'फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल' का 65वां आयोजन 5000 से अधिक स्थानों पर सफलतापूर्वक हुआ
सारांश
Key Takeaways
- 'फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल' का 65वां संस्करण सफलतापूर्वक आयोजित हुआ।
- 5000 से अधिक स्थानों पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
- 300 से अधिक फिट इंडिया चैंपियंस और विशेष मेहमान शामिल हुए।
- यह आयोजन स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है।
- सभी उम्र के लोगों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।
नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पूरे देश में 'फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल' का 65वां संस्करण 5000 से अधिक स्थानों पर धूमधाम से मनाया गया। 300 से ज्यादा 'फिट इंडिया चैंपियंस', राजदूतों और विशेष मेहमानों ने इस साइकिलिंग इवेंट का नेतृत्व किया। यह आयोजन ओडिशा के कोकराझार से लेकर पंजाब के बादल और दक्षिण में एलेप्पी तक के क्षेत्रों में हुआ।
पटना में, बिहार की युवा खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने 'संडेज ऑन साइकिल' में भाग लिया और एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। असम सरकार की सहायक आयुक्त, एमएमए फाइटर, कराटे ब्लैक बेल्ट धारक और एक अनुभवी साइकिलिस्ट रीमा तृषा हलोई ने भी भाग लिया। कुछ महीने पहले वह चोटिल हो गई थीं, लेकिन आज के 'संडेज ऑन साइकिल' में भाग लेकर उन्होंने अपनी फिटनेस रूटीन में शानदार वापसी की।
65वें संस्करण का मुख्य कार्यक्रम नई दिल्ली में हुआ, जहां 10,000 से अधिक लोगों ने सहभागिता की। रविवार की सुबह दिल्ली के कनॉट प्लेस पर ऐसा लगा जैसे कोई बड़ा उत्सव चल रहा हो। 'फिट इंडिया' का मुख्य अभियान 'संडेज ऑन साइकिल' राहगीरी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया था। इसके साथ ही 'राहगीरी डे' की भी वापसी हुई।
इस विशेष संस्करण में 3 साल के बच्चों से लेकर 70 साल तक के बुजुर्ग भी शामिल हुए। सभी कनॉट प्लेस के चारों ओर साइकिल चलाने से पहले रस्सी कूदने, ज़ुम्बा, योग और विभिन्न मजेदार खेलों जैसी कई फिटनेस गतिविधियों का आनंद लेने के लिए एकत्रित हुए।
इस हफ्ते का आयोजन उपभोक्ता अधिकारों को समर्पित था। इस अवसर पर दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद और अन्य प्रमुख मेहमान उपस्थित रहे। इनमें पूर्व आईएएफ पायलट और अब फिटनेस विशेषज्ञ बने कैप्टन अक्षय चोपड़ा, मास्टर ट्रेनर और ज़ुम्बा प्रशिक्षक प्रतीक कुंडियाल, अंडर-23 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता नीलम, और 2024 अंडर-23 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता प्रिया मलिक शामिल थीं।
आशीष सूद ने कहा कि राहगीरी डे और संडेज ऑन साइकिल जैसी पहलों से दिल्ली को ज्यादा स्वस्थ और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि पैदल चलने, साइकिल चलाने और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने से न केवल सड़क सुरक्षा में सुधार होता है, बल्कि वायु प्रदूषण भी कम होता है और लोगों में टिकाऊ यात्रा की आदत विकसित होती है। सूद ने सभी से अपील की कि वे इन सकारात्मक आदतों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।