FSSAI की बड़ी कार्रवाई: Amazon, Swiggy Instamart, BigBasket, Flipkart और Zepto पर दंडात्मक नोटिस
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने 23 सितंबर 2026 को देश की प्रमुख ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स कंपनियों — Amazon Seller Services Private Limited, Swiggy Instamart Private Limited, Innovative Retail Concepts Private Limited (BigBasket), Flipkart India Private Limited और Zepto Marketplace Private Limited — के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू की है। खाद्य नियामक के अनुसार, इन प्लेटफॉर्म्स पर भ्रामक दावों वाले उत्पादों के प्रचार, गलत लेबलिंग और कुछ प्रतिबंधित अथवा विषैले खाद्य पदार्थों की ऑनलाइन बिक्री से जुड़े उल्लंघन सामने आए हैं।
मुख्य उल्लंघन और प्रभावित कंपनियाँ
FSSAI ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया कि नियामकीय अनुपालन जाँच के दौरान कई अनियमितताएँ पकड़ी गई हैं। इनमें उत्पादों की गलत ब्रांडिंग, उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले दावे और प्रतिबंधित एवं विषैले खाद्य पदार्थों का प्रदर्शन एवं बिक्री शामिल है।
नियामक के अनुसार, Happilo Premium Date Bites - Zesty Orange उत्पाद से जुड़े दावे और जानकारियाँ खाद्य मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं। इस मामले में Amazon, Flipkart, Swiggy Instamart, Zepto और BigBasket — पाँचों प्लेटफॉर्म्स के विरुद्ध कार्रवाई शुरू हुई है।
Milky Mist उत्पादों पर भी सवाल
FSSAI ने Milky Mist के कुछ उत्पादों — Fresé Low Fat Cream, Farm Fresh Dahi और Greek Yogurt — से जुड़े दावों एवं सूचनाओं को भी नियामकीय मानकों के अनुरूप नहीं पाया है। इस मामले में Swiggy Instamart और BigBasket के खिलाफ जाँच चल रही है। नियामक यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उत्पाद विज्ञापन और दावे खाद्य सुरक्षा एवं लेबलिंग नियमों का पूर्णतः पालन करें।
धतूरे की ऑनलाइन बिक्री पर गंभीर आपत्ति
सबसे गंभीर मामला धतूरे के फल और बीजों की ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर बिक्री और प्रदर्शन से जुड़ा है। धतूरा एक विषैला पदार्थ है और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत इसकी बिक्री प्रतिबंधित है। FSSAI ने इस उल्लंघन में Amazon Seller Services, Swiggy Instamart और BigBasket के विरुद्ध कार्रवाई शुरू की है। नियामक ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे उत्पादों की उपलब्धता को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है।
व्यापक निगरानी अभियान का हिस्सा
यह कार्रवाई उस व्यापक निगरानी अभियान का हिस्सा है जो FSSAI ने पिछले छह महीनों में ऑनलाइन खाद्य वितरण और किराना प्लेटफॉर्म्स के विरुद्ध तेज़ किया है। खाद्य सुरक्षा, लाइसेंसिंग, उत्पादों के भंडारण, हैंडलिंग और नियामकीय अनुपालन — सभी मोर्चों पर जाँच का दायरा बढ़ाया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब क्विक-कॉमर्स का बाज़ार भारत में तेज़ी से विस्तार कर रहा है और नियामकीय निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।
गौरतलब है कि विभिन्न राज्यों के खाद्य सुरक्षा विभाग भी डार्क स्टोर्स, गोदामों और वितरण केंद्रों का निरीक्षण तेज़ कर चुके हैं, ताकि उपभोक्ताओं तक पहुँचने वाले खाद्य उत्पाद निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें। FSSAI नियमित रूप से उपभोक्ताओं को इन कार्रवाइयों की जानकारी दे रहा है — खाद्य सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से।
आगे क्या होगा
दंडात्मक कार्रवाई शुरू होने के बाद संबंधित कंपनियों को नियामक के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा। यदि उल्लंघन सिद्ध होते हैं, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत इन प्लेटफॉर्म्स पर जुर्माना और लाइसेंस-संबंधी कार्रवाई हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर विक्रेताओं की खाद्य सुरक्षा अनुपालन जाँच अधिक कठोरता से करने के लिए बाध्य करेगी।