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बलूच सशस्त्र समूहों ने पाकिस्तानी बलों और गैस कुओं पर हमलों की ली जिम्मेदारी, कई जवान हताहत

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बलूच सशस्त्र समूहों ने पाकिस्तानी बलों और गैस कुओं पर हमलों की ली जिम्मेदारी, कई जवान हताहत

सारांश

BLF और BRA ने 7 से 12 जून के बीच बलूचिस्तान के नुश्की, पंजगुर, ग्वादर और डेरा बुगती में FC जवानों, पुलिस चौकियों और OGDCL के गैस कुओं पर हमलों की जिम्मेदारी ली है। कई हताहतों का दावा है, पाकिस्तान सरकार की प्रतिक्रिया अभी नहीं आई।

मुख्य बातें

बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) और बलूच रिपब्लिकन आर्मी (BRA) ने 7 से 12 जून 2026 के बीच कई हमलों की जिम्मेदारी ली।
12 जून को नुश्की में IED हमले में FC के दो जवान मारे गए , कई घायल।
10 जून को पंजगुर में हमले में दो लोगों की मौत और एक घायल होने का दावा।
BRA ने डेरा बुगती में OGDCL के दो गैस कुओं को नष्ट करने और सर्वे टीम पर हमले में दो कर्मचारियों की मौत का दावा किया।
ग्वादर में दो पुलिस चौकियों पर कब्जा, M-16 राइफल व तीन कलाश्निकोव सहित हथियार जब्त।
पाकिस्तान सरकार या सुरक्षा बलों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) और बलूच रिपब्लिकन आर्मी (BRA) ने 7 से 12 जून 2026 के बीच बलूचिस्तान के कई जिलों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों, पुलिस चौकियों और ऊर्जा ढाँचों पर हमलों की जिम्मेदारी ली है। इन कथित हमलों में फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) के जवानों सहित कई लोगों के हताहत होने का दावा किया गया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह जानकारी मंगलवार, 16 जून को सामने आई।

मुख्य घटनाक्रम

BLF के प्रवक्ता मेजर गुहराम बलूच ने एक आधिकारिक बयान में नुश्की, पंजगुर और ग्वादर जिलों में की गई कार्रवाइयों का विवरण दिया। संगठन के अनुसार, 12 जून को नुश्की के माल क्षेत्र में एक IED हमले में FC के दो जवान मारे गए और कई अन्य घायल हो गए, जब उनके वाहन को निशाना बनाया गया।

10 जून को पंजगुर जिले में हुए एक अलग हमले में दो लोगों की मौत और एक व्यक्ति के घायल होने का दावा किया गया है। BLF का आरोप है कि मारे गए लोग पाकिस्तान सुरक्षा बलों से संबद्ध थे और उस समय FC कैंप की ओर जा रहे थे।

9 जून को नुश्की के कुचकी क्षेत्र में BLF लड़ाकों ने कथित तौर पर एक चेकपोस्ट स्थापित की, वाहनों की तलाशी ली, एक पुलिस पोस्ट पर अस्थायी कब्जा किया और सरकारी दस्तावेज़ जला दिए। यह नाकेबंदी लगभग दो घंटे तक चली।

7 जून को ग्वादर जिले के गॉबद कलातो क्षेत्र में धू-बिस्ट पंजाह रोड पर कई स्थानों पर चेकपोस्ट लगाए गए। BLF का दावा है कि दो पुलिस चौकियों पर कब्जा कर एक M-16 राइफल, तीन कलाश्निकोव, पुलिस वाहन और अन्य उपकरण जब्त किए गए, तथा CCTV निगरानी कैमरे नष्ट कर दिए गए।

ऊर्जा ढाँचों पर हमले

बलूच रिपब्लिकन आर्मी (BRA) ने अलग से दावा किया कि उसने बलूचिस्तान के डेरा बुगती जिले में तोबा साइट पर दो गैस कुओं को नष्ट कर दिया। BRA के प्रवक्ता सरबाज बलूच ने बताया कि उसी क्षेत्र में ऑयल एंड गैस डेव्लपमेंट कंपनी लिमिटेड (OGDCL) की एक सर्वे टीम पर भी हमला किया गया, जिसमें कथित तौर पर दो कंपनी कर्मचारी मारे गए

