'संडे ऑन साइकिल' के 74वें संस्करण में जीएसटी अधिकारी शामिल, नरेंद्र यादव बोले — मजबूत नागरिक से मजबूत देश
सारांश
मुख्य बातें
फिट इंडिया मूवमेंट के तहत हर रविवार आयोजित होने वाले 'संडे ऑन साइकिल' के 74वें संस्करण में 17 मई को जीएसटी और कस्टम विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। इस इवेंट का उद्देश्य समाज के हर तबके तक फिटनेस का संदेश पहुँचाना है, और हर सप्ताह किसी अलग वर्ग को इसका हिस्सा बनाया जाता है।
नरेंद्र यादव का संदेश
जीएसटी के अतिरिक्त निदेशक और फिट इंडिया के ब्रांड एंबेसडर नरेंद्र कुमार यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'यह साइकिल फिट इंडिया पर हमारा नियमित रविवारीय आयोजन है। हम इसे हर रविवार पूरे देश में आयोजित करते हैं।' उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के अनुरूप साइकिल केवल स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए नहीं, बल्कि ईंधन की बचत के ज़रिये देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी ज़रूरी है।
यादव ने नागरिकों से आग्रह किया कि जब और जहाँ भी मौका मिले, साइकिल ज़रूर चलाएँ। उनका मानना है कि 'अगर नागरिक मजबूत बनेंगे, तभी देश मजबूत बनेगा' — यही इस पूरे आंदोलन की आत्मा है।
आर फिट इंडिया के हेड कोच का नज़रिया
आर फिट इंडिया के फाउंडर और हेड कोच अश्विन सिंह ने साइकिल चलाने के बहुआयामी फायदे गिनाए। उनके अनुसार नियमित साइकिलिंग से मोटापा कम होता है, शारीरिक विकास बेहतर होता है और प्रदूषण में कमी आती है।
अश्विन सिंह ने कहा, 'साइकिल हर किसी को चलानी चाहिए — चाहे घर पर, जिम में या फिर 'संडे ऑन साइकिल' जैसे इवेंट में। पूरे देश में यह मुहिम चल रही है।' उन्होंने फिट इंडिया के मिशन को स्पष्ट करते हुए कहा, 'फिट रहना बहुत ज़रूरी है — मेडल जीतने के लिए भी फिटनेस पहली शर्त है। फिट रहिए, हिट रहिए और भारत को आगे जोड़िए।'
आम जनता पर असर
फिट इंडिया मूवमेंट के तहत यह आयोजन देशभर में फिटनेस संस्कृति को जड़ें जमाने का प्रयास है। हर सप्ताह एक नए सरकारी या सामाजिक वर्ग की भागीदारी से यह सुनिश्चित किया जाता है कि संदेश केवल खेल-जगत तक सीमित न रहे, बल्कि नौकरशाही, व्यापार और आम समाज तक पहुँचे।
क्या होगा आगे
'संडे ऑन साइकिल' का सिलसिला आगे भी हर रविवार जारी रहेगा, जिसमें समाज के नए-नए वर्गों को शामिल किया जाएगा। आयोजकों का लक्ष्य है कि यह अभियान देश के छोटे शहरों और कस्बों तक भी पहुँचे और साइकिलिंग को दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाया जाए।