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एफएसएसएआई का भ्रामक फूड लेबल पर शिकंजा: इमामी, ट्रूवी समेत 13 ब्रांड्स को नोटिस

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एफएसएसएआई का भ्रामक फूड लेबल पर शिकंजा: इमामी, ट्रूवी समेत 13 ब्रांड्स को नोटिस

सारांश

एफएसएसएआई ने 'हेल्दी', 'ऑर्गेनिक' और 'वीगन' जैसे दावों के आधार पर उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले 13 ब्रांड्स को नोटिस जारी किए हैं। इमामी जैसी बड़ी कंपनी से लेकर छोटे ऑर्गेनिक ब्रांड्स तक — सभी पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के उल्लंघन का आरोप है।

मुख्य बातें

एफएसएसएआई ने 14 जून 2026 को भ्रामक लेबलिंग के आरोप में 13 फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को नोटिस जारी किए।
नोटिस पाने वालों में इमामी का हेल्दी एंड टेस्टी , ट्रूवी , प्लांट बी , न्यूहर्ब्स ट्रू विटामिन और टू ब्रदर्स ऑर्गेनिक फार्म्स जैसे ब्रांड शामिल हैं।
प्लांट बी के पास वीगन उत्पाद के लिए अनिवार्य पूर्व अनुमोदन और लाइसेंस एंडोर्समेंट नहीं था।
ऑर्गेनिक विजडम, शाइन ऑर्गेनिक और अन्य ऑर्गेनिक ब्रांड्स के पास 'जैविक भारत' लोगो या अनिवार्य सर्टिफिकेशन नहीं था।
एफएसएसएआई ने सभी एफबीओ को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत लेबलिंग नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया।

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने 14 जून 2026 को उन खाद्य कंपनियों के खिलाफ औपचारिक कार्रवाई शुरू की, जो कथित तौर पर भ्रामक ब्रांड नामों और उत्पाद दावों के ज़रिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 का उल्लंघन कर रही हैं। नियामक ने 13 फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (एफबीओ) को नोटिस जारी किए हैं और उन्हें लेबलिंग नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।

किन ब्रांड्स को मिले नोटिस

एफएसएसएआई ने जिन कंपनियों को नोटिस भेजे हैं, उनमें हेल्दी मास्टर, न्यूहर्ब्स ट्रू विटामिन, प्लांट बी, द हेल्थ फैक्ट्री, ट्रूवी, हेल्दी चॉइस, इमामी का हेल्दी एंड टेस्टी और हेल्थ ऐड शामिल हैं। इसके अलावा ऑर्गेनिक विजडम, शाइन ऑर्गेनिक, टू ब्रदर्स ऑर्गेनिक फार्म्स, स्टोरिया, वर्ल्ड ऑफ ऑर्गेनिक और आयोटा वॉटर को भी नोटिस भेजे गए हैं।

मुख्य आरोप और उल्लंघन

एफएसएसएआई के अनुसार, इन ब्रांड्स के व्यापार नाम उपभोक्ताओं को उत्पाद की प्रकृति या स्वास्थ्य लाभों के बारे में गुमराह कर सकते हैं। नियामक ने ट्रूवी के 'हेल्दी मिक्स' चिप्स पर विशेष आपत्ति जताई है — उसका कहना है कि उत्पाद की संरचना 'हेल्दी' के दावे को सही नहीं ठहराती।

न्यूहर्ब्स ट्रू विटामिन के मामले में एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया कि 'ट्रू विटामिन' शब्द मौजूदा नियमों के तहत न तो परिभाषित है और न ही मान्यता प्राप्त है, जिससे उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति बन सकती है। वहीं प्लांट बी के 'प्लांट बेस्ड वीगन' ट्रेड नेम की जाँच में पाया गया कि कंपनी ने वीगन उत्पाद के लिए पूर्व अनुमोदन नहीं लिया था और न ही लाइसेंस में आवश्यक वीगन एंडोर्समेंट था।

'ऑर्गेनिक' लेबल पर विशेष नज़र

ऑर्गेनिक विजडम, शाइन ऑर्गेनिक और टू ब्रदर्स ऑर्गेनिक फार्म्स को उनके ब्रांड नामों में 'ऑर्गेनिक' शब्द के उपयोग को लेकर नोटिस दिए गए हैं। एफएसएसएआई के अनुसार, इन कंपनियों के पास नियमों के तहत अनिवार्य सर्टिफिकेशन, 'जैविक भारत' लोगो या ज़रूरी ऑर्गेनिक एंडोर्समेंट नहीं था, जो उपभोक्ताओं को उत्पाद के ऑर्गेनिक दर्जे के बारे में गुमराह कर सकता है।