BRA का कहना है कि ये हमले बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों के उस दोहन को रोकने के लिए किए गए जो बलूच जनता की सहमति के बिना हो रहा है। संगठन ने पाकिस्तान सरकार पर आरोप लगाया कि वह वर्षों से डेरा बुगती में सैन्य अभियान चला रही है ताकि तेल-गैस उत्पादन बाधारहित जारी रहे, जिसके परिणामस्वरूप नागरिकों की मौत, जबरन गुमशुदगी और बड़े पैमाने पर विस्थापन हुआ है।

पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब बलूचिस्तान में सशस्त्र समूहों और सुरक्षा बलों के बीच तनाव लंबे समय से बना हुआ है। गौरतलब है कि BLF और BRA दोनों पाकिस्तान सरकार द्वारा प्रतिबंधित संगठन हैं। OGDCL पाकिस्तान की सरकारी तेल-गैस कंपनी है, और डेरा बुगती क्षेत्र दशकों से ऊर्जा संसाधनों को लेकर विवाद का केंद्र रहा है।

पाकिस्तान सरकार या सुरक्षा बलों की ओर से इन दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इन हमलों की स्वतंत्र पुष्टि तत्काल संभव नहीं हो सकी है।

आगे क्या

इन हमलों के बाद बलूचिस्तान में सुरक्षा स्थिति और ऊर्जा अवसंरचना की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि OGDCL जैसी कंपनियों के परिचालन पर इन घटनाओं का असर पड़ सकता है। पाकिस्तानी अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती अगले चरण को निर्धारित करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आर्थिक दबाव को भी हथियार बनाया जा रहा है। पाकिस्तान सरकार का इन दावों पर मौन उसकी पारंपरिक रणनीति के अनुरूप है, लेकिन इससे स्वतंत्र सत्यापन की गुंजाइश और भी कम हो जाती है। जब तक क्षेत्र में स्वतंत्र पत्रकारों और मानवाधिकार संगठनों की पहुँच नहीं बढ़ती, दोनों पक्षों के दावे अपुष्ट ही रहेंगे।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BLF और BRA ने किन जगहों पर हमलों की जिम्मेदारी ली है?
BLF ने नुश्की, पंजगुर और ग्वादर जिलों में हमलों की जिम्मेदारी ली है, जबकि BRA ने डेरा बुगती जिले में OGDCL के गैस कुओं और सर्वे टीम पर हमले का दावा किया है। ये सभी घटनाएँ 7 से 12 जून 2026 के बीच की बताई गई हैं।
इन हमलों में कितने लोगों के हताहत होने का दावा किया गया है?
BLF के अनुसार नुश्की में FC के दो जवान मारे गए और पंजगुर में दो अन्य लोगों की मौत हुई। BRA ने डेरा बुगती में OGDCL के दो कर्मचारियों की मौत का दावा किया है। ये सभी आँकड़े संबंधित सशस्त्र समूहों के दावों पर आधारित हैं और स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सके हैं।
बलूच सशस्त्र समूह ऊर्जा ढाँचों को क्यों निशाना बना रहे हैं?
BRA का कहना है कि ये हमले बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों के उस दोहन के विरोध में हैं जो बलूच जनता की सहमति के बिना हो रहा है। संगठन ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान सरकार डेरा बुगती में सैन्य अभियान चलाकर तेल-गैस उत्पादन को आगे बढ़ा रही है, जिसके कारण नागरिकों की मौत और जबरन विस्थापन हुआ है।
पाकिस्तान सरकार ने इन हमलों पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
16 जून 2026 तक पाकिस्तान सरकार या सुरक्षा बलों की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी। यह पाकिस्तानी अधिकारियों की उस सामान्य रणनीति के अनुरूप है जिसमें बलूच सशस्त्र समूहों के दावों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार या नकारा नहीं जाता।
BLF और BRA क्या हैं?
बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) और बलूच रिपब्लिकन आर्मी (BRA) दोनों बलूचिस्तान में सक्रिय सशस्त्र समूह हैं जिन्हें पाकिस्तान सरकार ने प्रतिबंधित संगठन घोषित किया हुआ है। ये समूह बलूचिस्तान की स्वायत्तता या स्वतंत्रता की माँग करते हैं और दशकों से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष में हैं।
राष्ट्र प्रेस
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