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रक्षाबंधन से पहले UP में 'फूड सेफ्टी स्ट्राइक': 97 वाहन जांचे, ₹20 लाख के 16.3 क्विंटल मिलावटी खाद्य पदार्थ नष्ट

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रक्षाबंधन से पहले UP में 'फूड सेफ्टी स्ट्राइक': 97 वाहन जांचे, ₹20 लाख के 16.3 क्विंटल मिलावटी खाद्य पदार्थ नष्ट

सारांश

रक्षाबंधन से ठीक पहले उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा विभाग ने रातभर हाईवे पर 97 वाहन खंगाले — 28 में मिलावट मिली। ₹20 लाख के 16.3 क्विंटल खोया, पनीर, दूध और मिठाई मौके पर नष्ट। 35 नमूने लैब भेजे, आगे कानूनी कार्रवाई तय।

मुख्य बातें

25-26 अगस्त की रात उत्तर प्रदेश के हाईवे और टोल नाकों पर विशेष रात्रिकालीन फूड सेफ्टी अभियान चलाया गया।
97 वाहनों की जांच में 28 वाहनों में मिलावटी या अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थ पाए गए।
16.3 क्विंटल असुरक्षित खाद्य सामग्री — खोया, पनीर, दूध, नमकीन, मिठाई — ₹20 लाख अनुमानित मूल्य सहित नष्ट कराई गई।
मथुरा में ₹3 लाख का पनीर, मेरठ में ₹3.30 लाख का खोया और अलीगढ़ में 7,000 लीटर दूध नष्ट किया गया।
कुल 35 नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए; रिपोर्ट के आधार पर विधिक कार्रवाई होगी।
विभाग ने स्पष्ट किया कि रक्षाबंधन तक पूरी सप्लाई चेन पर निगरानी जारी रहेगी।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश ने 25-26 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि से भोर के बीच एक विशेष रात्रिकालीन अभियान चलाकर प्रदेश के प्रमुख हाईवे और टोल नाकों पर 97 वाहनों की सघन जांच की। रक्षाबंधन पर्व से पहले मिलावटी खाद्य पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने के इस अभियान में 28 वाहनों में संदिग्ध, मिलावटी अथवा अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में परिवहन किए जा रहे खाद्य पदार्थ पाए गए। जांच के दौरान लगभग 16.3 क्विंटल असुरक्षित खाद्य सामग्री, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹20 लाख है, को मौके पर ही नष्ट कराया गया।

अभियान की पृष्ठभूमि और उद्देश्य

रक्षाबंधन जैसे प्रमुख त्योहारों पर मिठाइयों, खोया, पनीर, दूध और नमकीन की मांग में भारी उछाल आता है, जो मिलावटखोरों के लिए अवसर बन जाता है। विभाग ने इस बार केवल बाज़ारों और दुकानों तक सीमित न रहते हुए पूरी सप्लाई चेन पर निगरानी का निर्णय लिया — यानी एक जनपद से दूसरे जनपद तक खाद्य पदार्थ ले जाने वाले वाहनों की भी जांच। यह ऐसे समय में आया है जब त्योहारी सीजन में मिलावट की शिकायतें हर वर्ष बढ़ती हैं।

मुख्य घटनाक्रम: जनपदवार कार्रवाई

मथुरा में दिल्ली हाईवे पर एक वाहन से 1,200 किलोग्राम पनीर बरामद हुआ। गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर करीब ₹3 लाख मूल्य का पनीर नष्ट कराया गया और एक नमूना प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया।

मेरठ में हाईवे पर दो वाहनों से करीब 10 क्विंटल खोया अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में परिवहन होते पाया गया। लगभग ₹3.30 लाख मूल्य का खोया नष्ट किया गया और दो नमूने जांच के लिए लिए गए।

अयोध्या-गोरखपुर हाईवे पर नमकीन से लदे एक वाहन में 3,416 किलोग्राम नमकीन पाई गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹32,000 बताई गई। चार नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए।

पिलखुआ-हापुड़ हाईवे पर दो वाहनों में 1,670 किलोग्राम खोया अस्वास्थ्यकर पाया गया। करीब ₹35,000 मूल्य का खोया नष्ट कर पांच नमूने लिए गए।

