28 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बलूचिस्तान: BLF का दावा — ग्वादर हमलों में 80 से अधिक पाकिस्तानी सैन्यकर्मी मारे गए

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बलूचिस्तान: BLF का दावा — ग्वादर हमलों में 80 से अधिक पाकिस्तानी सैन्यकर्मी मारे गए

सारांश

BLF ने दावा किया कि 'ऑपरेशन अलमास' के तहत ग्वादर में FWO शिविर समेत कई सैन्य ठिकानों पर हमलों में 80 से अधिक पाकिस्तानी सैन्य और खुफिया कर्मी मारे गए। CPEC और विदेशी परियोजनाओं पर हमले की चेतावनी भी दी गई। ये दावे अभी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।

मुख्य बातें

BLF ने 22 अक्टूबर 2026 से चलाए ' ऑपरेशन अलमास ' में 80 से अधिक पाकिस्तानी सैन्य व खुफिया कर्मियों को मारने का दावा किया।
ग्वादर जिले में FWO शिविर पर विस्फोटक वाहन से आत्मघाती हमला किया गया; परिसर में घुसकर ISI और MI कार्यालयों पर भी धावा बोला गया।
संगठन ने चार क्वाडकॉप्टर , दो निगरानी ड्रोन और दो बख्तरबंद वाहन नष्ट करने का दावा किया।
BLF प्रवक्ता मेजर ग्वाहराम बलूच ने CPEC , रेको डिक और सैंदक परियोजनाओं को निशाना बनाने की चेतावनी दी।
80 से अधिक कर्मियों के मारे जाने के दावे की अब तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है; पाकिस्तान सरकार की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।

बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने दावा किया है कि उसने 22 अक्टूबर 2026 से पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर जिले में 'ऑपरेशन अलमास' के तहत चलाए गए हमलों में 80 से अधिक पाकिस्तानी सैन्य और खुफिया कर्मियों को मार गिराया। इन हमलों में फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गनाइजेशन (FWO) के एक शिविर सहित कई सैन्य और पुलिस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया, हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

हमले का विवरण

BLF के प्रवक्ता मेजर ग्वाहराम बलूच के अनुसार, अभियान की शुरुआत FWO शिविर के प्रवेश द्वार पर विस्फोटकों से भरे वाहन से किए गए आत्मघाती हमले से हुई। कथित तौर पर इस विस्फोट में मुख्य द्वार और निकटवर्ती संरचनाएँ ध्वस्त हो गईं, जिसके बाद संगठन के लड़ाके परिसर में घुसने में सफल रहे।

प्रवक्ता के दावे के मुताबिक, परिसर में दाखिल होने के बाद लड़ाकों ने इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के एक कार्यालय पर हमला किया, जिसमें एक अधिकारी और पाँच अन्य कर्मी मारे गए। एक अलग मुठभेड़ में मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) के छह कर्मी, जिनमें एक कैप्टन भी शामिल था, मारे गए बताए जाते हैं। इसके बाद लड़ाकों ने बहुमंजिला आवासीय बैरक को निशाना बनाया, जहाँ ग्वाहराम बलूच के अनुसार 21 और कर्मी मारे गए।

रात भर की मुठभेड़ और अतिरिक्त दावे

BLF प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तानी बलों ने परिसर पर पुनः नियंत्रण के लिए रातभर नौ और मुठभेड़ें कीं, जिनमें मोर्टार और तोपों का प्रयोग भी हुआ। अगली सुबह बख्तरबंद वाहनों के साथ शुरू किए गए सैन्य अभियान को भी नाकाम करने का दावा किया गया, जिसमें कथित तौर पर 13 और कर्मी मारे गए और दो बख्तरबंद वाहन नष्ट हुए।

संगठन ने यह भी दावा किया कि अभियान के दौरान उसके लड़ाकों ने चार क्वाडकॉप्टर और दो निगरानी ड्रोन मार गिराए। इसके अलावा, स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (SSG) के जवानों सहित दर्जनों कर्मियों के गंभीर रूप से घायल होने का भी दावा किया गया। संगठन की स्नाइपर टीम ने अभियान के दौरान छह और कर्मियों को मारने का दावा किया।

