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बलूचिस्तान में बलूच सशस्त्र समूहों के हमले, पाक सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल समेत दर्जनों हताहत का दावा

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बलूचिस्तान में बलूच सशस्त्र समूहों के हमले, पाक सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल समेत दर्जनों हताहत का दावा

सारांश

बलूचिस्तान के तुर्बत, जेहरी और सन्नी में बीएलए, बीआरएएस और बीआरजी ने 2 से 6 जून के बीच अलग-अलग हमलों में पाक सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल समेत दर्जनों सैनिकों के हताहत होने का दावा किया है। पाकिस्तान सेना ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी।

मुख्य बातें

बीएलए ने 6 जून को तुर्बत के कलातुक में हमले में लेफ्टिनेंट कर्नल अरसान हलीम (सेवानिवृत्त) समेत 4 सैन्यकर्मियों के मारे जाने का दावा किया।
बीआरएएस ने 2 जून को जेहरी के बलबल में काफिले पर घात हमले में 8 सैनिक मारने और एक सैन्य वाहन नष्ट करने का दावा किया।
बीआरजी ने 2 जून की रात सन्नी में पाक सुरक्षा बल के शिविर पर रॉकेट लॉन्चर और भारी हथियारों से हमले की जिम्मेदारी ली।
पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा आईएसपीआर ने इन दावों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
बलूचिस्तान में मीडिया की सीमित पहुँच के कारण इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि संभव नहीं हो सकी है।

बलूचिस्तान के तुर्बत, जेहरी और कच्छी क्षेत्रों में 2 से 6 जून 2026 के बीच हुई अलग-अलग सशस्त्र कार्रवाइयों में तीन बलूच हथियारबंद संगठनों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को भारी नुकसान पहुँचाने का दावा किया है। इन दावों में पाकिस्तानी सैन्य खुफिया विभाग के कथित वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल अरसान हलीम (सेवानिवृत्त) समेत कुल 15 से अधिक सैनिकों के मारे जाने का उल्लेख है। पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

तुर्बत में बीएलए का हमला

बलूच लिब्रेशन आर्मी (बीएलए) ने तुर्बत के कलातुक इलाके में 6 जून को की गई सशस्त्र कार्रवाई की जिम्मेदारी ली है। बीएलए प्रवक्ता जियांद बलोच ने रविवार को जारी बयान में कहा कि यह अभियान संगठन के खुफिया विंग 'जीराब' द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर चलाया गया।

संगठन के अनुसार, इस हमले में लेफ्टिनेंट कर्नल अरसान हलीम (सेवानिवृत्त) — जिन्हें पाकिस्तानी सैन्य खुफिया विभाग का वरिष्ठ अधिकारी बताया गया है — समेत चार लोगों की मौत हुई। यह दावा बीएलए का है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

जेहरी में बीआरएएस का घात हमला

बलूच राजी आजोई संगर (बीआरएएस) ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने 2 जून को जेहरी के बलबल क्षेत्र में पाकिस्तानी सैन्य वाहनों के एक काफिले पर घात लगाकर हमला किया। बीआरएएस प्रवक्ता बलूच खान के अनुसार, कई दिशाओं से एक साथ किए गए इस हमले में आठ सैनिक मारे गए, एक सैन्य वाहन नष्ट हुआ और सुरक्षा बलों को पीछे हटना पड़ा।

संगठन का यह भी दावा है कि इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने टैंकों और बख्तरबंद वाहनों के साथ दोबारा आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन लड़ाकों ने फिर हमला कर एक बख्तरबंद वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया और अतिरिक्त हताहत किए। ये सभी दावे बीआरएएस की ओर से हैं; पाकिस्तान सेना ने इनकी न पुष्टि की है, न खंडन।

सन्नी में बीआरजी का शिविर हमला

बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (बीआरजी) ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने 2 जून की रात सन्नी क्षेत्र में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के एक मुख्य शिविर को चारों ओर से घेरकर रॉकेट लॉन्चर, एलएमजी और भारी हथियारों से हमला किया। बीआरजी प्रवक्ता दोस्ताईन बलूच के अनुसार, इस कार्रवाई में कई सैनिक हताहत हुए।

