संयुक्त राष्ट्र में चीन की अपील: बच्चों की सुरक्षा के लिए तत्काल संघर्ष विराम ज़रूरी
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 27 अक्टूबर 2026 को बच्चों और सशस्त्र संघर्ष विषय पर आयोजित खुली बैठक में चीन के स्थायी प्रतिनिधि फू त्सोंग ने स्पष्ट रूप से कहा कि बच्चों की रक्षा का सबसे सीधा और प्रभावशाली उपाय संघर्ष तथा हिंसा को शीघ्रातिशीघ्र समाप्त करना है। उन्होंने वैश्विक समुदाय से बातचीत और कूटनीति के रास्ते मुख्य विवादों का राजनीतिक समाधान निकालने का आग्रह किया।
मुख्य घटनाक्रम
फू त्सोंग ने सभी संघर्षरत पक्षों से संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का सम्मान करने, शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयाँ तत्काल बंद करने और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्वों का पूर्ण पालन करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों, स्कूलों और अन्य नागरिक ठिकानों को किसी भी परिस्थिति में निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने सभी पक्षों से 'साझा, व्यापक, सहयोगी और सतत सुरक्षा' की अवधारणा अपनाने का आह्वान किया। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में आयोजित हुई जब फिलिस्तीनी कब्जे वाले क्षेत्रों और हैती जैसे संघर्षग्रस्त इलाकों में बच्चों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है।
फिलिस्तीन और हैती पर विशेष चिंता
फू त्सोंग ने विशेष रूप से फिलिस्तीनी कब्जे वाले क्षेत्रों और हैती का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में बच्चे दीर्घकालिक संघर्ष और हिंसा का सामना कर रहे हैं, जिससे उनकी जान और सुरक्षा को गंभीर खतरा है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि बच्चों को समय पर आवश्यक सहायता और मनोवैज्ञानिक सहयोग मिलना चाहिए ताकि वे संघर्ष से उपजे भय और मानसिक आघात से उबर सकें।
मानवीय सहायता और जवाबदेही पर ज़ोर
चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से बच्चों के विरुद्ध होने वाले अत्याचारों को रोकने के लिए ज़रूरी कदम उठाने और ऐसे अपराधों के लिए जवाबदेही तय करने का समर्थन किया। साथ ही, मानवीय सहायता बढ़ाने और संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुँचाना सुलभ बनाने पर बल दिया गया।
फू त्सोंग ने यह भी कहा कि चीन, संयुक्त राष्ट्र और अफ्रीकी संघ के बीच सहयोग को और प्रगाढ़ करने के पक्ष में है और संघर्ष प्रभावित देशों में बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी क्षमताएँ विकसित करने में सहायता जारी रखेगा।
विकासशील देशों को सहायता का वादा
चीन ने अपनी क्षमता के अनुसार अफ्रीका सहित अन्य विकासशील देशों को सहायता देने की प्रतिबद्धता दोहराई। फू त्सोंग ने कहा कि चीन अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर हिंसा रोकने, मानवीय राहत मज़बूत करने और दुनिया भर के बच्चों को शांतिपूर्ण एवं स्थिर माहौल में पलने-बढ़ने का अवसर देने के लिए प्रयासरत रहेगा।
आगे क्या
यह बैठक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के व्यापक एजेंडे का हिस्सा है, जिसके तहत सशस्त्र संघर्षों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ाया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, राजनीतिक समाधान के बिना केवल मानवीय सहायता से दीर्घकालिक सुरक्षा संभव नहीं है।