बल्लारी चलो पदयात्रा: विजयेंद्र बोले — कर्नाटक में BJP के नए युग की शुरुआत आज से, कांग्रेस सरकार को जड़ से उखाड़ेंगे
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने 1 सितंबर को रायचूर में कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार के विरुद्ध पार्टी का संघर्ष अब एक नए और निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है। लिंगासगुर से बल्लारी तक की 10 दिवसीय 'बल्लारी चलो' पदयात्रा के आगाज़ से पहले उन्होंने दावा किया, "भारतीय जनता पार्टी के नए युग की शुरुआत आज से होगी।" विजयेंद्र के अनुसार यह लड़ाई पदयात्रा की समाप्ति के बाद भी जारी रहेगी।
मंदिर से मार्च तक — विजयेंद्र का आक्रामक आगाज़
विरोध मार्च से पहले गुरुगुंटा स्थित श्री अमरेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद मीडिया से मुखातिब हुए विजयेंद्र ने कर्नाटक सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार "भ्रष्ट, जनविरोधी और दलित विरोधी" है। उनका यह बयान भाजपा की आक्रामक विपक्षी रणनीति का हिस्सा है, जो आने वाले डेढ़ से दो वर्षों तक जारी रहने की बात कही जा रही है।
मंत्री के इस्तीफे को BJP की जीत बताया
विजयेंद्र ने दावा किया कि भाजपा के दबाव के कारण ही योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र को इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने कहा, "हमारे विरोध के डर से एक भ्रष्ट मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है। जब हमने पदयात्रा की घोषणा की, तब सरकार झुक गई।" गौरतलब है कि भाजपा ने आदिवासी कल्याण बोर्ड में कथित अनियमितताओं में नागेंद्र की भूमिका का आरोप लगाते हुए लगातार हड़ताल की घोषणा की थी और मानसून विधानसभा सत्र को बाधित किया था, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दिया।
पदयात्रा में कौन-कौन होंगे शामिल
विजयेंद्र ने इस पदयात्रा को 'ऐतिहासिक' करार दिया और बताया कि पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता इसमें भाग लेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री एवं दिग्गज भाजपा नेता बी.एस. येदियुरप्पा पदयात्रा का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद बसवराज बोम्मई और जगदीश शेट्टार, विपक्ष के नेता आर. अशोक, विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावडी नारायणस्वामी, पूर्व मंत्री बी. श्रीरामुलु और शिवनगौड़ा नायक, स्थानीय विधायक मनप्पा वज्जल तथा पार्टी नेता बंगारू हनुमंथु के भाग लेने की उम्मीद है।
आगे क्या होगा
विजयेंद्र के अनुसार पदयात्रा 10 सितंबर को समाप्त होगी, लेकिन सरकार के खिलाफ भाजपा का अभियान यहीं नहीं रुकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले डेढ़ से दो वर्षों में पार्टी सरकार की कथित विफलताओं और भ्रष्टाचार को जन-जन तक पहुँचाएगी। उन्होंने कहा, "हम इस जनविरोधी और भ्रष्ट सरकार का पर्दाफाश करेंगे। भविष्य में राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार सत्ता में आनी चाहिए।" विजयेंद्र ने यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले लोगों की संख्या नहीं, बल्कि संघर्ष की अवधि और तीव्रता मायने रखती है।