बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट का दावा: पाक सुरक्षाबलों पर कई हमले, 11 सैन्यकर्मी मारे गए
सारांश
मुख्य बातें
बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने 27 अगस्त 2026 को दावा किया कि उसके लड़ाकों ने बलूचिस्तान के कई इलाकों में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों और कथित तौर पर राज्य समर्थित तत्वों पर एकाधिक हमले किए, जिनमें संगठन के अनुसार 11 पाकिस्तानी सैन्यकर्मी और 2 कथित राज्य समर्थित ऑपरेटिव मारे गए। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अवारान जिले में सड़क सुरक्षा इकाई पर हमला
BLF के प्रवक्ता मेजर ग्वाहराम बलूच ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि 22 अगस्त को संगठन के लड़ाकों ने अवारान जिले के कोलवाह-गिशकोर क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना की सड़क सुरक्षा इकाई को निशाना बनाया। प्रवक्ता के अनुसार, इस हमले में 5 सैन्यकर्मी मारे गए और 3 अन्य घायल हो गए।
BLF ने यह भी दावा किया कि सड़क निर्माण कार्य में लगे वाहनों को निशाना बनाया गया। संगठन के बयान के मुताबिक, घटनास्थल पर पहुँचे एक सैन्य हेलीकॉप्टर पर भी उसके लड़ाकों ने गोलीबारी की।
पुलिस चौकी पर कब्जा और वाहनों को आग
प्रवक्ता के बयान के अनुसार, उसी दिन BLF के लड़ाकों ने शिरीन-ओ-फरहाद इलाके में एक पुलिस चौकी पर कब्जा कर लिया। चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों को कथित तौर पर हिरासत में लिया गया, एक कलाश्निकोव राइफल और अन्य उपकरण जब्त किए गए तथा चौकी, दो पुलिस वाहन और एक मोटरसाइकिल को आग लगा दी गई।
संगठन ने दावा किया कि बाद में हिरासत में लिए गए पुलिसकर्मियों को रिहा कर दिया गया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
बेला-झाओ रोड पर दो लोगों की हत्या का दावा
BLF ने यह भी दावा किया कि बेला-झाओ रोड पर नाकाबंदी के दौरान वाहन जाँच के समय उसने दो लोगों को मार गिराया, जिन्हें संगठन ने 'राज्य समर्थित डेथ स्क्वॉड' का सदस्य बताया। बयान के अनुसार, दोनों की पहचान वाजा बाग, झाओ के निवासी मोहम्मद और उनके बेटे जफर के रूप में हुई।
BLF ने जफर पर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता और पाकिस्तानी सैन्य बलों के साथ सहयोग करने का आरोप लगाया। दोनों से हथियार जब्त करने और उनकी मोटरसाइकिल जलाने का भी दावा किया गया। ये आरोप BLF के एकपक्षीय बयान पर आधारित हैं।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और सत्यापन की स्थिति
पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से BLF के इन दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हताहतों की संख्या और घटनाओं का विवरण स्वतंत्र स्रोतों से सत्यापित नहीं हो सका है। यह ऐसे समय में आया है जब बलूचिस्तान में सशस्त्र संगठनों और सुरक्षाबलों के बीच तनाव लंबे समय से बना हुआ है।
गौरतलब है कि BLF पाकिस्तान में प्रतिबंधित संगठन है और उसके दावों को पाकिस्तान सरकार आमतौर पर खारिज करती रही है। बलूचिस्तान में मीडिया की पहुँच सीमित होने के कारण जमीनी स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि कठिन बनी रहती है।