एसएडी ने पंजाब सरकार पर दुष्कर्म-भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, राज्यपाल को सौंपे 300 दस्तावेज़
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और दलजीत सिंह चीमा ने 3 सितंबर को चंडीगढ़ में पंजाब सरकार पर दुष्कर्म पीड़ितों को कथित तौर पर दबाने, भ्रष्टाचार और मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए। दोनों नेताओं ने पंजाब के राज्यपाल को करीब 300 दस्तावेज़ सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की माँग की और 5 सितंबर को मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास के बाहर विरोध-प्रदर्शन का ऐलान किया।
मजीठिया के आरोप: पुलिस और सरकार पर सवाल
मजीठिया ने आरोप लगाया कि पंजाब में दुष्कर्म पीड़ितों को पुलिस के स्तर पर कथित तौर पर डराया और दबाया गया। उन्होंने पुलिस महानिदेशक गौरव यादव और मुख्यमंत्री भगवंत मान की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई मामलों में पुलिस की कार्रवाई संदिग्ध रही है। कुछ एफआईआर और धारा 164 के तहत दर्ज बयानों का हवाला देते हुए उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गंभीर आरोपों का सामना कर रहे व्यक्तियों को रिहा कर दिया गया।
मजीठिया ने कहा कि हाईकोर्ट में पीड़ितों की मदद और कार्रवाई को लेकर चार पत्र दाखिल हो चुके हैं, जबकि पुलिस की ओर से लगातार सबूत माँगे जा रहे हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के कथित उल्लंघन का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि पुलिस भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करेगी या उसे बढ़ावा देती रहेगी।
भ्रष्टाचार के आरोप और ईडी का मुद्दा
मजीठिया ने कहा कि पहले छोटे स्तर के आरोपों पर भी राजनीतिक कार्रवाई होती थी, लेकिन अब कथित तौर पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने मंत्री अमन अरोड़ा के उस बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का कोई अधिकारी पर्याप्त समय दिए जाने के बावजूद पेश नहीं हुआ। मजीठिया ने सवाल किया कि अरोड़ा किस हैसियत से इस मामले पर टिप्पणी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जाँच इसलिए नहीं आगे बढ़ रही क्योंकि इससे सरकार से जुड़े लोग भी सवालों के घेरे में आ सकते हैं।
चीमा के दावे: ₹5 करोड़ के लेनदेन का आरोप
दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब में दुष्कर्म के दो मामलों में पीड़ित महिलाओं के साथ कथित अन्याय अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने दावा किया कि एक अमेरिकी नागरिक पर दुष्कर्म के आरोपों से जुड़े मामले में ₹5 करोड़ के कथित लेनदेन के आरोप मुख्यमंत्री की पत्नी और उनके रिश्तेदारों पर लगाए जा रहे हैं। चीमा ने कहा कि ये गंभीर आरोप हैं और इनकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए।
5 सितंबर का विरोध-प्रदर्शन
एसएडी की महिला विंग पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के नेतृत्व में 5 सितंबर को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगी। चीमा ने स्पष्ट किया कि पार्टी पीड़ित महिलाओं के साथ खड़ी है।
एसआईआर विवाद पर चीमा का जवाब
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के एसआईआर से जुड़े आरोपों पर चीमा ने कहा कि यह प्रक्रिया चुनाव आयोग की निगरानी में चल रही है। जिन लोगों की 2003 की मैपिंग नहीं हुई, उनके पास 12 सितंबर तक दस्तावेज़ पेश करने का समय है। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया पूरी होने से पहले किसी अनियमितता का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। यदि 12 सितंबर के बाद भी दस्तावेज़ देने के बावजूद किसी के साथ अन्याय होता है, तब सवाल उठाना तर्कसंगत होगा।
यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब में विपक्ष और सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में राज्यपाल के रुख और 5 सितंबर के प्रदर्शन के बाद सरकार की प्रतिक्रिया पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।