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पार्क बिल वापसी पर विजयेंद्र का तंज: 'भाजपा के आंदोलन से डरी कर्नाटक सरकार'

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पार्क बिल वापसी पर विजयेंद्र का तंज: 'भाजपा के आंदोलन से डरी कर्नाटक सरकार'

सारांश

भाजपा के 'बेल्लारी चलो' आंदोलन के बीच कर्नाटक BJP अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने सरकार पर पार्क बिल वापसी को लेकर तीखा हमला बोला। साथ ही सूखे की मार झेल रहे किसानों के लिए कृषि ऋण माफी और तत्काल राहत की मांग की।

मुख्य बातें

बीवाई विजयेंद्र ने 3 सितंबर को दावा किया कि कर्नाटक सरकार भाजपा के दबाव में आकर पार्क बिल वापस लेने पर मजबूर हुई।
यह बयान रायचूर जिले के सिंदनूर के पास जारी 'बेल्लारी चलो' पदयात्रा के दौरान आया।
विजयेंद्र ने कृषि ऋण माफी को प्राथमिकता देते हुए विधानसभा के विशेष सत्र में किसानों के मुद्दे उठाने की घोषणा की।
राज्य में सूखे जैसे हालात का हवाला देते हुए सरकार से तत्काल राहत की मांग की गई।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के उत्तरी कर्नाटक दौरे को राजनीतिक बताते हुए इसे किसान-राहत में बदलने का आग्रह किया।

कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने 3 सितंबर को आरोप लगाया कि राज्य की कांग्रेस सरकार को भाजपा के विरोध के दबाव में आकर पार्क बिल वापस लेने पर मजबूर होना पड़ा। यह बयान उन्होंने रायचूर जिले के सिंदनूर के निकट जारी 'बेल्लारी चलो' पदयात्रा के दौरान दिया।

सरकार पर सीधा हमला

विजयेंद्र ने बिल वापसी के सरकार के फैसले पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'मुझे नहीं पता कि किस बेवकूफ ने राज्य सरकार को यह बिल लाने की सलाह दी थी। राज्य सरकार भाजपा के आंदोलन से डर गई है और अब बिल वापस लेने का फैसला करके उसने अपना रुख बदल लिया है।' उन्होंने इसे भाजपा के जन-आंदोलन की सफलता करार दिया।

किसानों की समस्याएँ केंद्र में

विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा पहले ही राज्य सरकार का ध्यान किसानों की समस्याओं की ओर दिला चुकी है। उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में सूखे जैसे हालात बन गए हैं और इस स्थिति में सरकार को तुरंत राहत के कदम उठाने चाहिए। कृषि ऋण माफी को उन्होंने सबसे अहम मांग बताया, जिसे भाजपा विधानसभा के विशेष सत्र में प्रमुखता से उठाएगी।

विशेष सत्र पर भाजपा का रुख

राज्य भाजपा अध्यक्ष ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के सरकार के फैसले का स्वागत किया, लेकिन साथ ही शर्त भी रखी। उन्होंने कहा, 'हम सरकार के विशेष सत्र बुलाने के फैसले का स्वागत करते हैं। हालांकि, ऐसे समय में जब राज्य सूखे का सामना कर रहा है, सरकार को तुरंत किसानों की मदद के लिए आगे आना चाहिए और उनकी मुख्य समस्याओं, जैसे कि कृषि ऋण माफी, का समाधान करना चाहिए।'

सीएम शिवकुमार के दौरे पर सवाल

विजयेंद्र ने उत्तरी कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के जारी दौरे का भी जिक्र किया और कहा कि यह दौरा केवल राजनीतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस दौरे का उपयोग सूखा-प्रभावित किसानों की वास्तविक परेशानियों को समझने और ठोस राहत उपाय लागू करने के लिए किया जाए।

आगे की राह

विजयेंद्र ने स्पष्ट किया कि भाजपा किसानों के मुद्दों पर अपना आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को किसानों की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए और संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल राहत के उपाय करने चाहिए। 'बेल्लारी चलो' पदयात्रा के ज़रिए भाजपा इस मुद्दे को जन-आंदोलन का रूप देने की कोशिश में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर तब जब राज्य में सूखे की स्थिति कांग्रेस सरकार के लिए एक संवेदनशील राजनीतिक कमज़ोरी बन चुकी है। विशेष सत्र का स्वागत करते हुए भी शर्तें रखना दर्शाता है कि भाजपा इस मुद्दे को चुनावी ज़मीन के रूप में इस्तेमाल करने की तैयारी में है।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक सरकार ने पार्क बिल क्यों वापस लिया?
भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र के अनुसार, राज्य सरकार को भाजपा के विरोध और जन-आंदोलन के दबाव में यह बिल वापस लेना पड़ा। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से वापसी के आधिकारिक कारणों का अलग से उल्लेख नहीं किया गया है।
'बेल्लारी चलो' पदयात्रा क्या है?
यह कर्नाटक भाजपा की एक जन-आंदोलन पदयात्रा है जो रायचूर जिले के सिंदनूर के पास से गुज़र रही है। इसका उद्देश्य किसानों की समस्याओं को उजागर करना और राज्य सरकार पर दबाव बनाना है।
विजयेंद्र ने किसानों के लिए क्या मांगें रखी हैं?
विजयेंद्र ने कृषि ऋण माफी को सबसे प्रमुख मांग बताया है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि राज्य में सूखे जैसे हालात को देखते हुए किसानों को तत्काल राहत दी जाए।
कर्नाटक विधानसभा के विशेष सत्र पर भाजपा का क्या रुख है?
भाजपा ने विशेष सत्र बुलाने के फैसले का स्वागत किया है, लेकिन शर्त रखी है कि सत्र में किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए। भाजपा ने कहा कि वह इस सत्र में कृषि ऋण माफी सहित कई अहम मुद्दे उठाएगी।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के उत्तरी कर्नाटक दौरे पर विजयेंद्र ने क्या कहा?
विजयेंद्र ने कहा कि यह दौरा सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री इस दौरे का उपयोग सूखा-प्रभावित किसानों की परेशानियों को समझने और ठोस राहत उपाय लागू करने के लिए करें।
राष्ट्र प्रेस
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