अमेरिका और इजरायल के हमलों में दो ईरानी जूडो खिलाड़ियों का बलिदान

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अमेरिका और इजरायल के हमलों में दो ईरानी जूडो खिलाड़ियों का बलिदान

सारांश

ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले में दो प्रसिद्ध जूडो खिलाड़ियों की शहादत ने खेल जगत को हिला दिया है। इस घटना पर ईरान के जूडो महासंघ ने गहरी चिंता व्यक्त की है। जानें इस दुखद घटना के बारे में।

मुख्य बातें

हुसैन पौरसैदी और हामिदरेजा जहानबख्श की शहादत ने खेल जगत को झकझोर दिया।
ईरान के जूडो महासंघ ने हमलों की निंदा की।
इराक की फुटबॉल टीम 31 मार्च को मेक्सिको जाएगी।
इराक ने 39 साल बाद विश्व कप में खेलने की उम्मीदें जगाई हैं।
खेल और राजनीति के बीच का संबंध गहरा होता जा रहा है।

नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका और इजरायल के हमलों में दो ईरानी जूडो खिलाड़ी, हुसैन पौरसैदी और हामिदरेजा जहानबख्श, अपनी जान से हाथ धो बैठे। इन खिलाड़ियों के पास जूडो में व्यापक अनुभव था और इन्होंने इस खेल में अपनी पहचान बनाई थी। ईरान के जूडो महासंघ ने इन हमलों की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि यह ईरानी खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों को निशाना बनाने की कोशिश है।

महासंघ ने ईरानी समुदाय के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा, "हम हुसैन पौरसैदी और हामिदरेजा जहानबख्श की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं। ये दोनों इस्लामिक गणराज्य ईरान के अभिमान के प्रतीक थे, जिन्होंने जूडो के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल की और ईरान की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया। हम सर्वशक्तिमान ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वह उनकी आत्माओं को इमामों के साथ उच्च स्थान प्रदान करें और उनके परिवारों को धैर्य एवं महान प्रतिफल दें।"

वहीं, मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच, इराक की फुटबॉल टीम फीफा विश्व कप 2026 के इंटरकॉन्टिनेंटल प्लेऑफ में भाग लेने के लिए मेक्सिको की यात्रा करेगी। इराक फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष अदनान दिरजाल ने बताया कि टीम 31 मार्च को मेक्सिको के मॉन्टेरी में होने वाले इस प्लेऑफ में हिस्सा लेगी। उन्होंने यह भी कहा कि 28 फरवरी से मध्य पूर्व का हवाई क्षेत्र बंद है, जिससे यात्रा में कठिनाइयाँ आ रही हैं। हालांकि, इराक की टीम निजी विमान से मेक्सिको जाएगी और सभी खिलाड़ियों के वीजा पहले ही मिल चुके हैं।

प्लेऑफ में इराक का मुकाबला बोलीविया या सूरीनाम में से किसी एक टीम से होगा। जो टीम इस मैच को जीतने में सफल होगी, वह 2026 के विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर लेगी। इराक ने 39 साल पहले, 1986 में विश्व कप खेला था, और इस बार टीम अपने प्रदर्शन से इस लंबे इंतजार को समाप्त करना चाहती है। क्वालीफायर में इराक की टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया है और पांचवें राउंड में यूनाइटेड अरब अमीरात को 3-2 से हराकर इंटरकॉन्टिनेंटल प्लेऑफ में अपनी जगह बनाई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल खेल जगत को प्रभावित करती है बल्कि पूरे ईरानी समाज को भी। जूडो के दो प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की शहादत से यह स्पष्ट होता है कि खेल और राजनीति के बीच की रेखा कितनी धुंधली हो गई है। हमें इस घटना को गंभीरता से लेना चाहिए और खेलों की सुरक्षा पर विचार करना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान के जूडो खिलाड़ियों की शहादत कब हुई?
ईरान के जूडो खिलाड़ियों की शहादत 15 मार्च को अमेरिका और इजरायल के हमलों में हुई।
ईरान का जूडो महासंघ इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
ईरान के जूडो महासंघ ने इस हमले की कड़ी निंदा की और खिलाड़ियों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की।
इराक की फुटबॉल टीम कब मेक्सिको जा रही है?
इराक की फुटबॉल टीम 31 मार्च को मेक्सिको में फीफा विश्व कप 2026 के इंटरकॉन्टिनेंटल प्लेऑफ में भाग लेने जा रही है।
इराक की टीम का पिछले विश्व कप में प्रदर्शन कैसा रहा?
इराक की टीम ने आखिरी बार 1986 में विश्व कप खेला था।
क्या इराक की टीम को प्लेऑफ के लिए वीजा मिल गए हैं?
हाँ, सभी खिलाड़ियों के वीजा पहले ही मिल चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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