बागपत में दिल्ली मार्ग पर चार वाहनों की जांच में दो वाहनों से 520 किलोग्राम खोया अनुचित परिस्थितियों में मिला। लगभग ₹1.44 लाख मूल्य का खोया नष्ट कराया गया।

अलीगढ़ में नोएडा मार्ग पर एक दूध टैंकर की जांच में अपमिश्रण की आशंका के चलते 7,000 लीटर दूध, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1.75 लाख थी, नष्ट कराया गया।

कानपुर में रेलवे स्टेशन मार्ग पर 500 किलोग्राम अस्वास्थ्यकर खोया नष्ट कराया गया, जिसकी कीमत करीब ₹1.75 लाख आंकी गई।

नोएडा-दिल्ली मार्ग पर दो वाहनों में 185 किलोग्राम पनीर पाया गया। रासायनिक पदार्थों से निर्मित होने की आशंका के चलते करीब ₹2.75 लाख मूल्य का पनीर मौके पर नष्ट कराया गया।

गोरखपुर में अयोध्या-बस्ती मार्ग से आ रहे एक वाहन में 600 किलोग्राम मिल्क केक जैसी मिठाई मिली। करीब ₹1.08 लाख मूल्य की मिठाई नष्ट कर एक नमूना जांच को भेजा गया।

नमूने और आगे की विधिक कार्रवाई

अभियान के दौरान कुल 35 खाद्य नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए संग्रहित किए गए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

विभाग का संदेश और आगे की निगरानी

गौरतलब है कि यह अभियान केवल एकबारगी कार्रवाई नहीं है — विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहारी सीजन के दौरान खोया, पनीर, दूध, मिठाई और नमकीन जैसे उच्च-मांग वाले खाद्य पदार्थों की आवाजाही पर प्रवर्तन टीमों की निगरानी लगातार जारी रहेगी। विभाग का लक्ष्य है कि रक्षाबंधन पर प्रदेशवासियों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ ही उपलब्ध हों।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन केवल माल नष्ट करना पर्याप्त नहीं — जब तक आपूर्तिकर्ताओं और निर्माताओं पर कठोर दंड नहीं होगा, मिलावट का चक्र अगले त्योहार पर फिर दोहराएगा। गौरतलब है कि यह कार्रवाई केवल परिवहन स्तर पर है; मिलावट के स्रोत — डेयरियों और उत्पादन केंद्रों — पर कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश में रक्षाबंधन से पहले फूड सेफ्टी अभियान में क्या हुआ?
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश ने 25-26 अगस्त की रात हाईवे पर 97 वाहनों की जांच की, जिनमें से 28 में मिलावटी या अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थ मिले। लगभग 16.3 क्विंटल सामग्री, जिसकी कीमत करीब ₹20 लाख है, मौके पर नष्ट कराई गई।
किन-किन जनपदों में कार्रवाई हुई और क्या-क्या नष्ट किया गया?
मथुरा, मेरठ, अयोध्या-गोरखपुर मार्ग, पिलखुआ-हापुड़, बागपत, अलीगढ़, कानपुर, नोएडा और गोरखपुर में कार्रवाई हुई। नष्ट की गई सामग्री में खोया, पनीर, दूध (7,000 लीटर), नमकीन और मिठाई शामिल हैं।
क्या मिलावटखोरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी?
हां, अभियान के दौरान लिए गए 35 नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कदम उठाए जाएंगे।
रक्षाबंधन पर खाद्य पदार्थों में मिलावट क्यों बढ़ती है?
रक्षाबंधन पर मिठाइयों, खोया, पनीर और दूध की मांग अचानक बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाकर कुछ आपूर्तिकर्ता निम्न गुणवत्ता या मिलावटी उत्पाद बाज़ार में उतारते हैं। इसी को रोकने के लिए विभाग ने इस बार सप्लाई चेन के स्तर पर — यानी परिवहन के दौरान — जांच का दायरा बढ़ाया।
क्या यह अभियान रक्षाबंधन के बाद भी जारी रहेगा?
विभाग ने संकेत दिया है कि त्योहारी सीजन के दौरान निगरानी लगातार जारी रहेगी। खोया, पनीर, दूध, मिठाई और नमकीन जैसे उच्च-मांग वाले खाद्य पदार्थों की आवाजाही पर प्रवर्तन टीमें नज़र बनाए रखेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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