सफेद पेठे के जूस के अद्भुत औषधीय लाभ और सेवन के सरल तरीके
सारांश
Key Takeaways
- पौष्टिकता: सफेद पेठा सेहत के लिए बेहद लाभकारी है।
- जूस का सेवन: रोजाना इसका जूस पीना फायदेमंद है।
- पाचन में सुधार: सफेद पेठे का जूस पाचन क्रिया को मजबूत करता है।
- इम्यूनिटी बढ़ाना: इसमें विटामिन्स की उच्च मात्रा होती है।
- कोलेस्ट्रॉल में कमी: नियमित सेवन से कोलेस्ट्रॉल कम होता है।
नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बच्चे अक्सर कई पौष्टिक फल और सब्जियों को देखकर नाक-भौं सिकोड़ने लगते हैं। तोरी, करेला और पेठा जैसी सब्जियाँ हमारे घरों में अक्सर बनती हैं और स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक लाभदायक होती हैं। इन्हीं में से एक है सफेद पेठा, जिसका पारंपरिक उपयोग बड़ियों और मिठाइयों के निर्माण में होता है।
हालांकि, बहुत कम लोग यह जानते हैं कि इसका जूस औषधीय गुणों का भंडार है। प्रतिदिन एक गिलास 'ऐश गॉर्ड' (सफेद पेठा) का जूस पीने से कई बीमारियों से राहत मिलती है।
आयुर्वेद के अनुसार, सफेद पेठा ठंडी तासीर का होता है। इसकी ठंडक के कारण गर्मियों में इसके सेवन की सिफारिश की जाती है। सफेद पेठे का जूस त्रिदोष को संतुलित करता है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। इसके सेवन से पाचन में सुधार होता है, शरीर को ठंडक मिलती है, वजन घटाने में सहायता मिलती है और किडनी की सफाई ठीक से होती है। सफेद पेठे में 96%25 पानी होता है, जो शरीर को हाइड्रेटेड रखता है।
अब जानते हैं सफेद पेठे का जूस बनाने का तरीका। सबसे पहले सफेद पेठे को छीलकर मोटे टुकड़ों में काट लें और बीज अलग कर दें। फिर मिक्सर में पुदीने की पत्तियाँ, थोड़ी काली मिर्च और धनिया डालकर पीस लें। इसे मलमल के कपड़े से अच्छे से छान लें। जूस को लंबे समय तक न रखें, तुरंत पी लें। औषधीय गुणों को बढ़ाने के लिए इसमें नारियल पानी भी मिला सकते हैं। मलमल में बचे गूदे को फेंके नहीं, इसे दही या सब्जी में मिला सकते हैं, क्योंकि इसमें फाइबर की उच्च मात्रा होती है, जो पाचन में सहायक है।
जूस का सेवन सुबह और शाम खाली पेट करना चाहिए। बहुत कम लोग जानते हैं कि नियमित रूप से सफेद पेठे का जूस पीने से कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिलती है। बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल रक्त धमनियों और हृदय पर दबाव डालता है, जिससे रक्त पंप करने में समस्या होती है। इसके अलावा, सफेद पेठे में विटामिन बी-12 और विटामिन सी होते हैं, जो शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं और छोटे-मोटे संक्रमणों से बचाते हैं।