क्या अकाल तख्त द्वारा तलब किए गए भगवंत मान को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए?
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नई दिल्ली, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ एक कड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय द्वारा मुख्यमंत्री को तलब करना कोई साधारण प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह सिख पंथ की सर्वोच्च संस्था और सिख रहत मर्यादा का गंभीर अनादर करने का आरोप है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में आरपी सिंह ने कहा कि भले ही कुछ वीडियो की पुष्टि न हुई हो, लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत मान के शब्द और आचरण ने सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि कोई भी कॉमेडी, नशा या घमंड सिख पंथ की सर्वोच्च सत्ता के प्रति अनादर को सही नहीं ठहरा सकता।
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि एक ऐसा मुख्यमंत्री जो आस्था का मजाक उड़ाए, सिख संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास करे, और फिर संवैधानिक पद की आड़ में जवाबदेही से बचे, वह पंजाब का शासन करने के योग्य नहीं है। इसे उन्होंने सत्ता का दुरुपयोग करार दिया और कहा कि इस तरह का व्यवहार राज्य की गरिमा के खिलाफ है।
आरपी सिंह ने कहा कि नैतिकता खो चुके मुख्यमंत्री भगवंत मान को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। उनके अनुसार पंजाब को नेतृत्व में गरिमा और सम्मान की आवश्यकता है, न कि अपमान और विवाद की। उन्होंने बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को 15 जनवरी को सुबह 10 बजे सचिवालय के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा है।
भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित क्लिप्स अत्यंत शर्मनाक और ईशनिंदात्मक हैं, इसलिए वे उन्हें साझा नहीं कर रहे हैं।