27 सितंबर 2026
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एसजीपीसी सदस्य अमरजीत चावला के लुधियाना घर पर पुलिस का छापा, दुष्कर्म मामले में परिवार से पूछताछ

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एसजीपीसी सदस्य अमरजीत चावला के लुधियाना घर पर पुलिस का छापा, दुष्कर्म मामले में परिवार से पूछताछ

सारांश

एसजीपीसी सदस्य अमरजीत सिंह चावला पर दुष्कर्म के आरोप, अकाल तख्त द्वारा पंथ से निष्कासन और अब लुधियाना में पुलिस छापा — यह मामला सिख धार्मिक संस्थाओं की जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

मुख्य बातें

श्री आनंदपुर साहिब पुलिस ने 27 सितंबर 2026 को अमरजीत सिंह चावला के लुधियाना स्थित घर पर छापा मारा।
चावला पर 21 अगस्त को बीएनएस की धाराओं 64, 127(2) और 351(2) के तहत दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज ने चावला को सिख पंथ से निष्कासित घोषित किया।
अतिरिक्त हेड ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह को भी अश्लील संदेश भेजने के आरोप में पंथ से निष्कासित किया गया।
पुलिस कार्रवाई के दौरान शिरोमणि अकाली दल के वकील परोपकार सिंह घुम्मण चावला के घर पहुँचे।

श्री आनंदपुर साहिब पुलिस ने 27 सितंबर 2026 को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के सदस्य अमरजीत सिंह चावला के लुधियाना स्थित आवास पर छापा मारा और परिवार के सदस्यों से गहन पूछताछ की। चावला के विरुद्ध श्री आनंदपुर साहिब में दुष्कर्म का मामला पहले से दर्ज है और यह कार्रवाई उसी जाँच की कड़ी बताई जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम ने लुधियाना पहुँचकर अमरजीत सिंह चावला के घर की तलाशी ली और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। पुलिस कार्रवाई के दौरान शिरोमणि अकाली दल के वकील परोपकार सिंह घुम्मण भी चावला के आवास पर पहुँच गए।

मामले की पृष्ठभूमि

21 अगस्त को एक महिला की शिकायत पर श्री आनंदपुर साहिब पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 64, 127(2) और 351(2) के तहत चावला के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी। शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि उसे श्री आनंदपुर साहिब स्थित एक सराय में बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। महिला की शिकायत में अकाल तख्त के अतिरिक्त हेड ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह और तख्त केसगढ़ साहिब के चालक मोहन सिंह के नाम भी शामिल थे।

अकाल तख्त का ऐतिहासिक फैसला

दुष्कर्म के आरोप सामने आने के बाद पिछले सप्ताह सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त के पाँच सिंह साहिबानों ने अमरजीत सिंह चावला को सिख पंथ से निष्कासित करने का निर्णय सुनाया। यह फैसला अकाल तख्त सचिवालय में आयोजित बैठक में लिया गया और इसकी घोषणा अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज ने की।

अकाल तख्त ने इस मामले को गंभीर पंथिक अनुशासनहीनता और सिख मर्यादा के उल्लंघन से जोड़ते हुए 'गुरमाता' पारित किया। इसी बैठक में अतिरिक्त हेड ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह को भी पंथ से निष्कासित किया गया, जिन पर एक महिला को अश्लील संदेश भेजने का आरोप है। यह ऐसे समय में आया है जब एसजीपीसी से जुड़ी धार्मिक संस्थाओं पर पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं।

आम जनता और पंथ पर असर

यह घटना सिख धार्मिक जगत में गहरी हलचल मचा रही है। गौरतलब है कि अकाल तख्त द्वारा किसी एसजीपीसी सदस्य को पंथ से निष्कासित करना अत्यंत दुर्लभ है और यह पहला मौका नहीं है जब किसी धार्मिक पद पर आसीन व्यक्ति के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज हुआ हो। आलोचकों का कहना है कि ऐसे मामले संस्थागत सुधार की माँग को और तेज़ करते हैं।

क्या होगा आगे

पुलिस जाँच अभी जारी है और अमरजीत सिंह चावला की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। न्यायालय में मामले की सुनवाई के साथ-साथ एसजीपीसी पर भी दबाव बढ़ सकता है कि वह संगठन में आंतरिक जाँच की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संस्थागत जवाबदेही का संकट है। सवाल यह है कि ऐसे पदों पर बैठे लोगों की नियुक्ति और निगरानी की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है। अकाल तख्त की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, किंतु पुलिस जाँच की गति और न्यायिक परिणाम ही तय करेंगे कि यह जवाबदेही वास्तविक है या केवल प्रतीकात्मक। मुख्यधारा की कवरेज अकसर निष्कासन को अंतिम कदम मान लेती है, जबकि आपराधिक प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमरजीत सिंह चावला पर क्या आरोप हैं?
अमरजीत सिंह चावला पर आरोप है कि उन्होंने श्री आनंदपुर साहिब स्थित एक सराय में एक महिला को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस संबंध में 21 अगस्त को बीएनएस की धाराओं 64, 127(2) और 351(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
अकाल तख्त ने चावला को पंथ से क्यों निष्कासित किया?
अकाल तख्त के पाँच सिंह साहिबानों ने दुष्कर्म के आरोपों को गंभीर पंथिक अनुशासनहीनता और सिख मर्यादा का उल्लंघन मानते हुए 'गुरमाता' पारित किया और चावला को सिख पंथ से बाहर करने का निर्णय सुनाया। इसकी घोषणा कार्यवाहक जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज ने की।
27 सितंबर को पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
श्री आनंदपुर साहिब पुलिस ने 27 सितंबर को लुधियाना में चावला के घर पर छापा मारकर परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। यह कार्रवाई दुष्कर्म मामले की जाँच के तहत की गई बताई जा रही है।
इस मामले में और कौन-कौन से आरोपी हैं?
महिला की शिकायत में चावला के अलावा अकाल तख्त के अतिरिक्त हेड ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह और तख्त केसगढ़ साहिब के चालक मोहन सिंह के नाम भी शामिल हैं। ज्ञानी मलकीत सिंह को अश्लील संदेश भेजने के आरोप में अकाल तख्त ने पंथ से निष्कासित किया है।
एसजीपीसी क्या है और इस मामले में उसकी क्या भूमिका है?
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के सिख गुरुद्वारों की सर्वोच्च प्रबंधन संस्था है। अमरजीत सिंह चावला इसी संस्था के सदस्य हैं, और उनके विरुद्ध आपराधिक मामला संस्था की साख पर सवाल खड़े कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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