एफएसएसएआई ने मैरिको, फेरेरो, बीकानेरवाला समेत 14 कंपनियों को भ्रामक दावों पर नोटिस जारी किए
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने 19 जून 2026 को उन 14 फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (एफबीओ) को औपचारिक नोटिस जारी किए, जिन पर अपने उत्पादों के संबंध में भ्रामक दावे, अनुचित ब्रांडिंग और नियमों के विरुद्ध लेबलिंग करने के आरोप हैं। यह कार्रवाई उपभोक्ताओं की शिकायतों और नियामक की अपनी जाँच के आधार पर की गई है।
नोटिस का आधार और कानूनी प्रावधान
एफएसएसएआई ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी पोस्ट में स्पष्ट किया कि ये नोटिस 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006' तथा 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (एडवरटाइजिंग एंड क्लेम्स) रेगुलेशंस, 2018' के प्रावधानों के तहत जारी किए गए हैं। नियामक के अनुसार, संबंधित कंपनियों के दावे या तो उपभोक्ताओं को गुमराह करने में सक्षम थे या उनके लिए आवश्यक वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं थे।
किन कंपनियों पर क्या आरोप
मैरिको लिमिटेड को उसके 'सैफोला टोटल हार्ट प्रो' कुकिंग ऑयल से जुड़ी ब्रांडिंग और स्वास्थ्य संबंधी दावों के लिए नोटिस मिला। फेरेरो इंडिया पर 'किंडर जॉय-कोटेड वेफर बिस्किट' उत्पाद पर 'रिच इन मिल्क सॉलिड्स' के दावे को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
मास्टरचाउ फूड्स प्राइवेट लिमिटेड को '100 परसेंट नेचुरल', 'फ्रेशली मेड' जैसे दावों और 'ऑर्गेनिक आटा' के उल्लेख के लिए नोटिस दिया गया। गौर हेल्दी फूड को 'सिल्कन टोफू' उत्पाद के दावों पर नोटिस मिला।
'प्लक्क' कंपनी के आम के जूस पर 'नो एडेड शुगर' का दावा किया गया था, जबकि जाँच में सामग्री सूची में आम का गूदा और गन्ने का रस पाया गया — जिससे उत्पाद में चीनी की मात्रा को लेकर उपभोक्ताओं में भ्रम पैदा हो सकता था। इसी प्रकार, एक पनीर उत्पाद पर 'नेचुरल पनीर' शब्द के प्रयोग पर भी नियामक ने आपत्ति जताई, यह कहते हुए कि मिश्रित खाद्य पदार्थों के लिए 'नेचुरल' शब्द के उपयोग के नियमों का उल्लंघन होता है।
इसके अतिरिक्त, मेडिजेन लैब्स, नेक्सा इंडस्ट्रीज, रॉ प्रेसरी, न्यूट्रास्युटिकल के 'इंसिप्रो गोल्ड पाउडर वनीला' उत्पाद और कोरियाई जिनसेंग न्यूट्रास्युटिकल उत्पादों पर स्वास्थ्य व प्रदर्शन से जुड़े दावों के लिए नोटिस जारी किए गए। नियामक के अनुसार, इन दावों के लिए या तो वैज्ञानिक साक्ष्य अपेक्षित थे या वे मौजूदा नियमों के तहत अनुमत नहीं थे।
बीकानेरवाला और परम डेयरी पर विशेष कार्रवाई
बीकानेरवाला को सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त उपभोक्ता शिकायतों के आधार पर नोटिस भेजा गया। एक शिकायत में कहा गया था कि कार्यसमय के दौरान एक कर्मचारी सर्विस या किचन क्षेत्र के भीतर खाना खा रहा था। कंपनी को अपनी आंतरिक जाँच, मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और सुधारात्मक कदमों की जानकारी देने का निर्देश दिया गया है।
परम डेयरी लिमिटेड को आईआरसीटीसी कैटरिंग सेवा के माध्यम से आपूर्ति किए गए डेयरी उत्पादों — दही और रबड़ी — में फंगस संक्रमण के आरोपों पर नोटिस जारी किया गया। कंपनी को आपूर्ति किए गए उत्पादों, इन्वेंट्री प्रबंधन पद्धतियों और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों का ब्यौरा देना होगा।
नियामक की अपेक्षाएँ और आगे की प्रक्रिया
एफएसएसएआई ने सभी संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को निर्देश दिया है कि वे उचित सुधारात्मक कदम उठाएँ और लागू खाद्य सुरक्षा, विज्ञापन तथा लेबलिंग नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। गौरतलब है कि यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब उपभोक्ता संगठन और स्वास्थ्य विशेषज्ञ लंबे समय से खाद्य उत्पादों पर भ्रामक दावों के विरुद्ध कड़े नियामकीय हस्तक्षेप की माँग कर रहे हैं। यह देखना होगा कि संबंधित कंपनियाँ नोटिस का जवाब किस प्रकार देती हैं और एफएसएसएआई आगे क्या कदम उठाता है।