12 अगस्त 2026
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फिलिस्तीन-इजरायल संघर्ष: चीन ने UN सुरक्षा परिषद में हिंसा रोकने और 'दो राज्य समाधान' का आह्वान किया

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फिलिस्तीन-इजरायल संघर्ष: चीन ने UN सुरक्षा परिषद में हिंसा रोकने और 'दो राज्य समाधान' का आह्वान किया

सारांश

UN सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक में चीन ने साफ़ कहा — हिंसा अभी रुकनी चाहिए और 'दो राज्य समाधान' पर कोई समझौता नहीं। फू छोंग ने इजरायल से फिलिस्तीनी क्षेत्र पर कब्ज़ा खत्म करने की माँग की और अंतर्राष्ट्रीय कानून की अनदेखी को संकट की जड़ बताया।

मुख्य बातें

चीन के स्थायी UN प्रतिनिधि फू छोंग ने 11 अगस्त को UN सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक में भाषण दिया।
फू छोंग ने जॉर्डन नदी के पश्चिमी तट और गाजा पट्टी पर स्थिति को तेज़ी से बिगड़ता हुआ बताया।
चीन ने 'दो राज्य समाधान' को फिलिस्तीन संकट का एकमात्र सही रास्ता बताया और इस पर किसी भी दुविधा को अस्वीकार्य कहा।
इजरायल से फिलिस्तीनी क्षेत्र पर कथित अवैध कब्ज़ा जल्द समाप्त करने की माँग की गई।
अंतर्राष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों की अनदेखी और फिलिस्तीनी अधिकारों की उपेक्षा को संकट की मूल वजह बताया गया।

संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि फू छोंग ने 11 अगस्त को UN सुरक्षा परिषद की फिलिस्तीन-इजरायल मुद्दे पर बुलाई गई आपातकालीन खुली बैठक में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से संघर्ष और हिंसा को तत्काल रोकने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'दो राज्य समाधान' ही इस दीर्घकालिक संकट का एकमात्र व्यावहारिक मार्ग है।

बिगड़ती स्थिति पर चीन की चिंता

फू छोंग ने बैठक में कहा कि हाल के समय में जॉर्डन नदी के पश्चिमी तट और गाजा पट्टी पर हालात तेज़ी से बिगड़े हैं। उनके अनुसार, फिलिस्तीनी नागरिकों की पीड़ा लगातार गहरी होती जा रही है। उन्होंने इसकी जड़ में अंतर्राष्ट्रीय कानून के बुनियादी सिद्धांतों की अनदेखी और फिलिस्तीनी लोगों के जीने व विकास के अधिकारों की दीर्घकालिक उपेक्षा को बताया।

यह ऐसे समय में आया है जब गाजा में मानवीय संकट पर वैश्विक दबाव लगातार बढ़ रहा है और संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियाँ वहाँ की स्थिति को गंभीर बता चुकी हैं।

अंतर्राष्ट्रीय कानून और फिलिस्तीनी अधिकारों पर ज़ोर

फू छोंग ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वह सहमति बनाकर फिलिस्तीन के कानूनी अधिकारों से इनकार करने वाले और उनका उल्लंघन करने वाले सभी 'गलत बयानों' को सुधारे। उन्होंने कहा कि गाजा और पश्चिमी तट फिलिस्तीन के अभिन्न अंग हैं और इजरायल को फिलिस्तीनी क्षेत्र पर कथित तौर पर जारी अवैध कब्ज़ा जल्द से जल्द समाप्त करना होगा।

'दो राज्य समाधान' पर चीन का स्पष्ट रुख

चीनी प्रतिनिधि ने दोहराया कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में 'दो राज्य समाधान' को फिलिस्तीन मुद्दे के स्थायी निपटारे का एकमात्र सही रास्ता माना जाता है। फू छोंग ने कहा कि इस समाधान पर किसी भी प्रकार की हिचकिचाहट, संशय या दुविधा स्वीकार्य नहीं है।

गौरतलब है कि चीन लंबे समय से फिलिस्तीन के समर्थन में अपनी स्थिति बनाए रखे हुए है और UN सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य के रूप में इस मुद्दे पर सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।

आगे की राह

सुरक्षा परिषद की यह आपातकालीन बैठक ऐसे समय में हुई जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है। चीन की ओर से इस मंच पर दिया गया यह बयान संकेत देता है कि बीजिंग इस संघर्ष में कूटनीतिक समाधान के लिए बहुपक्षीय दबाव बढ़ाने के पक्ष में है। विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले हफ्तों में सुरक्षा परिषद में इस मुद्दे पर और बैठकें हो सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आलोचक पूछते हैं कि UN सुरक्षा परिषद में वीटो शक्ति रखने वाले देशों के बीच आम सहमति के बिना ऐसे आह्वान कितने प्रभावी होते हैं। 'दो राज्य समाधान' दशकों से अंतर्राष्ट्रीय सहमति का हिस्सा है, फिर भी ज़मीन पर स्थिति बदलती नहीं दिखती। चीन की इस सक्रियता को उसकी मध्य-पूर्व में बढ़ती कूटनीतिक महत्वाकांक्षा के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए — जो 2023 में सऊदी-ईरान मध्यस्थता से और स्पष्ट हुई थी। असली सवाल यह है कि क्या बीजिंग इस बार महज़ बयानबाज़ी से आगे जाकर ठोस कूटनीतिक पहल करेगा।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UN सुरक्षा परिषद की इस आपातकालीन बैठक का कारण क्या था?
फिलिस्तीन-इजरायल संघर्ष में बढ़ती हिंसा और गाजा व पश्चिमी तट पर तेज़ी से बिगड़ती स्थिति के मद्देनज़र यह आपातकालीन खुली बैठक बुलाई गई। इसमें सदस्य देशों ने अपनी-अपनी स्थिति स्पष्ट की।
चीन का 'दो राज्य समाधान' पर क्या रुख है?
चीन 'दो राज्य समाधान' को फिलिस्तीन मुद्दे का एकमात्र सही और स्थायी समाधान मानता है। UN प्रतिनिधि फू छोंग ने स्पष्ट कहा कि इस पर किसी भी प्रकार की हिचकिचाहट या दुविधा स्वीकार्य नहीं है।
फू छोंग ने फिलिस्तीनी संकट की मूल वजह क्या बताई?
फू छोंग के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय कानून के बुनियादी सिद्धांतों का पालन न होना और फिलिस्तीनी लोगों के जीने व विकास के अधिकारों की दीर्घकालिक अनदेखी इस संकट की जड़ में है।
चीन ने इजरायल से क्या माँग की?
चीनी प्रतिनिधि ने इजरायल से फिलिस्तीनी क्षेत्र पर कथित अवैध कब्ज़ा जल्द से जल्द समाप्त करने की माँग की। उन्होंने कहा कि गाजा और पश्चिमी तट फिलिस्तीन के अभिन्न अंग हैं।
इस बैठक में चीन की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण है?
चीन UN सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य और वीटो शक्ति संपन्न देश है, इसलिए उसका रुख वैश्विक कूटनीति पर सीधा असर डालता है। हाल के वर्षों में मध्य-पूर्व में चीन की कूटनीतिक सक्रियता बढ़ी है।
राष्ट्र प्रेस
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