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साइना नेहवाल: भारत की बैडमिंटन आइकन जिन्होंने ओलंपिक में दिलाया पहला मेडल

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साइना नेहवाल: भारत की बैडमिंटन आइकन जिन्होंने ओलंपिक में दिलाया पहला मेडल

सारांश

साइना नेहवाल, भारत की बैडमिंटन की सुपरस्टार, ने ओलंपिक में मेडल जीतकर इतिहास रचा। उनकी यात्रा से प्रेरित होकर देश की बेटियां खेलों में आगे आईं। जानें उनके करियर की अनगिनत उपलब्धियों के बारे में।

मुख्य बातें

साइना नेहवाल ने भारत को ओलंपिक में पहला बैडमिंटन पदक दिलाया।
वह विश्व रैंकिंग में नंबर एक बनने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं।
साइना की उपलब्धियों ने लाखों लड़कियों को प्रेरित किया है।
उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं।
साइना ने अपने संघर्ष से खेल की दुनिया में एक मिसाल कायम की है।

नई दिल्ली, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत की बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी साइना नेहवाल ने अपने करियर में हर वो चीज़ हासिल की है जिसका सपना एक खिलाड़ी देखता है। उनकी उपलब्धियों ने देश की बेटियों को बैडमिंटन में उतरने के लिए प्रेरित किया। साइना ओलंपिक में भारत के लिए इस खेल में पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बनीं। 28 मार्च 2015 को, साइना विश्व रैंकिंग में नंबर एक पर पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं।

हरियाणा के हिसार में जन्मी साइना नेहवाल महज 8 वर्ष की उम्र में अपने परिवार के साथ हैदराबाद चली गईं। हैदराबाद पहुंचने के बाद साइना ने बैडमिंटन में रुचि लेना शुरू किया और इस खेल में करियर बनाने का निर्णय लिया। उनकी मां, उषा रानी नेहवाल, स्वयं एक राज्य स्तर की उत्कृष्ट खिलाड़ी रह चुकी हैं। साइना ने अपनी मां का अधूरा सपना पूरा करने की चाहत से प्रेरित होकर इस खेल में अपनी पहचान बनाई।

2008 के बीजिंग ओलंपिक ने साइना के करियर में महत्वपूर्ण मोड़ लाया। उन्होंने इस ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचकर सफलता हासिल की, जिसने उन्हें आत्मविश्वास दिया। इसके बाद, उन्होंने बीडब्ल्यूएफ हांगकांग ओपन, सिंगापुर और इंडोनिशिया ओपन जैसे खिताब जीते। विशेष रूप से, 2011 उनके करियर का सबसे शानदार वर्ष था।

2012 के लंदन ओलंपिक में साइना ने शानदार प्रदर्शन किया और सेमीफाइनल तक पहुंचकर ब्रॉन्ज मेडल जीता। वह भारत की पहली बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं जिन्होंने ओलंपिक में पदक हासिल किया। उन्होंने कई विश्व स्तरीय खिलाड़ियों को हराया और इसके बाद ऑस्ट्रेलियन ओपन, चाइना ओपन और दो बार इंडिया ओपन का खिताब जीता।

उनके करियर का एक और महत्वपूर्ण पल 28 मार्च 2025 को आया जब साइना विश्व रैंकिंग में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बन गईं। यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बन गईं। साइना को 2009 में अर्जुन अवॉर्ड, 2010 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न, 2010 में पद्म श्री और 2016 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे देश की बेटियों को खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उनके संघर्ष और समर्पण ने उन्हें एक आइकन बना दिया है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साइना नेहवाल ने कब ओलंपिक में पदक जीता?
साइना नेहवाल ने 2012 के लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
साइना नेहवाल का जन्म कब और कहाँ हुआ?
साइना नेहवाल का जन्म 17 मार्च 1990 को हरियाणा के हिसार में हुआ।
साइना नेहवाल को कौन-कौन से पुरस्कार मिले हैं?
साइना नेहवाल को अर्जुन अवॉर्ड, मेजर ध्यानचंद खेल रत्न, पद्म श्री और पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है।
साइना नेहवाल ने विश्व रैंकिंग में कब नंबर एक की पोजीशन हासिल की?
साइना ने 28 मार्च 2015 को विश्व रैंकिंग में नंबर एक की पोजीशन हासिल की।
साइना नेहवाल की मां कौन हैं?
साइना की मां, उषा रानी नेहवाल, एक राज्य स्तर की बैडमिंटन खिलाड़ी रह चुकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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