नवरात्रि-दिवाली से पहले FSSAI का बड़ा कदम: राज्यों को मिलावट रोकने के लिए गहन निरीक्षण के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने 6 अक्टूबर 2026 को आगामी नवरात्रि और दिवाली त्योहारों से पहले देशभर के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निगरानी, निरीक्षण और सैंपलिंग अभियान तत्काल तेज करने के निर्देश जारी किए हैं। इस कदम का उद्देश्य मिलावटी, नकली और असुरक्षित खाद्य उत्पादों की बाजार में बिक्री पर प्रभावी रोक लगाना है।
क्यों जारी हुए निर्देश
FSSAI ने अपनी आधिकारिक एक्स (X) पोस्ट में स्पष्ट किया कि त्योहारी मौसम में मिठाइयों, नमकीन, पेय पदार्थों, खाद्य तेल, दूध और दुग्ध उत्पादों की माँग में उल्लेखनीय उछाल आता है। यह बढ़ी हुई माँग मिलावटखोरों के लिए अवसर बन जाती है, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न होता है। गौरतलब है कि हर वर्ष त्योहारी सीजन में खाद्य मिलावट की शिकायतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जाती है।
मुख्य निर्देश और प्राथमिकता क्षेत्र
नियामक ने सभी राज्यों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों को इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आदेश दिया है। नामित अधिकारियों, फूड सेफ्टी अधिकारियों और केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों और चिह्नित हॉटस्पॉट्स पर विशेष जाँच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेष रूप से दूध व दुग्ध उत्पाद, मिठाइयाँ, नमकीन, घी, खाद्य तेल और पेय पदार्थ — इन श्रेणियों की जाँच पर सबसे अधिक जोर दिया गया है। इसके साथ ही राज्यों को स्थानीय उपभोग पैटर्न के आधार पर अन्य लोकप्रिय खाद्य वस्तुओं की पहचान कर उनकी निगरानी सूची तैयार करने की सलाह दी गई है।
क्षेत्रीय विशेषताओं का भी ध्यान
FSSAI ने स्वीकार किया कि अलग-अलग क्षेत्रों में त्योहारी खपत की प्रकृति भिन्न होती है। उदाहरण के तौर पर, उत्तर और पश्चिम भारत के अनेक हिस्सों में नवरात्रि के दौरान कुट्टू का आटा और सिंघाड़े का आटा बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। ऐसे उत्पादों को भी विशेष निगरानी सूची में शामिल करने का निर्देश दिया गया है।
फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स की तैनाती
FSSAI ने राज्यों को उपलब्धता के अनुसार फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स (FSW) मोबाइल प्रयोगशाला इकाइयाँ प्रमुख बाजारों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर तैनात करने के निर्देश दिए हैं। ये मोबाइल इकाइयाँ मौके पर ही खाद्य नमूनों की जाँच करेंगी, मिलावट की शीघ्र पहचान में सहायता करेंगी और उपभोक्ताओं में जागरूकता का प्रसार करेंगी।
यह पहल बाजार में बिकने वाले खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता के प्रति आम लोगों के भरोसे को मजबूत करने की दृष्टि से भी अहम मानी जा रही है।
डिजिटल निगरानी और पारदर्शिता
FSSAI ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निरीक्षण, सैंपलिंग और प्रवर्तन कार्रवाई से जुड़े समस्त आँकड़े FOSCOS और FOSCORRIS डिजिटल प्लेटफार्मों पर रीयल-टाइम आधार पर अपडेट किए जाएँ। इस कदम से पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी, साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर खाद्य सुरक्षा की निगरानी एकसमान रूप से हो सकेगी।
यह अभियान ऐसे समय में आया है जब त्योहारी बाज़ार पूरे जोर पर होते हैं और उपभोक्ता संरक्षण की आवश्यकता सर्वाधिक होती है। आने वाले हफ्तों में मैदानी स्तर पर इस अभियान की प्रभावशीलता ही तय करेगी कि इस बार त्योहार सुरक्षित और स्वस्थ रहेंगे या नहीं।