क्या बीआरएएस ने पाकिस्तानी सेना पर 174 हमलों की जिम्मेदारी ली है और 167 सैनिकों को मार गिराने का दावा किया है?

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क्या बीआरएएस ने पाकिस्तानी सेना पर 174 हमलों की जिम्मेदारी ली है और 167 सैनिकों को मार गिराने का दावा किया है?

सारांश

बलूचिस्तान में बीआरएएस ने 2025 में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर 174 हमलों की जिम्मेदारी ली है और 167 सैनिकों को मारने का दावा किया है। यह जानकारी स्थानीय मीडिया द्वारा दी गई है। इस घटना को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं जो इस क्षेत्र की स्थिति को और भी जटिल बनाती हैं।

मुख्य बातें

बीआरएएस ने 2025 में 174 हमलों की जिम्मेदारी ली है।
167 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है।
समूह ने 95 सुरक्षा अधिकारियों को घायल करने की भी जानकारी दी है।
बलूचिस्तान में संघर्ष की स्थिति जटिल है।
स्थानीय लोगों की आवाज़ों को समझना जरूरी है।

क्वेटा, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बलूचिस्तान में स्वतंत्रता समर्थक सशस्त्र समूहों के एक गठबंधन, बलूच राजी आजोई संगर (बीआरएएस) ने 2025 में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर 174 हमलों की जिम्मेदारी स्वीकार की है। समूह का कहना है कि उसने 167 सैन्य और खुफिया विभाग के व्यक्तियों को मार गिराया है। यह जानकारी स्थानीय मीडिया द्वारा दी गई है।

समूह ने उल्लेख किया कि इन हमलों में पूरे प्रांत में 95 पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारी घायल हुए हैं।

द बलूचिस्तान पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, बीआरएएस ने 2025 के लिए अपनी नवीनतम इंफोग्राफिक रिपोर्ट में बताया कि उसके लड़ाकों ने हमलों के दौरान 26 व्यक्तियों को भी पकड़ा, जिनमें पाकिस्तानी खुफिया विभाग के सदस्य भी शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, बीआरएएस ने 35 धमाके, 14 छापे और 35 घेराबंदी और तलाशी अभियानों को अंजाम दिया। इसमें 15 बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया, 30 पाकिस्तानी सरकारी और सैन्य गाड़ियां नष्ट कर दी गईं और 51 हथियार जब्त किए गए।

रिपोर्ट में कहा गया है कि बीआरएएस ने अगस्त 2025 में बलूचिस्तान में एक बड़े हमले में, खुजदार के जेहरी शहर पर एक महीने से ज्यादा समय तक कब्जा जमा रखा था।

समूह ने बड़ी संख्या में गाड़ियों, हथियारों और सैन्य उपकरणों को जब्त करने का दावा किया और कहा कि उसके लड़ाकों ने अपने पूर्ण नियंत्रण वाले इलाके में गश्त की और सार्वजनिक मंच से लोगों को संबोधित किया। पिछले हफ्ते, बीआरएएस से जुड़े हथियारबंद समूहों ने भी अपनी 2025 की सालाना ऑपरेशन रिपोर्ट जारी की थी।

बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) की रिपोर्ट के अनुसार, उसके लड़ाकों ने पिछले साल 521 हमले किए, जिसमें 1,060 से ज्यादा पाकिस्तानी सैन्यकर्मी मारे गए और 556 से ज्यादा घायल हुए।

समूह ने कहा कि गाड़ियां, क्वाडकॉप्टर, सर्विलांस टावर और सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया गया, और 208 हथियार जब्त किए गए।

बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने भी 2025 में बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के खिलाफ 581 हथियारबंद हमलों की जिम्मेदारी ली, जिसमें 929 लोग मारे गए। इनमें 647 सुरक्षाकर्मी मारे गए और 282 लोग घायल हुए।

जनवरी से दिसंबर 2025 की सालाना ऑपरेशनल रिपोर्ट में, बीएलएफ ने कहा कि इन अभियानों से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को जान-माल का काफी नुकसान हुआ।

एक मीडिया बयान में, बीएलएफ प्रवक्ता मेजर ग्वाहरम बलूच ने बलूचिस्तान के "नेशनल रेजिस्टेंस स्ट्रगल" कहे जाने वाले समूह की उपलब्धियों को सराहा और 2025 को "निर्णायक और असाधारण वर्ष" बताया।

इसके अलावा, बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (बीआरजी) ने कहा कि उसने बलूचिस्तान, सिंध और पंजाब समेत पाकिस्तान के कई प्रांतों में 88 हमले किए, जिसमें पाकिस्तानी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले रेलवे ट्रैक, चेकपॉइंट, पुलिस पोस्ट, गैस पाइपलाइन और कम्युनिकेशन टावर को टारगेट किया गया, जिसमें 22 लोगों की जान गई और 35 घायल हो गए।

बलूचिस्तान, पाकिस्तानी प्रशासन के निराशाजनक रवैए का शिकार है। इस इलाके के लोगों का आरोप है कि सैन्य बल, डेथ स्क्वॉड की मदद से स्थानीय बाशिंदों को जबरन गायब करने, न्यायेतर हत्या और गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखने के लिए करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें ध्यान देना चाहिए कि यह संघर्ष केवल सैन्य आंकड़ों का मामला नहीं है। बलूचिस्तान की स्थिति और वहां के लोगों की आवाज़ों को समझना आवश्यक है। यह समय है कि हम इस समस्या के जड़ में जाएं और एक स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाएं।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पाकिस्तानी सेना पर हमलों के पीछे क्या कारण हैं?
इन हमलों का मुख्य कारण बलूचिस्तान के लोगों का स्वतंत्रता की मांग करना है।
क्या बीआरएएस का दावा सच है?
यह दावा स्थानीय मीडिया द्वारा रिपोर्ट किया गया है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
क्या बीआरएएस के हमले नियमित हैं?
बीआरएएस द्वारा हमले की संख्या में वृद्धि देखी गई है, जो एक चिंता का विषय है।
इस संघर्ष का भविष्य क्या है?
इस संघर्ष का भविष्य अनिश्चित है, लेकिन संवाद और समाधान की आवश्यकता है।
राष्ट्र प्रेस
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