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गाजा में स्थायी युद्धविराम का चीन का आह्वान, सुरक्षा परिषद में फू छोंग बोले — बल से शांति नहीं मिलती

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गाजा में स्थायी युद्धविराम का चीन का आह्वान, सुरक्षा परिषद में फू छोंग बोले — बल से शांति नहीं मिलती

सारांश

चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक में गाजा में स्थायी युद्धविराम की माँग दोहराई। प्रतिनिधि फू छोंग ने कहा कि बल से शांति नहीं मिलती और इजरायल से युद्धविराम समझौते का पूरी तरह पालन करने का आग्रह किया।

मुख्य बातें

संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि फू छोंग ने 18 जून को सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक में गाजा में स्थायी और वास्तविक युद्धविराम का आह्वान किया।
पिछले अक्टूबर के युद्धविराम समझौते के बावजूद इजरायली सैन्य कार्रवाई में 1,000 से अधिक लोग मारे गए।
चीन ने इजरायल से युद्धविराम समझौते का पूर्णतः पालन करने और जोखिम भरी कार्रवाइयाँ रोकने की माँग की।
फू छोंग ने कहा कि बल प्रयोग से स्थायी सुरक्षा नहीं मिल सकती, बल्कि शांति में बाधाएँ बढ़ती हैं।
चीन ने प्रभावशाली देशों से स्थायी युद्धविराम के लिए अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।

संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि फू छोंग ने 18 जून को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की गाजा मानवीय स्थिति पर आयोजित आपातकालीन खुली बैठक में कहा कि गाजा में एक स्थायी और वास्तविक युद्धविराम अब अपरिहार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बल प्रयोग से दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती, बल्कि इससे शांति की राह में और बाधाएँ उत्पन्न होती हैं।

मुख्य घटनाक्रम

फू छोंग ने सुरक्षा परिषद को संबोधित करते हुए कहा कि हाल के दिनों में मध्य पूर्व में तनाव में कुछ कमी आई है। चीन को उम्मीद है कि यह सकारात्मक माहौल बना रहेगा और गाजा सहित अन्य क्षेत्रीय संवेदनशील मुद्दों के समाधान के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ तैयार होंगी।

गौरतलब है कि पिछले अक्टूबर में गाजा युद्धविराम समझौता हुआ था, लेकिन अपेक्षित शांति स्थापित नहीं हो सकी। इसके बाद इजरायली सैन्य कार्रवाई में 1,000 से अधिक लोग मारे गए। इजरायल का सैन्य विस्तार जारी है, जिसे चीन ने गंभीर चिंता का विषय बताया है।

चीन की माँग

चीन ने सभी संबंधित पक्षों — विशेष रूप से इजरायल — से युद्धविराम समझौते का पूर्णतः पालन करने और किसी भी जोखिम भरी कार्रवाई को तत्काल रोकने का आग्रह किया। फू छोंग ने कहा कि जिन देशों का संबंधित पक्षों पर महत्वपूर्ण प्रभाव है, उन्हें स्थायी युद्धविराम सुनिश्चित करने के लिए अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में कूटनीतिक गतिविधियाँ तेज हो रही हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय गाजा में मानवीय संकट को लेकर गहरी चिंता व्यक्त कर रहा है। चीन की यह स्थिति उसके उस सुसंगत रुख के अनुरूप है जिसमें वह बातचीत और राजनयिक समाधान को प्राथमिकता देता है।

आगे क्या

सुरक्षा परिषद में चीन की यह अपील ऐसे समय में आई है जब विभिन्न देश गाजा में युद्धविराम को लेकर अपनी-अपनी कूटनीतिक कोशिशें तेज कर रहे हैं। अब यह देखना होगा कि प्रभावशाली देश इस दिशा में कितने ठोस कदम उठाते हैं और क्या सुरक्षा परिषद किसी सहमति पर पहुँच पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें ठोस क्रियान्वयन तंत्र का अभाव है — 'स्थायी युद्धविराम' की माँग बिना किसी बाध्यकारी प्रस्ताव के महज़ एक राजनयिक अपील बनकर रह जाती है। गौरतलब है कि चीन सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य है और वीटो शक्ति का उपयोग कर सकता है, फिर भी उसने किसी बाध्यकारी प्रस्ताव की बात नहीं की। मध्य पूर्व में चीन की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता — जैसे 2023 में सऊदी-ईरान मध्यस्थता — के संदर्भ में यह बयान उसकी वैश्विक भूमिका को रेखांकित करने की कोशिश भी है। असली परीक्षा यह है कि क्या चीन इस बार महज़ वक्तव्य से आगे बढ़कर कोई ठोस कूटनीतिक पहल करता है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन ने गाजा युद्धविराम पर सुरक्षा परिषद में क्या कहा?
चीन के स्थायी प्रतिनिधि फू छोंग ने 18 जून को सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक में गाजा में स्थायी और वास्तविक युद्धविराम का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बल प्रयोग से दीर्घकालिक शांति नहीं मिल सकती।
गाजा में युद्धविराम समझौते के बाद भी हिंसा क्यों जारी रही?
पिछले अक्टूबर में युद्धविराम समझौता हुआ था, लेकिन इसके बाद भी इजरायली सैन्य कार्रवाई जारी रही और 1,000 से अधिक लोग मारे गए। इजरायल का सैन्य विस्तार जारी है, जिसे चीन ने गंभीर चिंता का विषय बताया है।
चीन ने किन देशों से सक्रिय भूमिका की माँग की?
चीन ने उन देशों से अधिक सक्रिय कदम उठाने का आग्रह किया जिनका संबंधित पक्षों पर महत्वपूर्ण प्रभाव है। विशेष रूप से इजरायल से युद्धविराम समझौते का पूर्णतः पालन करने और जोखिम भरी कार्रवाइयाँ बंद करने को कहा गया।
मध्य पूर्व में तनाव को लेकर चीन का रुख क्या है?
चीन का मानना है कि हाल में मध्य पूर्व में तनाव में कुछ कमी आई है और वह चाहता है कि यह सकारात्मक स्थिति बनी रहे। चीन गाजा सहित अन्य क्षेत्रीय मुद्दों के समाधान के लिए राजनयिक और बातचीत के रास्ते को प्राथमिकता देता है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की यह बैठक क्यों बुलाई गई थी?
यह बैठक गाजा में मानवीय स्थिति की समीक्षा के लिए आपातकालीन आधार पर 18 जून को बुलाई गई थी। बैठक में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने गाजा संघर्ष पर अपने-अपने रुख रखे।
राष्ट्र प्रेस
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