बलूचिस्तान में BLF का दावा: जुलाई में 48 अभियानों में 97 पाक सैनिक ढेर, 15 घायल
सारांश
मुख्य बातें
बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने दावा किया है कि उसने जुलाई 2026 के दौरान बलूचिस्तान में 48 सशस्त्र अभियानों को अंजाम दिया, जिनमें कथित तौर पर 97 पाकिस्तानी सैन्यकर्मी और 5 कथित मुखबिर मारे गए तथा 15 अन्य सैनिक घायल हुए। स्थानीय मीडिया में सोमवार, 3 अगस्त को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार यह दावा संगठन की मासिक अभियान रिपोर्ट में किया गया है। पाकिस्तानी सेना की ओर से इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
मुख्य घटनाक्रम
BLF के प्रवक्ता मेजर ग्वाहराम बलोच ने संगठन की मासिक अभियान रिपोर्ट में बताया कि ये कार्रवाइयाँ पाकिस्तानी सेना, अन्य सरकारी सुरक्षा बलों, सैन्य एवं आर्थिक प्रतिष्ठानों, संचार नेटवर्क और निगरानी ढाँचे को निशाना बनाकर की गईं। संगठन के अनुसार, हमले काहान, चागई, खारन, कलात, मस्तुंग, खुजदार, बासिमा, मांड, टुम्प, क्वेटा सहित 23 से अधिक स्थानों पर किए गए — जिनमें कराची और पासनी भी शामिल हैं।
संगठन ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने जुलाई के दौरान प्रमुख राजमार्गों पर 9 स्थानों पर नाकेबंदी स्थापित की, जिससे सेना की आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई।
सबसे बड़ी कार्रवाई: मस्तुंग हमला
मेजर ग्वाहराम बलोच ने 22 जुलाई को मस्तुंग के खादकोचा इलाके में मैक्रो स्टॉप के निकट पाकिस्तानी सैन्य काफिले पर हुए हमले को महीने की सबसे घातक कार्रवाई बताया। संगठन का दावा है कि इस एकल हमले में 17 सैनिक मारे गए और 10 अन्य घायल हुए, साथ ही सैन्य काफिले को भारी नुकसान पहुँचा। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि संभव नहीं हो सकी है।
हमलों की रणनीति और क्षति का विवरण
BLF के बयान के अनुसार, जुलाई में अपनाई गई गुरिल्ला रणनीतियों में शामिल थे — भारी हथियारों से 16 हमले, 8 घात, 5 गुप्त अभियान, 4 स्नाइपर हमले, 2 ग्रेनेड लॉन्चर हमले, 2 IED हमले और 1 हैंड ग्रेनेड हमला।
संगठन ने यह भी दावा किया कि उसने हवाई निगरानी में इस्तेमाल हो रहे 2 ड्रोन और 3 जमीनी निगरानी कैमरे नष्ट किए, 15 सैन्य वाहन तबाह किए, 6 सैन्य शिविरों और 7 चेकपोस्टों पर समन्वित हमले किए तथा पाकिस्तानी सुरक्षा बलों से 5 आधुनिक हथियार कब्जे में लिए।
व्यापक संदर्भ
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान में — विशेष रूप से बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा जैसे सीमावर्ती प्रांतों में — सुरक्षा बलों को निशाना बनाने वाली घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। BLF का कहना है कि उसकी कार्रवाइयों का उद्देश्य बलूचिस्तान में पाकिस्तानी राज्य के उस ढाँचे को कमजोर करना है जिसे वह 'औपनिवेशिक व्यवस्था' कहता है, संसाधनों के दोहन को रोकना और क्षेत्र पर सैन्य नियंत्रण को कमजोर करना है। गौरतलब है कि BLF पाकिस्तान सरकार द्वारा प्रतिबंधित संगठनों में शामिल है।
बलूचिस्तान में सशस्त्र संघर्ष दशकों पुराना है। विश्लेषकों के अनुसार, इस क्षेत्र में अलगाववादी समूहों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव के आँकड़े अक्सर विवादित रहते हैं क्योंकि स्वतंत्र मीडिया की पहुँच अत्यंत सीमित है।