ईरानी राष्ट्रपति का इराक के लोगों के प्रति आभार, साझा लड़ाई में साथ देने का किया उल्लेख

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ईरानी राष्ट्रपति का इराक के लोगों के प्रति आभार, साझा लड़ाई में साथ देने का किया उल्लेख

सारांश

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने इराक की जनता का आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने युद्ध के दौरान ईरान के साथ मजबूती से खड़ा होने का कार्य किया। इस समर्थन का महत्व भौगोलिक से ज्यादा साझा इतिहास और धार्मिक मूल्यों में निहित है।

Key Takeaways

  • ईरानी राष्ट्रपति ने इराकी लोगों का आभार व्यक्त किया।
  • इराक ने संघर्ष में ईरान का समर्थन किया है।
  • हशद अल-शाबी ईरान-समर्थित लड़ाकों का समूह है।
  • अमेरिका ने इराक में हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली।
  • संघर्ष में 10-12 लोगों की जान गई है।

तेहरान, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने युद्ध के दौरान समर्थन प्रदान करने के लिए इराकी जनता का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इराकी लोग इस संघर्ष में ईरान के साथ मजबूती से खड़े रहे।

एक्स पर जारी बयान में उन्होंने कहा कि इराक ने इस अन्यायपूर्ण संघर्ष में ईरान का समर्थन करने में कोई कमी नहीं छोड़ी। यह समर्थन केवल भौगोलिक कारणों से नहीं, बल्कि साझा इतिहास, पहचान और धार्मिक मूल्यों के कारण भी है।

शनिवार और रविवार को ईरानी और इराकी मीडिया आउटलेट्स द्वारा साझा किए गए फुटेज में, हशद अल-शाबी, जिसे ईरान-समर्थित लड़ाकों के 'पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस' (पीएमएफ) नाम से भी जाना जाता है, का एक काफिला ईरान में प्रवेश करते हुए नजर आया।

ईरानी मीडिया ने इसे “इराक के लोगों की ओर से मानवीय सहायता का पहला काफिला” बताया है।

हाल ही में इस संघर्ष में इराक का भी शामिल होना दर्शाता है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के हमले शुरू होने के बाद से हिंसा की वजह से अब तक 10-12 लोगों की जान जा चुकी है।

पीएमएफ से जुड़े ईरान समर्थक गुट ने—जो सरकार के अंदर और बाहर दोनों जगह काम करता है—बगदाद में अमेरिकी दूतावास, इराक में मौजूद अमेरिकी सैनिकों के ठिकानों, और इराकी कुर्दिस्तान में अमेरिका से जुड़े स्थलों पर ड्रोन और रॉकेट से हमले किए हैं।

पिछले हफ्ते, पीएमएफ ने दावा किया था कि एक इराकी सैन्य ठिकाने और पीएमएफ मुख्यालय पर हुए हमलों के लिए वाशिंगटन जिम्मेदार था, जिनमें इराकी सुरक्षा अधिकारियों की जान गई थी। इस प्रकार के हमले—चाहे वे ईरान-समर्थक पीएमएफ गुटों को निशाना बनाकर किए गए हों—लेकिन इराकी सेना और पीएमएफ के बीच की करीबी सहयोग को देखते हुए, इनसे इराकी सैनिकों की मौत होना स्वाभाविक है।

हालांकि वाशिंगटन ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली, फिर भी इराक के प्रधानमंत्री ने विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया कि वे अमेरिकी दूतावास के 'चार्ज डी अफेयर्स' (कार्यवाहक राजदूत) को तलब करें।

Point of View

यह स्पष्ट है कि ईरान और इराक के बीच का सहयोग केवल भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच साझा इतिहास और धार्मिक मूल्यों पर आधारित है। यह संबंध न केवल वर्तमान संघर्ष में महत्वपूर्ण है, बल्कि भविष्य के लिए भी एक स्थायी आधार प्रदान करता है।
NationPress
01/04/2026

Frequently Asked Questions

ईरानी राष्ट्रपति ने इराकी लोगों का आभार क्यों जताया?
उन्होंने इराकी जनता का आभार व्यक्त किया क्योंकि उन्होंने युद्ध के दौरान ईरान का समर्थन किया।
हशद अल-शाबी क्या है?
हशद अल-शाबी, जिसे पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस (पीएमएफ) कहा जाता है, ईरान-समर्थित लड़ाकों का एक समूह है।
क्या अमेरिका ने इराक में हमलों की जिम्मेदारी ली है?
नहीं, अमेरिका ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है।
ईरान और इराक के बीच का संबंध क्यों महत्वपूर्ण है?
यह संबंध साझा इतिहास और धार्मिक मूल्यों पर आधारित है, जो दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है।
ईरान-इराक संघर्ष में कितने लोग मारे गए हैं?
इस संघर्ष में अब तक 10-12 लोगों की जान जा चुकी है।
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