एफएसएसएआई की बड़ी कार्रवाई: वाई-वाई नूडल्स निर्माता सीजी फूड इंडिया को वेज भुजिया उत्पादन रोकने का आदेश
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने 3 सितंबर 2026 को सीजी फूड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ सख्त प्रवर्तन कार्रवाई शुरू की है। राजस्थान के अजमेर जिले के रूपनगढ़ स्थित इस इकाई में निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन पाए गए, जिसके बाद कंपनी को वेज भुजिया नमकीन का उत्पादन तत्काल रोकने का निर्देश दिया गया है।
निरीक्षण में क्या-क्या मिला
एफएसएसएआई के निरीक्षण दल ने इकाई में कई गंभीर अनियमितताएँ दर्ज कीं। नियामक के आधिकारिक बयान के अनुसार, फर्श से एकत्र किए गए टूटे हुए नूडल्स को बिना किसी हीट ट्रीटमेंट के दोबारा प्रोसेस करके भुजिया उत्पादों में मिलाया जा रहा था। इसके साथ ही पैकेजिंग पर पिछली तारीखें (बैक-डेटिंग) दर्ज की जा रही थीं, जो उपभोक्ताओं को गुमराह करने का प्रयास माना जाता है।
निरीक्षण में 'वाई-वाई मामा' और 'वाई-वाई मामा पुंटे' भुजिया वेरिएंट का बिना लाइसेंस उत्पादन भी पाया गया। यह खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 31(1) का सीधा उल्लंघन है।
जब्त किया गया स्टॉक और नमूने
अधिकारियों ने मौके से 32,107.2 किलोग्राम स्टॉक जब्त किया, जिसमें खुले में रखे टूटे हुए नूडल्स भी शामिल थे। इसके अलावा समाप्त हो चुकी मियाद वाले तैयार उत्पादों के 1,925 बॉक्स भी हिरासत में लिए गए।
प्रयोगशाला जाँच के लिए कई नमूने लिए गए हैं — जिनमें खुले नूडल्स की सामग्री, दोनों वेज भुजिया उत्पाद, फ्राइंग लाइन में इस्तेमाल किया गया कुकिंग ऑयल और 'वाई-वाई रेडी टू ईट नूडल्स' शामिल हैं।
स्वच्छता और दस्तावेज़ीकरण की कमियाँ
नियामक ने बताया कि निरीक्षण के दौरान स्वच्छता और दस्तावेज़ीकरण से जुड़ी कई खामियाँ भी उजागर हुईं। इनमें पर्याप्त पेस्ट-कंट्रोल रिकॉर्ड का अभाव और खाद्य स्वच्छता से संबंधित अन्य कमियाँ शामिल हैं। कंपनी को निर्देश दिया गया है कि उचित मंजूरी और ज़रूरी सुधारात्मक उपायों के बिना वेज भुजिया नमकीन का उत्पादन पुनः शुरू न किया जाए।
बेंगलुरु में भी एफएसएसएआई की कार्रवाई
उसी दिन एफएसएसएआई ने कर्नाटक के बेंगलुरु में ब्रिटिश लाइफसाइंसेज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए। निरीक्षण में गलत लेबल वाले और एक्सपायर्ड शिशु खाद्य उत्पाद पाए गए, जिन्हें जब्त कर लिया गया और कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। यह अभियान शिशुओं और छोटे बच्चों के लिए बनाए जाने वाले उत्पादों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
आगे क्या होगा
एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला जाँच और निरीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत आगे की नियामकीय कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब खाद्य नियामक देशभर में प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता जाँच को लेकर अपनी निगरानी तेज़ कर रहा है।