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क्या 'संडे ऑन साइकिल' का 58वां संस्करण दिल्ली में पहली बार मतदाता बने युवाओं के साथ सफल रहा?

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क्या 'संडे ऑन साइकिल' का 58वां संस्करण दिल्ली में पहली बार मतदाता बने युवाओं के साथ सफल रहा?

सारांश

दिल्ली में 'संडे ऑन साइकिल' का 58वां संस्करण पहली बार मतदाता बने युवाओं के साथ हुआ। यह कार्यक्रम न केवल फिटनेस बढ़ाने के लिए है, बल्कि यह युवा मतदाताओं को भी प्रोत्साहित करता है। जानें इस आयोजन के तहत क्या खास हुआ और इसमें शामिल खिलाड़ियों का क्या कहना है।

मुख्य बातें

फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए साइकिलिंग एक महत्वपूर्ण गतिविधि है।
पहली बार मतदाता बने युवाओं के लिए लोकतंत्र का जश्न मनाया गया।
इस कार्यक्रम ने फिट इंडिया मूवमेंट को और प्रोत्साहन दिया है।
राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की भागीदारी से प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य और जागरूकता को बढ़ाना है।

नई दिल्ली, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। 'संडे ऑन साइकिल' का ५८वां संस्करण दिल्ली में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ ही पहली बार मतदाता बने युवा और बीएसएफ के जवान भी शामिल हुए।

फिट इंडिया के निदेशक नदीम डार ने कहा, "संडे ऑन साइकिल का ५८वां संस्करण न केवल दिल्ली में बल्कि पूरे देश में आयोजित किया जा रहा है। हम पहली बार मतदाता बने युवाओं के साथ इसे आयोजित कर रहे हैं, जो देश के युवाओं के लिए फिटनेस के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण संदेश भी है। इस कार्यक्रम में साइक्लिंग के साथ-साथ जुंबा, योगा जैसे कार्यक्रम भी होते हैं, जो फिटनेस के लिए बहुत जरूरी हैं। अब तक के ५८ संस्करणों में २५ लाख से अधिक लोग शामिल हो चुके हैं। हम चाहते हैं कि यह कार्यक्रम पूरे देश में विस्तारित होता रहे।"

राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी रोहित कुमार ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए ताकि हमारा देश फिट और तंदरुस्त रहे।"

राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी रितु श्योरेण ने कहा, "मैं यह संदेश देना चाहती हूं कि संडे साइकिलिंग हमारी फिटनेस के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। कई लड़कियां विभिन्न कारणों या परिवार की पाबंदियों की वजह से घर से बाहर नहीं निकलतीं। इसलिए हम साइकिलिंग को बढ़ावा देते हैं और चाहते हैं कि संडे साइकिलिंग सभी के लिए एक नियमित गतिविधि बन जाए।"

एक सीनियर खिलाड़ी ने कहा, "फिट इंडिया मूवमेंट की खास बात यह है कि खेल से जुड़े लोगों के साथ ही सभी को भाग लेने का मौका मिलता है। खेल जीवन का हिस्सा है, लेकिन अन्य लोगों के लिए यह कार्यक्रम केवल तस्वीरें लेने का जरिया या किसी खास दिन का उत्सव नहीं होना चाहिए। शरीर एक मशीन की तरह है। अगर हम इसका ध्यान रखेंगे और शारीरिक गतिविधियों में खुद को व्यस्त रखेंगे, तो हमारे लिए यह फायदेमंद होगा।"

केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने अमृतसर में 'संडे ऑन साइकिल' कार्यक्रम का नेतृत्व किया।

अमृतसर में साई डिप्टी डायरेक्टर जनरल और आईपीएस अधिकारी मयंक श्रीवास्तव ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि फिट इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने २०१९ में की थी। उनका नारा था 'फिटनेस की डोज, आधा घंटा रोज'। इसका उद्देश्य यह है कि भारत के युवा मोबाइल और कंप्यूटर में अधिक समय बिताने की बजाय फिटनेस पर ध्यान दें और शारीरिक गतिविधियों में शामिल हों।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का विचार है कि हम एक दिन में एक खेल पर समय दें।

आज का कार्यक्रम राष्ट्रीय मतदाता दिवस के उपलक्ष्य में है। यह कार्यक्रम गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर भी मनाया जा रहा है। इसे हम बीएसएफ के जवानों के साथ मना रहे हैं। पहली बार मतदाता बने युवाओं के साथ लोकतंत्र का जश्न भी मना रहे हैं।

नेशनल वोटर्स डे को हमने संडे ऑन साइकिल के साथ जोड़ा है। इस कार्यक्रम को देश के ३०-३५ स्थानों पर मनाया जा रहा है। कराइकल में इस कार्यक्रम का नेतृत्व डॉ. मनसुख मांडविया कर रहे हैं। यहां पर केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खडसे नेतृत्व कर रही हैं। बीएसएफ के आईजी अतुल फुलजले और एनआईएस पटियाला की टीम यहां मौजूद है। अमृतसर के सभी साइकिलिस्ट और पहली बार मतदाता बने युवा भी शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि युवा मतदाताओं को लोकतंत्र में भागीदारी के लिए भी प्रेरित करते हैं।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संडे ऑन साइकिल का उद्देश्य क्या है?
संडे ऑन साइकिल का उद्देश्य लोगों को शारीरिक गतिविधियों में शामिल करके फिटनेस को बढ़ावा देना और युवा मतदाता जागरूकता को प्रोत्साहित करना है।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल होता है?
इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी, पहली बार मतदाता बने युवा, और बीएसएफ के जवान शामिल होते हैं।
कितने लोग अब तक इस कार्यक्रम में भाग ले चुके हैं?
अब तक 58 संस्करणों में 25 लाख से अधिक लोग इस कार्यक्रम का हिस्सा बन चुके हैं।
क्या यह कार्यक्रम केवल दिल्ली में होता है?
नहीं, यह कार्यक्रम देश के विभिन्न स्थानों पर भी आयोजित किया जाता है।
इस साल का कार्यक्रम कब मनाया गया?
इस साल का कार्यक्रम 25 जनवरी को मनाया गया।
राष्ट्र प्रेस
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