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क्या साइना नेहवाल ने शानदार करियर के लिए बधाई प्राप्त की? विराट कोहली का संदेश

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क्या साइना नेहवाल ने शानदार करियर के लिए बधाई प्राप्त की? विराट कोहली का संदेश

मुख्य बातें

साइना नेहवाल ने भारतीय बैडमिंटन को वैश्विक पहचान दिलाई।
उन्होंने ओलंपिक में पदक जीते हैं, जो उनकी मेहनत का प्रमाण हैं।
उनका संन्यास भारतीय खेल के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है।
साइना को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हैं।
उनकी उपलब्धियाँ युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

नई दिल्ली, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली और ओलंपिक में दो बार पदक जीतने वाली स्टार शटलर पीवी सिंधु ने दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल को उनके शानदार करियर के लिए बधाई दी है, जब उन्होंने बैडमिंटन से संन्यास लेने का फैसला किया।

विराट कोहली ने एक्स पर लिखा, "साइना नेहवाल, आपके अद्भुत करियर के लिए बधाई। आपने भारतीय बैडमिंटन को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दी। आपको एक सुखद और संतोषजनक संन्यास की शुभकामनाएं। भारत को आप पर गर्व है।"

पीवी सिंधु ने भी एक्स पर अपनी शुभकामनाएं दीं, "साइना, आपको संन्यास के लिए शुभकामनाएं। आपने इंडियन बैडमिंटन को जो योगदान दिया है, उसके लिए धन्यवाद। अगली ज़िंदगी के इस नए चरण के लिए आपको शांति और खुशी मिले।"

पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने भी साइना को उनके संन्यास पर बधाई दी, "बहुत अच्छा खेला, साइना। आपके शानदार करियर के लिए बधाई। आपने भारतीय बैडमिंटन को आगे बढ़ाया और एक पीढ़ी को प्रेरित किया। आगे के लिए शुभकामनाएं।"

चोट के कारण लंबे समय तक बैडमिंटन से दूर रहने के बाद, साइना ने बैडमिंटन को अलविदा कहने का निर्णय लिया है।

उन्होंने संन्यास की घोषणा करते हुए कहा, "दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बनने के लिए आपको आठ से नौ घंटे ट्रेनिंग करनी होती है। अब, मेरे घुटने एक या दो घंटे में ही जवाब दे देते थे। सूजन आ गई थी, जिसके कारण खेलना मुश्किल हो गया था। इसलिए मुझे लगा कि अब और नहीं। मेरा कार्टिलेज पूरी तरह से खराब हो गया है और मुझे यह कठिन निर्णय लेना पड़ा।"

साइना, ओलंपिक में बैडमिंटन में भारत को पदक दिलाने वाली पहली खिलाड़ी हैं। 2012 में, उन्होंने लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। हिसार की इस बैडमिंटन खिलाड़ी ने 2008 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती और बीजिंग 2008 ओलंपिक्स में एकल क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। 2009 में, उन्होंने इंडोनेशिया ओपन जीतकर बीडब्ल्यूएफ सुपर सीरीज टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय बनकर इतिहास रच दिया। एक साल बाद, उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन बनकर अपने नाम की नई उपलब्धि जोड़ी।

2015 में, उन्होंने एकल बैडमिंटन रैंकिंग में दुनिया की नंबर 1 बनकर एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया, जिससे वह ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उस साल, वह बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में भी पहुंचीं।

भारतीय बैडमिंटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली साइना को पद्मश्री, पद्मभूषण, खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साइना नेहवाल ने कब संन्यास लिया?
साइना नेहवाल ने 23 जनवरी को अपने संन्यास की घोषणा की।
उनका सबसे बड़ा उपलब्धि क्या है?
उन्होंने 2012 में लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था।
साइना को कौन-कौन से पुरस्कार मिले हैं?
उन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण, खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड मिल चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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