BLF का राजनीतिक रुख

ग्वाहराम बलूच ने दावा किया कि FWO और इसी तरह की संस्थाएँ पाकिस्तानी सेना के वाणिज्यिक और सैन्य विस्तार हैं, जिनका उपयोग बलूचिस्तान के संसाधनों के दोहन, जनसांख्यिकी परिवर्तन और विदेशी कंपनियों की सुरक्षा के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि संगठन का विरोध किसी विदेशी ताकत से नहीं, बल्कि बलूचिस्तान पर पाकिस्तान के नियंत्रण और क्षेत्र के तटीय व प्राकृतिक संसाधनों के कथित दोहन से है।

CPEC और विदेशी परियोजनाओं पर चेतावनी

BLF प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि संगठन चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC), रेको डिक, सैंदक और बलूचिस्तान में चल रही अन्य परियोजनाओं को निशाना बनाना जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि बलूच जनता की सहमति के बिना शुरू की जाने वाली किसी भी परियोजना पर हमले का जोखिम बना रहेगा और ऐसी स्थिति में नुकसान की जिम्मेदारी संबंधित विदेशी संस्थानों की होगी।

गौरतलब है कि बलूचिस्तान में वर्षों से सशस्त्र विद्रोह जारी है और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर हमले की यह घटनाएँ क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता की ओर इशारा करती हैं। पाकिस्तानी सरकार की ओर से इन दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और 80 से अधिक कर्मियों के मारे जाने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए न तो पाकिस्तानी सेना के आँकड़े विश्वसनीय हैं, न ही विद्रोही संगठन के। फिर भी, ऑपरेशन का विस्तृत विवरण और FWO जैसे 'विकास संस्थानों' को निशाना बनाने की रणनीति यह संकेत देती है कि BLF CPEC बुनियादी ढाँचे को वैध सैन्य लक्ष्य मानने लगा है। यह चीन के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है, वह यह है कि ग्वादर पर हमला सिर्फ पाकिस्तान-बलूच संघर्ष नहीं — यह CPEC की सुरक्षा और क्षेत्रीय भू-राजनीति पर सीधा प्रहार है।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BLF का 'ऑपरेशन अलमास' क्या है?
'ऑपरेशन अलमास' बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) द्वारा 22 अक्टूबर 2026 से ग्वादर जिले में चलाया गया कथित सैन्य अभियान है, जिसमें FWO शिविर और अन्य सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले किए गए। संगठन ने इसमें 80 से अधिक पाकिस्तानी सैन्य व खुफिया कर्मियों को मारने का दावा किया है।
क्या इन हमलों की स्वतंत्र पुष्टि हुई है?
नहीं, 80 से अधिक कर्मियों के मारे जाने के दावों की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बलूचिस्तान में मीडिया की पहुँच सीमित होने के कारण इन दावों की जाँच करना कठिन है।
BLF ने CPEC और विदेशी परियोजनाओं को क्यों निशाना बनाने की चेतावनी दी?
BLF प्रवक्ता ग्वाहराम बलूच ने कहा कि CPEC और रेको डिक जैसी परियोजनाएँ बलूच जनता की सहमति के बिना चलाई जा रही हैं और ये क्षेत्र के संसाधनों के दोहन का साधन हैं। संगठन ने चेतावनी दी कि ऐसी परियोजनाओं में शामिल विदेशी संस्थान हमले की जद में रहेंगे।
FWO पर हमला क्यों किया गया?
BLF ने फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गनाइजेशन (FWO) को पाकिस्तानी सेना का 'वाणिज्यिक और सैन्य अंग' बताया, जो कथित तौर पर बलूचिस्तान के संसाधनों के दोहन और जनसांख्यिकी बदलाव में प्रयुक्त होता है। इसी आधार पर संगठन ने FWO शिविर को प्राथमिक लक्ष्य बनाया।
बलूचिस्तान में विद्रोह की यह घटना किस व्यापक संदर्भ में है?
बलूचिस्तान में दशकों से सशस्त्र विद्रोह जारी है और BLF उन संगठनों में से एक है जो पाकिस्तान की संघीय नीतियों तथा CPEC से जुड़ी परियोजनाओं का विरोध करते हैं। हाल के वर्षों में CPEC बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाने की घटनाएँ बढ़ी हैं, जो क्षेत्रीय अस्थिरता का संकेत देती हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले