फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल के 75वें संस्करण में मंत्री आशीष सूद शामिल, साइकिल को बताया आत्मनिर्भरता का प्रतीक
सारांश
मुख्य बातें
फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल के 75वें संस्करण में 24 मई 2026 को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, नई दिल्ली में दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने भाग लिया। राष्ट्रमंडल दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने साइकिल चलाकर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।
मंत्री आशीष सूद का संबोधन
मंच से मंत्री आशीष सूद ने कहा कि बचपन में साइकिल आज़ादी की प्रतीक थी। उन्होंने कहा, 'आज साइकिल पश्चिम एशिया संकट के समय देशभक्ति और भारत की आत्मनिर्भरता का भी प्रतीक है।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस आह्वान को भी दोहराया जिसमें उन्होंने कहा था कि 30 मिनट साइकिल चलाओ और डॉक्टर की दवाई से पहले साइकिल की पैडल पर आ जाओ।
मीडिया से बातचीत में मंत्री ने कहा, 'फिट इंडिया अभियान और संडेज ऑन साइकिल भारत सरकार की एक अनूठी पहल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार लोगों से स्वस्थ रहने की अपील कर रहे हैं और यह पहल उसी का हिस्सा है।'
साइकिल का पर्यावरणीय महत्व
मंत्री आशीष सूद ने ज़ोर देकर कहा कि साइकिल केवल फिटनेस के लिए नहीं, बल्कि दिल्ली और पूरे देश के पर्यावरण के लिए भी आवश्यक है। पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने में साइकिल अहम भूमिका निभा सकती है और यह हर नागरिक को देश के प्रति योगदान देने का अवसर देती है।
अभियान की पृष्ठभूमि और विस्तार
फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल को युवा मामले और खेल मंत्रालय ने दिसंबर 2024 में शुरू किया था। यह राष्ट्रव्यापी फिटनेस अभियान साइकिलिंग को एक टिकाऊ, समावेशी और पर्यावरण के अनुकूल व्यायाम के रूप में बढ़ावा देता है। अब तक 4,600 स्थानों पर लगभग 2 लाख लोग इसमें भाग ले चुके हैं।
गौरतलब है कि इस अभियान में स्कूली बच्चों, डॉक्टरों, पुलिस बल, सरकारी कर्मचारियों और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवकों सहित समाज के हर वर्ग की भागीदारी रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 117वें एपिसोड में इस अभियान की सराहना की थी।
स्वास्थ्य लाभ और भागीदारी का तरीका
साइकिलिंग को नियमित व्यायाम के रूप में अपनाने से हृदय स्वास्थ्य में सुधार, मानसिक तनाव में कमी और युवाओं में बढ़ती मोटापे की समस्या से निपटने में मदद मिलती है। इच्छुक नागरिक माय भारत और फिट इंडिया वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर पंजीकरण कर इस अभियान का हिस्सा बन सकते हैं और अपने स्थानीय कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं। आने वाले रविवारों में इस अभियान का विस्तार और अधिक शहरों तक होने की संभावना है।