदा की है जिन्होंने इन परीक्षाओं पर वर्षों की मेहनत लगाई। आलोचकों का कहना है कि यदि वरिष्ठ स्तर पर मिलीभगत साबित होती है, तो इससे पीएससी की संस्थागत विश्वसनीयता को दीर्घकालिक क्षति पहुँचेगी।

क्या होगा आगे

क्राइम ब्रांच परीक्षा प्रक्रिया में शामिल सभी अधिकारियों की भूमिका की गहन जाँच जारी रखे हुए है। जाँच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अनियमितताएँ कितनी व्यापक थीं और क्या इनका संबंध पीएससी की अन्य भर्ती परीक्षाओं से भी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ तथा बयान दर्ज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जाँच एजेंसी के लिए यह और भी ज़रूरी बनाता है कि वह स्पष्ट करे कि परीक्षा संचालन की निगरानी श्रृंखला में जवाबदेही वास्तव में किसके पास थी। लाखों परीक्षार्थियों का भरोसा दाँव पर है और बिना पारदर्शी परिणाम के यह जाँच एक और अधूरी कवायद बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल पीएससी परीक्षा घोटाला क्या है?
यह केरल लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़ा मामला है, जिसमें राज्य योजना बोर्ड के प्रमुख पद की भर्ती परीक्षा में उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन में गड़बड़ी का आरोप है। क्राइम ब्रांच इस मामले की विस्तृत जाँच कर रही है और जाँच का दायरा अब अन्य विभागों की भर्तियों तक भी बढ़ चुका है।
पी. सतीश कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया?
पी. सतीश पीएससी की परीक्षा शाखा के पूर्व प्रभारी हैं, जो पिछले वर्ष सेवानिवृत्त हुए थे। उन पर राज्य योजना बोर्ड भर्ती परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं में शामिल होने का आरोप है और क्राइम ब्रांच ने उन्हें 28 अक्टूबर 2026 को कोझिकोड से गिरफ्तार किया।
चेयरमैन एम. आर. बैजू से पूछताछ क्यों हो रही है?
पीएससी चेयरमैन एम. आर. बैजू से जाँच इसलिए हो रही है क्योंकि परीक्षा से जुड़े मामलों का संचालन चेयरमैन, सचिव और परीक्षा नियंत्रक के अंतर्गत आता है। वह 28 अक्टूबर को क्राइम ब्रांच की विशेष जाँच टीम के सामने स्वेच्छा से पेश हुए।
इस मामले में अब तक कितने लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है?
अब तक पूर्व अधिकारी पी. सतीश गिरफ्तार हो चुके हैं, अतिरिक्त सचिव आर. हरि को निलंबित किया जा चुका है, और तीन पीएससी सदस्यों के बयान दर्ज हो चुके हैं। चेयरमैन से पूछताछ भी जारी है।
क्या जाँच का दायरा और बढ़ेगा?
हाँ, क्राइम ब्रांच ने पहले से ही मत्स्य विभाग में फिशरीज एक्सटेंशन ऑफिसर और खादी बोर्ड में विलेज ऑयल इंस्पेक्टर भर्ती में कथित अनियमितताओं से जुड़े दो नए मामले दर्ज किए हैं। जाँच एजेंसी के अनुसार अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी संभावित गड़बड़ियों की जाँच की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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