12 अगस्त 2026
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बीएलए का दावा: बलूचिस्तान में 38 हमलों में 32 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक ढेर, 1–8 अगस्त के बीच हुई कार्रवाई

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बीएलए का दावा: बलूचिस्तान में 38 हमलों में 32 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक ढेर, 1–8 अगस्त के बीच हुई कार्रवाई

सारांश

बीएलए ने दावा किया है कि उसने 1 से 8 अगस्त के बीच बलूचिस्तान में 38 हमले किए, जिनमें 32 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। काफिले, पुल, रेलवे ट्रैक और सैन्य शिविर निशाने पर रहे। पाकिस्तानी सेना ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है।

मुख्य बातें

बीएलए ने 1 से 8 अगस्त 2026 के बीच बलूचिस्तान में 38 हमलों की जिम्मेदारी ली।
कथित तौर पर 32 से अधिक पाकिस्तानी सैन्यकर्मी और सहयोगी मारे गए, बड़ी संख्या में घायल।
हमलों में सैन्य काफिले, पुल, रेलवे ट्रैक, पुलिस चेकपोस्ट और FWO वाहन निशाने पर रहे।
बीएलए की ड्रोन इकाई 'कहार' ने नोशकी में सैन्य शिविर पर हमले का दावा किया।
पाकिस्तानी सेना ने इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है।

बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने 1 से 8 अगस्त 2026 के बीच बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर 38 अलग-अलग हमले किए, जिनमें कथित तौर पर 32 से अधिक सैन्यकर्मी और उनके सहयोगी मारे गए और बड़ी संख्या में घायल हुए। 12 अगस्त को जारी एक विस्तृत बयान में बीएलए प्रवक्ता जीयंद बलूच ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली — हालांकि पाकिस्तानी सेना की ओर से इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

हमलों का विवरण और निशाने

बीएलए के बयान के अनुसार, इन हमलों में पाकिस्तानी सैन्य काफिलों, सैन्य शिविरों, पैदल गश्ती दलों, पुलों, रेलवे ट्रैक, पुलिस चेकपोस्ट और माल ढुलाई वाहनों को निशाना बनाया गया। समूह ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने कई सैन्य वाहन, एक क्वाडकॉप्टर, पुल और रेलवे ट्रैक नष्ट किए, साथ ही सैन्य उपकरण भी जब्त किए।

पहला हमला 1 अगस्त को कलात जिले के दश्त इलाके में हुआ, जहाँ पाकिस्तानी सेना की बख्तरबंद गाड़ियों पर रॉकेट और भारी हथियारों से हमला किया गया। उसी रात मस्तुंग के कुंड उमरानी इलाके में एक पैदल गश्ती दल पर हमले में कथित तौर पर दो जवान मारे गए और कई घायल हुए।

मुख्य घटनाक्रम: जिलेवार हमले

2 अगस्त को वाशुक जिले के सेची इलाके में पाकिस्तानी सेना पर हमले में दो जवान मारे गए। 3 अगस्त को बीएलए ने क्वेटा-कराची हाईवे पर बेला के नामी इलाके में एक पुलिस चेकपोस्ट पर कब्जा करने का दावा किया।

चगाई जिले के याकमच इलाके में जोजकी ट्रेड रूट पर एक पुल तोड़ने और उसके बाद पाकिस्तानी सेना तथा व्यावसायिक वाहनों पर हमले का दावा किया गया। बीएलए के अनुसार यह हमला करीब 40 मिनट तक चला, जिसमें कई जवान मारे गए और एक क्वाडकॉप्टर नष्ट हुआ।

5 अगस्त को दलबंदिन के बार्टागजी इलाके और क्वेटा-ताफ्तान रूट पर गैस प्लांट के पास सैन्यकर्मियों को निशाना बनाया गया। इसके बाद नोशकी के सुल्तान चरहाई में दो पाकिस्तानी सैन्य वाहनों पर हमले में दो जवान मारे गए और चार घायल हुए।

ड्रोन और आईईडी का इस्तेमाल

6 अगस्त को दलबंदिन के चेहतर इलाके में एक पाकिस्तानी सैन्य काफिले को निशाना बनाया गया। खारान के डाली इलाके में पैदल गश्ती जवानों पर हमले में एक जवान के मारे जाने का दावा किया गया।

7 अगस्त को बीएलए की हवाई और ड्रोन युद्ध इकाई, जिसे समूह 'कहार' कहता है, ने नोशकी के सुल्तान चरहाई में एक पाकिस्तानी सैन्य शिविर पर हमला किया, जिससे कथित तौर पर उस ठिकाने को नुकसान पहुँचा। 8 अगस्त को मंड के रेडिग इलाके में रिमोट-संचालित आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) से पाकिस्तान के फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गनाइजेशन (FWO) के एक वाहन को निशाना बनाया गया, जिसमें कई लोगों के मारे जाने का दावा किया गया।

संदर्भ और व्यापक तस्वीर

यह ऐसे समय में आया है जब बलूचिस्तान में सशस्त्र गतिविधियाँ पिछले कुछ महीनों में तेज़ हुई हैं। बीएलए को पाकिस्तान, अमेरिका और ब्रिटेन ने आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है। गौरतलब है कि इस तरह के हमलों के बाद पाकिस्तानी सेना आमतौर पर हताहतों की संख्या की पुष्टि नहीं करती या अलग आँकड़े जारी करती है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि संभव नहीं हो पाई है।

बलूचिस्तान में दशकों से चला आ रहा यह संघर्ष पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, और इस ताज़ा हमले की श्रृंखला उस तनाव की नई कड़ी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

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RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीएलए ने बलूचिस्तान में कितने हमले किए और कब?
बीएलए ने दावा किया है कि उसने 1 से 8 अगस्त 2026 के बीच बलूचिस्तान में 38 हमले किए। इन हमलों में 32 से अधिक पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों और उनके सहयोगियों के मारे जाने का दावा किया गया है।
बीएलए ने किन ठिकानों को निशाना बनाया?
बीएलए के अनुसार निशाने पर पाकिस्तानी सैन्य काफिले, सैन्य शिविर, पैदल गश्ती दल, पुल, रेलवे ट्रैक, पुलिस चेकपोस्ट और माल ढुलाई वाहन शामिल थे। FWO के एक वाहन को आईईडी से उड़ाने का भी दावा किया गया।
क्या पाकिस्तानी सेना ने बीएलए के दावों की पुष्टि की है?
नहीं। पाकिस्तानी सेना ने इन दावों की न पुष्टि की है और न ही खंडन किया है। ऐसे मामलों में पाकिस्तानी सेना आमतौर पर हताहतों की संख्या सार्वजनिक नहीं करती। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि संभव नहीं हो पाई है।
बीएलए क्या है और इसका दर्जा क्या है?
बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) एक सशस्त्र अलगाववादी संगठन है जो बलूचिस्तान की स्वायत्तता या स्वतंत्रता की माँग करता है। पाकिस्तान, अमेरिका और ब्रिटेन ने इसे आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है।
बीएलए ने इस बार किन नई तकनीकों का इस्तेमाल किया?
बीएलए ने अपनी ड्रोन इकाई 'कहार' के ज़रिए नोशकी में एक सैन्य शिविर पर हमले का दावा किया। इसके अलावा रिमोट-संचालित आईईडी से FWO वाहन को निशाना बनाया गया, जो समूह की बदलती सामरिक क्षमता को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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