पंजाब AAP सरकार पर BJP का बड़ा हमला: ₹5 करोड़ रिश्वत और दुष्कर्म केस दबाने के आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 3 सितंबर को पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से जुड़े कथित बिचौलिए दुष्कर्म के मामलों को पैसे लेकर 'कमज़ोर' करने का काम कर रहे हैं। पार्टी ने इसे 'AAP का लूट मॉडल' करार देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान और AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल से सीधा जवाब माँगा है।
ऑडियो क्लिप के आधार पर आरोप
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई ऑडियो क्लिप सुनाए। उनके अनुसार इन रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर बिचौलियों को एक दुष्कर्म मामले में आरोपी के रिश्तेदार से बातचीत करते सुना जा सकता है, जिसमें वे मुख्यमंत्री भगवंत मान का नाम लेकर उनकी ओर से भरोसा दिलाने का दावा कर रहे हैं। भंडारी ने कहा कि एक अन्य रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर रकम 'तय' करने और उसे कई लोगों में बाँटने की बात हो रही थी।
₹5 करोड़ रिश्वत का आरोप
भंडारी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान पर बिचौलियों के ज़रिए दुष्कर्म के मामले वापस लेने के लिए ₹5 करोड़ की रिश्वत माँगने का आरोप है। उन्होंने इस कथित नेटवर्क को 'लूट सिंडिकेट' बताया और इसकी तुलना दिल्ली के 'शीश महल सिंडिकेट' से की।
गिरफ्तारी और NHRC की भूमिका
भंडारी ने गुरविंदर चहल की गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए केंद्रीय जाँच एजेंसी से इस पूरे मामले की जाँच की माँग की। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने पंजाब सरकार के मुख्य सचिव और DGP को इस संदर्भ में पत्र लिख दिया है। BJP ने इसे राज्य में कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता का संकेत बताया।
AAP और मान की 'चुप्पी' पर सवाल
भंडारी ने कहा कि भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की चुप्पी 'गुनाह कबूल करने' जैसी है। उन्होंने माँग की कि दोनों नेता स्पष्ट करें कि क्या पंजाब में दुष्कर्म के मामले 'AAP के लूट मॉडल' का हिस्सा बन रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब AAP पहले से ही दिल्ली में कई भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी हुई है।
आगे क्या
BJP ने केंद्रीय एजेंसियों से स्वतंत्र जाँच की माँग दोहराई है। NHRC का पत्र पहले ही जा चुका है और आलोचकों का कहना है कि यदि ऑडियो क्लिप की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि होती है, तो यह मामला पंजाब की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है। फिलहाल AAP और मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।