एफएसएसएआई नोटिस के बाद 5 खाद्य कंपनियों ने हटाए भ्रामक दावे, लेबल और उत्पादों में बदलाव
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा भ्रामक लेबलिंग, गैर-मानकीकृत उत्पादों और नियमों के उल्लंघन पर जारी नोटिसों के बाद कम से कम 5 प्रमुख खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBO) ने सुधारात्मक कदम उठाए हैं। 16 अगस्त 2026 को सरकारी एजेंसी ने यह जानकारी सार्वजनिक की। इन कदमों में भ्रामक ट्रेडमार्क हटाने से लेकर उत्पाद वेबसाइट से हटाने और पैकेजिंग सामग्री नष्ट करने तक के उपाय शामिल हैं।
मुख्य घटनाक्रम
FSSAI ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि ऑनेस्ट इनोवेशन फॉर यू प्राइवेट लिमिटेड और हेलियोस्टोन स्पेशलिटीज प्राइवेट लिमिटेड को भ्रामक ट्रेडमार्क के उपयोग के लिए नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस मिलने के बाद दोनों कंपनियों ने अपने उत्पादों के नाम में बदलाव किया।
इसी क्रम में, राजस्थान एग्रो एंड जनरल इंडस्ट्रीज को भी भ्रामक ट्रेडमार्क के उपयोग पर नोटिस मिला। कंपनी ने सभी भ्रामक दावों को हटाया और उत्पाद संचार में "पीपीएम" शब्द का इस्तेमाल बंद कर दिया।
गैर-मानकीकृत उत्पादों पर कार्रवाई
आयोटा नैनोटेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को गैर-मानकीकृत उत्पादों के लिए चिन्हित किया गया। कंपनी ने उत्पाद के लेबल से भ्रामक दावे हटाए और गैर-मानकीकृत पानी का उत्पादन बंद कर दिया।
पंचामृत इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को एक इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक के संबंध में नोटिस जारी हुआ था। नोटिस के बाद कंपनी ने वह उत्पाद अपनी वेबसाइट से हटा दिया।
लिव्योर वेंचर्स का मामला और माफी
लिव्योर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड ने अपने उत्पाद "लिव्योर रोस्टेड एडामे बीन्स" के लेबल पर "वीगन" और "हेल्थी" जैसे दावे किए थे, जिन्हें FSSAI ने भ्रामक पाया। कंपनी ने स्वीकार किया कि लागू नियमों की जानकारी के अभाव में ये दावे अनजाने में लेबल पर छप गए थे।
कंपनी ने इस उल्लंघन पर खेद व्यक्त करते हुए माफी माँगी और आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराई जाएगी। कंपनी ने संशोधित लेबल प्रस्तुत किया और कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाली मौजूदा पैकेजिंग सामग्री को नष्ट किया जाएगा।
FSSAI का रुख
FSSAI ने कहा, "नोटिस के बाद प्रमुख खाद्य व्यवसाय संचालकों ने तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई की है। इन कदमों में भ्रामक लेबल दावों को हटाने से लेकर उपभोक्ता सुरक्षा और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए उत्पादों की पैकेजिंग में बदलाव शामिल हैं।" यह ऐसे समय में आया है जब खाद्य लेबलिंग को लेकर उपभोक्ता जागरूकता तेज़ी से बढ़ रही है और नियामक निगरानी कड़ी हो रही है।
आगे क्या
गौरतलब है कि FSSAI ने हाल के महीनों में खाद्य उत्पादों पर भ्रामक स्वास्थ्य दावों के खिलाफ अपनी प्रवर्तन गतिविधि तेज़ की है। लिव्योर वेंचर्स सहित कई कंपनियों ने लेबल संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, और आलोचकों का कहना है कि इस तरह की नियामकीय सक्रियता उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले दावों पर लगाम लगाने के लिए ज़रूरी है।