3 सितंबर 2026
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एफएसएसएआई की बड़ी कार्रवाई: वाई-वाई नूडल्स निर्माता सीजी फूड इंडिया को वेज भुजिया उत्पादन रोकने का आदेश

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एफएसएसएआई की बड़ी कार्रवाई: वाई-वाई नूडल्स निर्माता सीजी फूड इंडिया को वेज भुजिया उत्पादन रोकने का आदेश

सारांश

एफएसएसएआई ने वाई-वाई नूडल्स बनाने वाली कंपनी के राजस्थान संयंत्र में फर्श के टूटे नूडल्स को बिना हीट ट्रीटमेंट भुजिया में मिलाने, पैकेजिंग बैक-डेटिंग और बिना लाइसेंस उत्पादन का खुलासा किया। 32,107 किलो स्टॉक जब्त, कानूनी कार्रवाई शुरू।

मुख्य बातें

एफएसएसएआई ने 3 सितंबर 2026 को सीजी फूड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड , रूपनगढ़, अजमेर (राजस्थान) के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई शुरू की।
फर्श से एकत्र टूटे नूडल्स को बिना हीट ट्रीटमेंट भुजिया उत्पादों में मिलाया जा रहा था; पैकेजिंग पर पिछली तारीखें दर्ज की जा रही थीं।
मौके से 32,107.2 किलोग्राम स्टॉक और 1,925 बॉक्स एक्सपायर्ड उत्पाद जब्त किए गए।
'वाई-वाई मामा' और 'वाई-वाई मामा पुंटे' भुजिया वेरिएंट का बिना लाइसेंस उत्पादन — FSS अधिनियम 2006, धारा 31(1) का उल्लंघन।
उसी दिन बेंगलुरु में ब्रिटिश लाइफसाइंसेज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी गलत लेबल वाले शिशु खाद्य उत्पादों पर कार्रवाई की गई।

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने 3 सितंबर 2026 को सीजी फूड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ सख्त प्रवर्तन कार्रवाई शुरू की है। राजस्थान के अजमेर जिले के रूपनगढ़ स्थित इस इकाई में निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन पाए गए, जिसके बाद कंपनी को वेज भुजिया नमकीन का उत्पादन तत्काल रोकने का निर्देश दिया गया है।

निरीक्षण में क्या-क्या मिला

एफएसएसएआई के निरीक्षण दल ने इकाई में कई गंभीर अनियमितताएँ दर्ज कीं। नियामक के आधिकारिक बयान के अनुसार, फर्श से एकत्र किए गए टूटे हुए नूडल्स को बिना किसी हीट ट्रीटमेंट के दोबारा प्रोसेस करके भुजिया उत्पादों में मिलाया जा रहा था। इसके साथ ही पैकेजिंग पर पिछली तारीखें (बैक-डेटिंग) दर्ज की जा रही थीं, जो उपभोक्ताओं को गुमराह करने का प्रयास माना जाता है।

निरीक्षण में 'वाई-वाई मामा' और 'वाई-वाई मामा पुंटे' भुजिया वेरिएंट का बिना लाइसेंस उत्पादन भी पाया गया। यह खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 31(1) का सीधा उल्लंघन है।

जब्त किया गया स्टॉक और नमूने

अधिकारियों ने मौके से 32,107.2 किलोग्राम स्टॉक जब्त किया, जिसमें खुले में रखे टूटे हुए नूडल्स भी शामिल थे। इसके अलावा समाप्त हो चुकी मियाद वाले तैयार उत्पादों के 1,925 बॉक्स भी हिरासत में लिए गए।

प्रयोगशाला जाँच के लिए कई नमूने लिए गए हैं — जिनमें खुले नूडल्स की सामग्री, दोनों वेज भुजिया उत्पाद, फ्राइंग लाइन में इस्तेमाल किया गया कुकिंग ऑयल और 'वाई-वाई रेडी टू ईट नूडल्स' शामिल हैं।

स्वच्छता और दस्तावेज़ीकरण की कमियाँ

नियामक ने बताया कि निरीक्षण के दौरान स्वच्छता और दस्तावेज़ीकरण से जुड़ी कई खामियाँ भी उजागर हुईं। इनमें पर्याप्त पेस्ट-कंट्रोल रिकॉर्ड का अभाव और खाद्य स्वच्छता से संबंधित अन्य कमियाँ शामिल हैं। कंपनी को निर्देश दिया गया है कि उचित मंजूरी और ज़रूरी सुधारात्मक उपायों के बिना वेज भुजिया नमकीन का उत्पादन पुनः शुरू न किया जाए।

