फिलिस्तीन-इजरायल संघर्ष: चीन ने UN सुरक्षा परिषद में हिंसा रोकने और 'दो राज्य समाधान' का आह्वान किया
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि फू छोंग ने 11 अगस्त को UN सुरक्षा परिषद की फिलिस्तीन-इजरायल मुद्दे पर बुलाई गई आपातकालीन खुली बैठक में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से संघर्ष और हिंसा को तत्काल रोकने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'दो राज्य समाधान' ही इस दीर्घकालिक संकट का एकमात्र व्यावहारिक मार्ग है।
बिगड़ती स्थिति पर चीन की चिंता
फू छोंग ने बैठक में कहा कि हाल के समय में जॉर्डन नदी के पश्चिमी तट और गाजा पट्टी पर हालात तेज़ी से बिगड़े हैं। उनके अनुसार, फिलिस्तीनी नागरिकों की पीड़ा लगातार गहरी होती जा रही है। उन्होंने इसकी जड़ में अंतर्राष्ट्रीय कानून के बुनियादी सिद्धांतों की अनदेखी और फिलिस्तीनी लोगों के जीने व विकास के अधिकारों की दीर्घकालिक उपेक्षा को बताया।
यह ऐसे समय में आया है जब गाजा में मानवीय संकट पर वैश्विक दबाव लगातार बढ़ रहा है और संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियाँ वहाँ की स्थिति को गंभीर बता चुकी हैं।
अंतर्राष्ट्रीय कानून और फिलिस्तीनी अधिकारों पर ज़ोर
फू छोंग ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वह सहमति बनाकर फिलिस्तीन के कानूनी अधिकारों से इनकार करने वाले और उनका उल्लंघन करने वाले सभी 'गलत बयानों' को सुधारे। उन्होंने कहा कि गाजा और पश्चिमी तट फिलिस्तीन के अभिन्न अंग हैं और इजरायल को फिलिस्तीनी क्षेत्र पर कथित तौर पर जारी अवैध कब्ज़ा जल्द से जल्द समाप्त करना होगा।
'दो राज्य समाधान' पर चीन का स्पष्ट रुख
चीनी प्रतिनिधि ने दोहराया कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में 'दो राज्य समाधान' को फिलिस्तीन मुद्दे के स्थायी निपटारे का एकमात्र सही रास्ता माना जाता है। फू छोंग ने कहा कि इस समाधान पर किसी भी प्रकार की हिचकिचाहट, संशय या दुविधा स्वीकार्य नहीं है।
गौरतलब है कि चीन लंबे समय से फिलिस्तीन के समर्थन में अपनी स्थिति बनाए रखे हुए है और UN सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य के रूप में इस मुद्दे पर सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।
आगे की राह
सुरक्षा परिषद की यह आपातकालीन बैठक ऐसे समय में हुई जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है। चीन की ओर से इस मंच पर दिया गया यह बयान संकेत देता है कि बीजिंग इस संघर्ष में कूटनीतिक समाधान के लिए बहुपक्षीय दबाव बढ़ाने के पक्ष में है। विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले हफ्तों में सुरक्षा परिषद में इस मुद्दे पर और बैठकें हो सकती हैं।