4 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अकाल तख्त की मर्यादा को चुनौती देने पर SAD का भगवंत मान पर हमला, तत्काल इस्तीफे की मांग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अकाल तख्त की मर्यादा को चुनौती देने पर SAD का भगवंत मान पर हमला, तत्काल इस्तीफे की मांग

सारांश

अकाल तख्त के फोरेंसिक निष्कर्षों के बाद SAD ने भगवंत मान पर सिख समुदाय को गुमराह करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि मान धार्मिक मर्यादा को चुनौती देकर सिख समाज में फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं।

मुख्य बातें

शिरोमणि अकाली दल (SAD) की कार्यकारिणी समिति ने 19 जून को चंडीगढ़ में बैठक कर पंजाब CM भगवंत मान के तत्काल इस्तीफे की मांग का प्रस्ताव पारित किया।
अकाल तख्त ने अपनी फोरेंसिक जांच में विवादित वीडियो को वास्तविक और AI-निर्मित नहीं घोषित किया।
SAD के अनुसार, मुख्यमंत्री को याद दिलाने के बावजूद पाँच महीने तक वीडियो की सरकारी फोरेंसिक जांच नहीं कराई गई।
पार्टी नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि मान 'एक मिनट भी मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के योग्य नहीं।' सुखबीर बादल ने घोषणा की कि दो सप्ताह में पार्टी का पूरा संगठनात्मक ढांचा तैयार होगा।
SAD ने AAP सरकार पर विरोध प्रदर्शनों को दबाने और बिना उकसावे के लाठीचार्ज कराने का भी आरोप लगाया।

शिरोमणि अकाली दल (SAD) की कार्यकारिणी समिति ने 19 जून 2026 को चंडीगढ़ में हुई बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सार्वजनिक मंचों से अकाल तख्त के अधिकार को चुनौती देने का गंभीर आरोप लगाया और उनके तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। पार्टी का कहना है कि मान के इस आचरण से सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं गहरी आहत हुई हैं।

मुख्य घटनाक्रम

पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कार्यकारिणी समिति ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मान जानबूझकर सिख समुदाय के भीतर विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। समिति के अनुसार, समुदाय में यह व्यापक भावना है कि मान ने गुरु साहिबान के प्रति गंभीर अपराध किया है और अब अकाल तख्त द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों को चुनौती देकर अपनी गलती को और बढ़ा रहे हैं।

विवादित वीडियो विवाद

बैठक में इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री से जुड़े एक विवादित वीडियो की फोरेंसिक जांच कराई और यह घोषित किया कि वीडियो वास्तविक है तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार नहीं किया गया। इसके बावजूद, आलोचकों का कहना है कि मान ने 24 घंटे के भीतर विभिन्न प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट पेश कर मामले को दबाने की कोशिश की। पार्टी नेता दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि मुख्यमंत्री को कई बार याद दिलाने के बावजूद पाँच महीने तक वीडियो की फोरेंसिक जांच नहीं कराई गई, जिसके बाद अकाल तख्त ने स्वयं यह जांच कराई।

SAD की प्रतिक्रिया

चीमा ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'ऐसी स्थिति में भगवंत मान एक मिनट भी मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के योग्य नहीं हैं।' बाद में सुखबीर बादल ने इस मुद्दे पर शिरोमणि कमेटी के सदस्यों के साथ भी चर्चा की। सदस्यों ने आरोप लगाया कि मान ने वीडियो को AI-निर्मित बताकर सिख संगत को गुमराह करने की कोशिश की।

संगठनात्मक मजबूती पर भी जोर

कार्यकारिणी बैठक में राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ पार्टी के संगठनात्मक ढांचे की भी समीक्षा की गई। बूथ स्तर की समितियों पर विशेष ध्यान दिया गया। सुखबीर बादल ने घोषणा की कि अगले दो सप्ताह के भीतर पार्टी का पूरा संगठनात्मक ढांचा तैयार कर लिया जाएगा।

AAP सरकार पर अन्य आरोप

कार्यकारिणी समिति ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों को दबाने, बिना उकसावे के लाठीचार्ज कराने और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ने का भी आरोप लगाया। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में धार्मिक और राजनीतिक तनाव एक साथ उभर रहे हैं, जो आने वाले समय में सत्ता संघर्ष को और तीखा बना सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे नज़रअंदाज़ करना भगवंत मान के लिए आसान नहीं होगा। गौरतलब है कि पंजाब में सिख धार्मिक संस्थाओं की राजनीतिक साख ऐतिहासिक रूप से चुनावी नतीजों को प्रभावित करती रही है। SAD का यह आक्रामक रुख ऐसे समय में आया है जब पार्टी खुद कई मोर्चों पर कमज़ोर है — सवाल यह है कि क्या यह वास्तविक धार्मिक सरोकार है या 2027 के चुनावों से पहले ज़मीन तैयार करने की रणनीति। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है वह यह है कि पाँच महीने की देरी का जवाबदेही पक्ष — न केवल वीडियो की प्रामाणिकता — इस पूरे विवाद का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक बिंदु है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अकाल तख्त और भगवंत मान के बीच विवाद क्या है?
अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े एक विवादित वीडियो की फोरेंसिक जांच कराई और उसे वास्तविक घोषित किया। मान ने पहले इसे AI-निर्मित बताया था, जिससे सिख समुदाय में नाराज़गी फैली और SAD ने उनके इस्तीफे की मांग की।
शिरोमणि अकाली दल ने भगवंत मान से इस्तीफा क्यों माँगा?
SAD का आरोप है कि मान ने अकाल तख्त के अधिकार को सार्वजनिक रूप से चुनौती दी, सिख समुदाय में विभाजन पैदा करने की कोशिश की और फोरेंसिक जांच के बावजूद वीडियो को लेकर प्रयोगशाला रिपोर्टें पेश कर मामले को दबाने की कोशिश की। पार्टी नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि ऐसे में मान एक पल भी CM पद पर बने रहने के योग्य नहीं।
अकाल तख्त की फोरेंसिक जांच में क्या निष्कर्ष निकला?
अकाल तख्त ने स्वयं विवादित वीडियो की फोरेंसिक जांच कराई और यह निष्कर्ष दिया कि वीडियो वास्तविक है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार नहीं किया गया। यह जांच इसलिए अकाल तख्त को खुद करानी पड़ी क्योंकि SAD के अनुसार पाँच महीने तक सरकार की ओर से कोई फोरेंसिक जांच नहीं कराई गई।
SAD की बैठक में और क्या निर्णय हुए?
सुखबीर सिंह बादल की अध्यक्षता में हुई बैठक में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा भी हुई और बूथ स्तर की समितियों पर विशेष ध्यान दिया गया। बादल ने कहा कि अगले दो सप्ताह में पार्टी का पूरा संगठनात्मक ढांचा तैयार कर लिया जाएगा।
AAP सरकार पर SAD ने क्या आरोप लगाए?
कार्यकारिणी समिति ने आम आदमी पार्टी सरकार पर लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों को दबाने, बिना उकसावे के लाठीचार्ज कराने और पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ने का आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले