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अकाल तख्त साहिब और बेअदबी कानून पर SGPC बैठक में होगी अहम चर्चा: गुरचरण सिंह ग्रेवाल

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अकाल तख्त साहिब और बेअदबी कानून पर SGPC बैठक में होगी अहम चर्चा: गुरचरण सिंह ग्रेवाल

सारांश

अमृतसर में SGPC की अहम बैठक में अकाल तख्त साहिब के मुद्दे और बेअदबी-रोधी कानून पर चर्चा होगी। सदस्य गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने भड़काऊ बयानबाज़ी पर चिंता जताई और कहा कि पंथ के हित में सर्वसम्मति से निर्णय लिए जाएंगे।

मुख्य बातें

SGPC की बैठक में अकाल तख्त साहिब और बेअदबी-रोधी कानून पर चर्चा होगी।
सदस्य गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा — सभी सदस्य उपस्थित, पंथ हित में फैसले लिए जाएंगे।
ग्रेवाल ने आरोप लगाया कि कुछ तत्व जानबूझकर भड़काऊ बयानबाज़ी कर रहे हैं, संभवतः सरकार की शह पर।
उन्होंने चेतावनी दी कि यह टकराव उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश दोनों के लिए हानिकारक होगा।
सुखबीर सिंह बादल और भगवंत मान प्रकरण पर भी ग्रेवाल ने खुलकर अपनी बात रखी।

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के सदस्य गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने 27 जून 2026 को अमृतसर में कहा कि अकाल तख्त साहिब के मुद्दों और बेअदबी-रोधी कानून समेत पंथ से जुड़े सभी विषयों पर विस्तृत चर्चा के लिए बैठक बुलाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी सदस्य बैठकस्थल पर पहुँच चुके हैं और पंथ के हित में निर्णय लिए जाएंगे।

बैठक की अहमियत और एजेंडा

ग्रेवाल के अनुसार, अकाल तख्त साहिब और बेअदबी कानून पर होने वाली यह चर्चा अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पंथ से जुड़े हर विषय पर विचार करना इस बैठक का मूल उद्देश्य है। SGPC के सभी सदस्य उपस्थित हैं और सर्वसम्मति से निर्णय लेने की कोशिश होगी।

यह बैठक ऐसे समय में बुलाई गई है जब अकाल तख्त से जुड़े मुद्दे और धार्मिक बेअदबी के मामले सिख समुदाय में गहरी चिंता का विषय बने हुए हैं। गौरतलब है कि बेअदबी-रोधी कानून की माँग लंबे समय से सिख संगठनों की प्रमुख प्राथमिकताओं में रही है।

गुरुद्वारों और आस्था पर ग्रेवाल का बयान

ग्रेवाल ने कहा कि सिख पंथ सदा सरबत के भले के लिए निर्णय लेता है। उन्होंने देशभर — और पाकिस्तान सहित विदेशों में स्थित — गुरुद्वारों के प्रति सिख समुदाय की अटूट आस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी गुरुद्वारों में जाना उनके धर्म का अभिन्न हिस्सा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ तत्व जानबूझकर भड़काऊ बयानबाज़ी कर सिख समुदाय को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके शब्दों में, 'बहुत संभव है कि ये लोग सरकार की शह पर ऐसा काम कर रहे हैं।' उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह का टकराव उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश दोनों राज्यों के लिए हानिकारक सिद्ध होगा।

भगवंत मान और सुखबीर बादल प्रकरण पर टिप्पणी

मुख्यमंत्री भगवंत मान के संदर्भ में ग्रेवाल ने कहा कि जो लोग उनका समर्थन करना चाहते हैं, वे खुलकर करें — 'झंडा उठाओ और कहो कि हम भगवंत मान के साथ हैं।' उन्होंने कहा कि अस्पष्ट रवैया और दिग्भ्रमित करने की कोशिश उचित नहीं है।

पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के बारे में उन्होंने कहा कि वे एक राजनीतिक दल के नेता हैं और उनके विरोध में टिप्पणियाँ होती रहती हैं, लेकिन आज की प्राथमिकता अकाल तख्त से जुड़े मुद्दे हैं। ग्रेवाल ने स्पष्ट किया कि SGPC नहीं चाहती कि कोई भी ऐसी बात हो जिससे अकाल तख्त-विरोधी तत्वों को फायदा मिले।

आगे क्या होगा

बैठक के बाद SGPC की ओर से आधिकारिक निर्णयों की घोषणा अपेक्षित है। अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार की भूमिका और बेअदबी कानून के मसौदे पर चर्चा के नतीजे पंजाब की धार्मिक-राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक गंभीर आरोप है जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है। बेअदबी कानून की माँग वर्षों से लंबित है — अगर इस बैठक में ठोस प्रस्ताव नहीं निकला, तो यह SGPC की साख के लिए एक और अवसर गँवाना होगा।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

SGPC की इस बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
बैठक में मुख्य रूप से अकाल तख्त साहिब से जुड़े मुद्दों और बेअदबी-रोधी कानून पर चर्चा होगी। SGPC सदस्य गुरचरण सिंह ग्रेवाल के अनुसार, पंथ से जुड़े सभी विषयों पर विचार कर सर्वहित में निर्णय लिए जाएंगे।
गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने भड़काऊ बयानबाज़ी पर क्या कहा?
ग्रेवाल ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर भड़काऊ बातें कर सिख समुदाय को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बहुत संभव है कि ये लोग सरकार की शह पर ऐसा कर रहे हैं और इस टकराव से उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश दोनों को नुकसान होगा।
SGPC का बेअदबी-रोधी कानून से क्या संबंध है?
SGPC सिख धार्मिक मामलों की सर्वोच्च प्रबंधक संस्था है और बेअदबी-रोधी कानून की माँग लंबे समय से सिख समुदाय की प्राथमिकता रही है। इस बैठक में कानून के मसौदे और आगे की रणनीति पर चर्चा अपेक्षित है।
सुखबीर सिंह बादल के बारे में ग्रेवाल ने क्या कहा?
ग्रेवाल ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल एक राजनीतिक दल के नेता हैं और उनके विरोध में टिप्पणियाँ होती रहती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज की प्राथमिकता अकाल तख्त के मुद्दे हैं और SGPC नहीं चाहती कि अकाल तख्त-विरोधी तत्वों को किसी भी बात से फायदा मिले।
भगवंत मान प्रकरण पर SGPC सदस्य का क्या रुख है?
ग्रेवाल ने कहा कि जो लोग मुख्यमंत्री भगवंत मान का समर्थन करना चाहते हैं, वे खुलकर करें। उन्होंने अस्पष्ट रवैये और दिग्भ्रमित करने की कोशिश को अनुचित बताया।
राष्ट्र प्रेस
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