बीआरजी ने अपने बयान में कहा, 'बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स इस हमले की जिम्मेदारी लेता है और बलूचिस्तान की स्वतंत्रता तक इस तरह के अभियान जारी रहेंगे।'

पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब बलूचिस्तान में सशस्त्र संघर्ष पिछले कई वर्षों से जारी है। बीएलए, बीआरएएस और बीआरजी — तीनों संगठन पाकिस्तान सरकार द्वारा प्रतिबंधित हैं और बलूचिस्तान की स्वतंत्रता की माँग करते हैं। गौरतलब है कि इस क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना और सशस्त्र समूहों के बीच टकराव की घटनाएँ नियमित रूप से सामने आती रहती हैं, लेकिन पाकिस्तान सरकार अक्सर इन दावों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं करती।

इन हमलों की स्वतंत्र पत्रकारों द्वारा पुष्टि करना कठिन है, क्योंकि बलूचिस्तान में मीडिया की पहुँच सीमित है। बलूचिस्तान पोस्ट सहित स्थानीय मीडिया ने इन घटनाओं को कवर किया है, परंतु आँकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

आगे की स्थिति

पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा आईएसपीआर (ISPR) ने इन दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि बलूचिस्तान में सशस्त्र गतिविधियाँ निकट भविष्य में कम होने के संकेत नहीं हैं, और यह क्षेत्र पाकिस्तान के लिए एक गंभीर आंतरिक सुरक्षा चुनौती बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब तक न हमलावरों के दावों की पुष्टि संभव है, न पाकिस्तान सेना के खंडन की। एक वरिष्ठ सेवानिवृत्त सैन्य खुफिया अधिकारी के नाम का उल्लेख — यदि सत्य है — इस संघर्ष की गहराई को रेखांकित करता है। बलूचिस्तान में सूचना का यह真空 खुद एक बड़ी खबर है, जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नजरअंदाज करती है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलूचिस्तान में बलूच सशस्त्र समूहों ने किन इलाकों में हमले किए?
बीएलए ने तुर्बत के कलातुक, बीआरएएस ने जेहरी के बलबल और बीआरजी ने सन्नी क्षेत्र में हमले करने का दावा किया है। ये सभी हमले 2 से 6 जून 2026 के बीच हुए बताए जा रहे हैं।
लेफ्टिनेंट कर्नल अरसान हलीम कौन थे?
बीएलए के दावे के अनुसार, लेफ्टिनेंट कर्नल अरसान हलीम (सेवानिवृत्त) पाकिस्तानी सैन्य खुफिया विभाग के वरिष्ठ अधिकारी थे, जो तुर्बत के कलातुक में हुए हमले में मारे गए। पाकिस्तान सरकार या सेना ने इस दावे की न पुष्टि की है, न खंडन।
क्या पाकिस्तान सेना ने इन हमलों की पुष्टि की है?
नहीं। पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा आईएसपीआर ने इन दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। बलूचिस्तान में मीडिया की सीमित पहुँच के कारण स्वतंत्र पुष्टि भी संभव नहीं हो सकी है।
बीएलए, बीआरएएस और बीआरजी क्या हैं?
ये तीनों बलूचिस्तान में सक्रिय सशस्त्र संगठन हैं जो बलूचिस्तान की पाकिस्तान से स्वतंत्रता की माँग करते हैं। पाकिस्तान सरकार ने इन्हें प्रतिबंधित संगठन घोषित कर रखा है।
बलूचिस्तान में यह संघर्ष कब से चल रहा है?
बलूचिस्तान में सशस्त्र विद्रोह कई दशकों पुराना है, लेकिन 2000 के दशक के मध्य से यह अधिक तीव्र हुआ है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और बलूच सशस्त्र समूहों के बीच टकराव की घटनाएँ नियमित रूप से सामने आती रहती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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