साइना नेहवाल ने चंडीगढ़ ट्राइसिटी मैराथन को झंडी दिखाई, बोलीं — फिटनेस के लिए रोज़ एक घंटा ज़रूर निकालें
सारांश
मुख्य बातें
ओलंपिक पदक विजेता और पूर्व बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल ने 27 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित ट्राइसिटी मैराथन को हरी झंडी दिखाकर शुरू किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों और युवाओं से पढ़ाई के साथ-साथ खेल और फिटनेस को अपनी दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाने का आह्वान किया। यह आयोजन देशभर में बढ़ती फिटनेस जागरूकता के बीच एक सकारात्मक सामाजिक संदेश लेकर आया।
साइना का संदेश — हर दिन एक घंटा फिटनेस को
मैराथन को झंडी दिखाने के बाद अपने संबोधन में साइना नेहवाल ने कहा, 'हम यहां अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करते हैं, लेकिन अपनी जिंदगी के हर एक दिन हमें यह मानना होगा कि हमें अपनी फिटनेस के लिए कम से कम एक घंटा देना चाहिए।' उन्होंने आगे जोड़ा कि एक खिलाड़ी के रूप में उनका दृढ़ विश्वास है कि नियमित व्यायाम दिनभर का तनाव, थकान और मानसिक दबाव दूर करने का सबसे प्रभावी तरीका है।
उन्होंने कहा, 'पक्का करें कि आप हर दिन एक घंटा निकालें — मुश्किल समय में भी और चाहे आप कितनी भी मेहनत क्यों न करें।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत में युवाओं में सेडेंटरी लाइफस्टाइल और स्क्रीन समय लगातार बढ़ रहा है।
चीन, कोरिया और यूरोप से सीखने की ज़रूरत
साइना ने भारत की तुलना खेल महाशक्तियों से करते हुए कहा कि चीन, कोरिया और यूरोप के खिलाड़ी फिटनेस को अपने जीवन की प्राथमिकता बनाते हैं और प्रतिदिन जिम व एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या में सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं चाहती हूं कि आने वाले वर्षों में भारत भी ऐसी ही स्थिति में पहुंचे।' गौरतलब है कि ओलंपिक पदक तालिका में भारत अब भी प्रति करोड़ जनसंख्या के अनुपात में कई विकसित देशों से पीछे है।
नशामुक्त भारत का संकल्प और माता-पिता की भूमिका
साइना ने इस अवसर पर कहा कि इस तरह के मैराथन आयोजन भारत को नशामुक्त बनाने की दिशा में भी सहायक हैं। उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों पर विशेष ध्यान दें और उन्हें पढ़ाई, खेल तथा फिटनेस के लिए अधिकतम समय देने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा, 'बच्चों को सही दिशा में गाइड करना माता-पिता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।'
आयोजन और भागीदारी
ट्राइसिटी मैराथन में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। साइना ने आयोजकों और प्रायोजकों की सराहना करते हुए कहा, 'मैं सभी प्रायोजकों को बधाई देना चाहती हूं, जिन्होंने इस मैराथन को इतने अच्छे से आयोजित किया है।' उन्होंने यह भी कहा कि लोगों की बड़ी भागीदारी यह दर्शाती है कि भारतीय नागरिक अब अपने स्वास्थ्य और फिटनेस को लेकर पहले से अधिक जागरूक हो रहे हैं — जो एक अत्यंत सकारात्मक संकेत है।
आगे की राह
साइना नेहवाल जैसी राष्ट्रीय आइकन की मैराथन में उपस्थिति इस संदेश को व्यापक जन-समूह तक पहुंचाती है कि फिटनेस केवल पेशेवर खिलाड़ियों के लिए नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उम्मीद है कि इस तरह के जन-आंदोलन आने वाले वर्षों में भारत की खेल संस्कृति और सार्वजनिक स्वास्थ्य को एक नई दिशा देंगे।