एफएसएसएआई का निर्देश

नियामक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्पष्ट किया, "एफबीओ को निर्देश दिया जाता है कि वे ग्राहकों को गुमराह होने से बचाने के लिए लेबलिंग और डिस्प्ले से जुड़े तय नियमों का सख्ती से पालन करें।" यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब भारत में 'हेल्थ फूड' और 'ऑर्गेनिक' उत्पादों का बाज़ार तेज़ी से बढ़ रहा है और उपभोक्ता संरक्षण की माँग भी उतनी ही तीव्र हो रही है।

आगे क्या होगा

नोटिस पाने वाले एफबीओ को अपनी लेबलिंग और ब्रांडिंग को नियमों के अनुरूप बनाना होगा अथवा नियामकीय कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम उपभोक्ता जागरूकता और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण संकेत है, और आने वाले समय में 'वेलनेस' श्रेणी के अन्य ब्रांड्स पर भी नज़र रखी जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी बड़े ब्रांड्स बिना सर्टिफिकेशन के इनका उपयोग करते रहे। नोटिस जारी करना एक शुरुआत है, लेकिन असली परीक्षा अनुपालन की निगरानी और दंडात्मक कार्रवाई में होगी — जो अब तक अक्सर कागज़ों तक सीमित रही है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एफएसएसएआई ने किन ब्रांड्स को नोटिस जारी किए हैं?
एफएसएसएआई ने हेल्दी मास्टर, न्यूहर्ब्स ट्रू विटामिन, प्लांट बी, द हेल्थ फैक्ट्री, ट्रूवी, हेल्दी चॉइस, इमामी का हेल्दी एंड टेस्टी, हेल्थ ऐड, ऑर्गेनिक विजडम, शाइन ऑर्गेनिक, टू ब्रदर्स ऑर्गेनिक फार्म्स, स्टोरिया, वर्ल्ड ऑफ ऑर्गेनिक और आयोटा वॉटर को नोटिस जारी किए हैं। ये सभी कथित तौर पर भ्रामक ब्रांड नामों या उत्पाद दावों के ज़रिए खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2006 का उल्लंघन कर रहे थे।
एफएसएसएआई के अनुसार इन ब्रांड्स ने क्या नियम तोड़े?
नियामक के अनुसार, इन ब्रांड्स ने 'हेल्दी', 'ऑर्गेनिक' और 'वीगन' जैसे शब्दों का उपयोग बिना अनिवार्य सर्टिफिकेशन, 'जैविक भारत' लोगो या लाइसेंस एंडोर्समेंट के किया। इससे उपभोक्ताओं में उत्पाद की वास्तविक प्रकृति और स्वास्थ्य लाभों को लेकर गलतफहमी पैदा हो सकती है।
क्या 'ऑर्गेनिक' लिखने के लिए कोई विशेष सर्टिफिकेशन ज़रूरी है?
हाँ, भारत में किसी उत्पाद को 'ऑर्गेनिक' कहने के लिए 'जैविक भारत' लोगो और नियमों के तहत निर्धारित सर्टिफिकेशन अनिवार्य है। एफएसएसएआई के अनुसार, नोटिस पाने वाले कई ब्रांड्स के पास यह सर्टिफिकेशन नहीं था, जो कानूनी उल्लंघन की श्रेणी में आता है।
ट्रूवी के 'हेल्दी मिक्स' चिप्स पर एफएसएसएआई को क्या आपत्ति है?
एफएसएसएआई का कहना है कि ट्रूवी के 'हेल्दी मिक्स' चिप्स में ऐसी सामग्री भी है जो 'हेल्दी' के दावे को उचित नहीं ठहराती। इस प्रकार 'हेल्दी' शब्द का उपयोग उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकता है और मौजूदा लेबलिंग नियमों का उल्लंघन करता है।
इन ब्रांड्स पर आगे क्या कार्रवाई हो सकती है?
नोटिस पाने वाले एफबीओ को लेबलिंग और ब्रांडिंग को खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2006 के अनुरूप बनाना होगा। अनुपालन न करने पर एफएसएसएआई दंडात्मक कार्रवाई कर सकता है, जिसमें लाइसेंस निलंबन या उत्पाद वापसी शामिल हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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