बेंगलुरु में भी एफएसएसएआई की कार्रवाई

उसी दिन एफएसएसएआई ने कर्नाटक के बेंगलुरु में ब्रिटिश लाइफसाइंसेज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए। निरीक्षण में गलत लेबल वाले और एक्सपायर्ड शिशु खाद्य उत्पाद पाए गए, जिन्हें जब्त कर लिया गया और कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। यह अभियान शिशुओं और छोटे बच्चों के लिए बनाए जाने वाले उत्पादों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

आगे क्या होगा

एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला जाँच और निरीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत आगे की नियामकीय कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब खाद्य नियामक देशभर में प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता जाँच को लेकर अपनी निगरानी तेज़ कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत के प्रसंस्कृत खाद्य क्षेत्र में व्यापक निगरानी-खाई का संकेत है। फर्श से उठाए नूडल्स को बिना किसी ताप-उपचार के उत्पाद में मिलाना और पैकेजिंग पर तारीखें बदलना — ये उल्लंघन आकस्मिक नहीं, बल्कि प्रणालीगत लगते हैं। गौरतलब है कि उसी दिन बेंगलुरु में शिशु खाद्य उत्पादों पर भी कार्रवाई हुई, जो दर्शाता है कि एफएसएसएआई अभियान अब बहु-श्रेणी और बहु-राज्यीय स्तर पर चल रहा है। असली सवाल यह है कि इन उल्लंघनों को नियमित ऑडिट में क्यों नहीं पकड़ा गया — और क्या मौजूदा लाइसेंसिंग ढाँचा छोटे व मध्यम खाद्य इकाइयों पर पर्याप्त निवारक दबाव बना पाता है।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एफएसएसएआई ने सीजी फूड इंडिया के खिलाफ कार्रवाई क्यों की?
एफएसएसएआई ने राजस्थान के अजमेर स्थित सीजी फूड इंडिया की इकाई में निरीक्षण के दौरान फर्श से एकत्र टूटे नूडल्स को बिना हीट ट्रीटमेंट भुजिया में मिलाने, पैकेजिंग पर पिछली तारीखें डालने और बिना लाइसेंस उत्पादन जैसे गंभीर उल्लंघन पाए। इन खामियों के आधार पर कंपनी को वेज भुजिया नमकीन का उत्पादन तत्काल रोकने का आदेश दिया गया।
निरीक्षण में कितना स्टॉक जब्त किया गया?
निरीक्षण दल ने मौके से 32,107.2 किलोग्राम स्टॉक जब्त किया, जिसमें खुले में रखे टूटे नूडल्स शामिल थे। इसके अलावा समाप्त हो चुकी मियाद वाले तैयार उत्पादों के 1,925 बॉक्स भी हिरासत में लिए गए।
वाई-वाई मामा भुजिया के बिना लाइसेंस उत्पादन पर क्या कानूनी प्रावधान लागू होता है?
'वाई-वाई मामा' और 'वाई-वाई मामा पुंटे' भुजिया वेरिएंट का बिना लाइसेंस उत्पादन खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 31(1) का उल्लंघन है। इस धारा के तहत बिना वैध लाइसेंस के खाद्य उत्पाद निर्मित करना दंडनीय अपराध है।
सीजी फूड इंडिया के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होगी?
एफएसएसएआई ने कहा है कि प्रयोगशाला जाँच और निरीक्षण निष्कर्षों के आधार पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के अनुसार आगे की नियामकीय कार्रवाई की जाएगी। कंपनी उचित मंजूरी और सुधारात्मक उपायों के बिना उत्पादन पुनः शुरू नहीं कर सकती।
क्या उसी दिन एफएसएसएआई ने किसी अन्य कंपनी पर भी कार्रवाई की?
हाँ, उसी दिन एफएसएसएआई ने बेंगलुरु स्थित ब्रिटिश लाइफसाइंसेज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी कार्रवाई की, जहाँ गलत लेबल वाले और एक्सपायर्ड शिशु खाद्य उत्पाद पाए गए। यह अभियान शिशुओं और छोटे बच्चों के लिए बनाए जाने वाले उत्पादों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के तहत चलाया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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