संयुक्त राष्ट्र में चीन का आह्वान: महिलाओं के लिए शांतिपूर्ण वातावरण बनाए अंतरराष्ट्रीय समुदाय
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन की स्थायी प्रतिनिधि फू छोंग ने 28 अक्टूबर 2026 को 'महिलाएं, शांति और सुरक्षा' विषय पर आयोजित खुली बहस में वैश्विक समुदाय से महिलाओं के लिए एक शांतिपूर्ण और स्थिर वातावरण सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि तेज़ी से अस्थिर होती अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में महिलाएं हिंसा, भेदभाव और गरीबी जैसी बहुआयामी चुनौतियों का सामना कर रही हैं।
प्रस्ताव 1325 पर ज़ोर
फू छोंग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 1325 को प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस प्रस्ताव के तहत महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके हितों के विकास को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक स्तर पर सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। गौरतलब है कि यह प्रस्ताव संघर्ष और शांति-निर्माण प्रक्रियाओं में महिलाओं की भूमिका को मान्यता देने वाला पहला महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय दस्तावेज़ माना जाता है।
शांति प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी
फू छोंग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अधिक से अधिक महिलाओं को उनके नेतृत्व कौशल निखारने में सहायता करनी चाहिए और शांति प्रक्रिया में उनकी पूर्ण एवं सार्थक भागीदारी को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से विकासशील देशों की महिलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें मध्यस्थता, युद्धविराम निगरानी और राजनीतिक निर्णय प्रक्रियाओं में अपनी प्रतिभा का पूर्ण उपयोग करने का अवसर मिलना चाहिए।
विकास और डिजिटल समानता पर बल
फू छोंग ने कहा कि विकास सभी समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण आधार है और विकास का अधिकार सबसे मौलिक मानवाधिकार है। उन्होंने सभी देशों से आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों में महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अधिक संसाधन लगाने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उभरती प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाकर महिलाओं को संसाधनों और अवसरों तक समान पहुँच दिलानी चाहिए, ऑनलाइन भेदभाव को रोकना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि महिलाएं डिजिटल युग के लाभों का सुरक्षित रूप से आनंद उठा सकें।
संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण की माँग
फू छोंग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित पुनर्निर्माण को बढ़ावा देना चाहिए और महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा व रोज़गार तक समान पहुँच दिलाने में सहायता करनी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब दुनिया के कई हिस्सों में जारी संघर्षों ने महिलाओं की स्थिति को विशेष रूप से प्रभावित किया है।
चीन की प्रतिबद्धता
फू छोंग ने कहा कि चीन वैश्विक महिला अधिकारों का प्रबल समर्थक और सक्रिय योगदानकर्ता रहा है। उन्होंने कहा कि चीन विभिन्न पक्षों के साथ मिलकर ठोस कार्यों के माध्यम से 'महिला, शांति और सुरक्षा' के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखने के लिए प्रतिबद्ध है। आलोचकों का कहना है कि इस प्रकार के वैश्विक मंचों पर दिए गए वक्तव्यों को ज़मीनी क्रियान्वयन की कसौटी पर परखा जाना ज़रूरी है।