फिट इंडिया 'संडे ऑन साइकिल' का 96वाँ संस्करण नई दिल्ली में आयोजित, आर्यन कुमार ने दिखाई हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
फिट इंडिया अभियान के तहत प्रतिष्ठित 'संडे ऑन साइकिल' कार्यक्रम का 96वाँ संस्करण रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया, जिसे राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी आर्यन कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में युवाओं से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक बड़ी संख्या में भागीदारी देखी गई।
आर्यन कुमार का संदेश
राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी आर्यन कुमार ने इस अवसर पर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, 'यह हमारी सरकार की एक बहुत ही शानदार पहल है। एक एथलीट के तौर पर मुझे पता है कि आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में शारीरिक गतिविधि कितनी ज़रूरी है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि भले ही कोई पेशेवर खिलाड़ी न हो, शारीरिक गतिविधि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी उतनी ही आवश्यक है।
कुमार ने कहा, ''संडे ऑन साइकिल' एक बहुत अच्छी पहल है। मुझे लगता है कि यह रोमांचक है, यह नया है, और यह लोगों को सुबह अपने घरों से बाहर निकाल रहा है।' एक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी की ओर से यह समर्थन इस अभियान को व्यापक सामाजिक मान्यता देता है।
कार्यक्रम में उत्साही भागीदारी
इस बार के आयोजन में युवाओं की भारी उपस्थिति दर्ज हुई। साइकिलिंग के साथ-साथ कुछ प्रतिभागी फिटनेस के लिए डांस का अभ्यास करते हुए भी नज़र आए। वरिष्ठ आयु वर्ग के नागरिकों की सहभागिता ने यह दर्शाया कि यह अभियान केवल युवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी आयु समूहों को जोड़ रहा है।
अभियान की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
'संडे ऑन साइकिल' अभियान की शुरुआत दिसंबर 2024 में केंद्रीय खेल और युवा कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने की थी। तब से लेकर अब तक यह कार्यक्रम न केवल नई दिल्ली, बल्कि देशभर के अनेक शहरों में प्रत्येक रविवार को आयोजित होता आ रहा है। 96 सप्ताहों की निरंतरता इस अभियान की व्यापक स्वीकार्यता को रेखांकित करती है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में शहरी आबादी के बीच जीवनशैली-जनित रोगों, जैसे मोटापा और मानसिक तनाव, की दर तेज़ी से बढ़ रही है। गौरतलब है कि सरकार इस अभियान के ज़रिये युवाओं को नशामुक्ति की ओर प्रेरित करने पर भी काम कर रही है।
पर्यावरण और स्वास्थ्य का दोहरा लाभ
साइकिलिंग के प्रसार का एक बड़ा उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण भी है। ईंधन की बचत और वायु प्रदूषण में कमी इस अभियान के व्यापक लक्ष्यों में शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित साइकिलिंग से हृदय रोग, मधुमेह और मानसिक अवसाद के जोखिम में उल्लेखनीय कमी आती है।
आगे की राह
यह अभियान आने वाले रविवारों को भी जारी रहेगा। जिस गति से यह आयोजन देश के नए शहरों और ज़िलों तक पहुँच रहा है, उससे स्पष्ट है कि 'फिट इंडिया' की यह पहल एक सामाजिक आंदोलन का रूप लेती जा रही है।