19 अक्टूबर 2026
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दिवाली से पहले हांसी में फूड सेफ्टी विभाग की छापेमारी, मिठाई और दूध के सैंपल प्रयोगशाला भेजे

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दिवाली से पहले हांसी में फूड सेफ्टी विभाग की छापेमारी, मिठाई और दूध के सैंपल प्रयोगशाला भेजे

सारांश

दिवाली से ठीक पहले हरियाणा के हांसी में फूड सेफ्टी विभाग ने 150 साल पुरानी लाला दुलीचंद समेत तीन दुकानों पर छापा मारा। मिठाई और दूध के सैंपल प्रयोगशाला भेजे गए हैं — रिपोर्ट 14 दिनों में आएगी और मानक उल्लंघन पर कार्रवाई होगी।

मुख्य बातें

हरियाणा के फूड सेफ्टी विभाग ने 19 अक्टूबर 2026 को हांसी में तीन दुकानों पर दिवाली-पूर्व छापेमारी की।
लाला दुलीचंद (150 वर्ष पुरानी) और बीकानेर मिष्ठान भंडार से मिठाइयों के तथा एक दूध विक्रेता से दूध के सैंपल लिए गए।
सभी सैंपल प्रयोगशाला भेजे गए; रिपोर्ट लगभग 14 दिनों में अपेक्षित।
मानक उल्लंघन सिद्ध होने पर संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फूड सेफ्टी अधिकारी सतीश कुमार के अनुसार दिवाली तक शहर में जाँच अभियान जारी रहेगा।

हरियाणा के फूड सेफ्टी विभाग ने दिवाली से पूर्व खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हांसी में छापेमारी अभियान तेज कर दिया है। 19 अक्टूबर 2026 को विभागीय टीम ने शहर की तीन प्रमुख दुकानों पर जाँच करते हुए मिठाइयों और दूध के सैंपल एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे। फूड एंड सेफ्टी अधिकारी सतीश कुमार ने कहा कि त्योहारी सीज़न में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

किन दुकानों पर हुई कार्रवाई

जाँच अभियान के दौरान सबसे पहले लाला दुलीचंद की दुकान पर सैंपल लिए गए, जो कथित तौर पर 150 वर्ष पुरानी है और अपने पेड़ों के लिए क्षेत्र में प्रसिद्ध है। इसके साथ ही बीकानेर मिष्ठान भंडार से तीन प्रकार की मिठाइयों के नमूने भरे गए। टीम ने एक दूध विक्रेता के प्रतिष्ठान पर भी दस्तक देकर दूध का सैंपल एकत्र किया।

व्यापारियों में हड़कंप

अचानक की गई इस छापेमारी से शहर के व्यापारियों में हलचल मच गई। विभागीय टीम ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता परखने के साथ-साथ आवश्यक लाइसेंस और दस्तावेज़ों की भी जाँच की। गौरतलब है कि दिवाली जैसे बड़े त्योहारों से पहले मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री के मामले अक्सर सामने आते हैं, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को जोखिम होता है।

रिपोर्ट और संभावित कार्रवाई

फूड सेफ्टी अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि सभी सैंपल की प्रयोगशाला रिपोर्ट लगभग 14 दिनों में आने की उम्मीद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई सैंपल निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरता, तो संबंधित दुकानदार के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मिलावट या अनियमितता पाए जाने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा — यह भी उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा।

आगे का अभियान

विभाग के अनुसार दिवाली तक हांसी शहर के विभिन्न इलाकों में जाँच और छापेमारी का यह सिलसिला निर्बाध जारी रहेगा। अधिकारी सतीश कुमार ने कहा कि विभाग का मुख्य उद्देश्य मिलावटी और घटिया खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण रोक लगाना तथा त्योहार के दौरान नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करना है। यह अभियान इस बात का संकेत है कि प्रशासन उत्सव के मौसम में खाद्य सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरत रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सैंपल लेने मात्र से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती — असली परीक्षा 14 दिन बाद आने वाली रिपोर्ट और उस पर की जाने वाली कार्रवाई की होगी। हरियाणा समेत देशभर में त्योहारी सीज़न में मिलावटी खाद्य पदार्थों की शिकायतें हर साल बढ़ती हैं, फिर भी दोष-सिद्धि दर निराशाजनक रूप से कम रहती है। विभाग की सक्रियता तभी प्रभावशाली मानी जाएगी जब सैंपल फेल होने पर एफआईआर और जुर्माने की खबर भी सामने आए, न केवल छापेमारी की।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हांसी में फूड सेफ्टी विभाग ने किन दुकानों पर छापा मारा?
विभागीय टीम ने 19 अक्टूबर 2026 को हांसी में लाला दुलीचंद की दुकान, बीकानेर मिष्ठान भंडार और एक दूध विक्रेता के प्रतिष्ठान पर जाँच की। इन तीनों जगहों से मिठाई और दूध के सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेजे गए।
सैंपल की जाँच रिपोर्ट कब तक आएगी?
फूड सेफ्टी अधिकारी सतीश कुमार के अनुसार सभी सैंपल की प्रयोगशाला रिपोर्ट लगभग 14 दिनों में आने की उम्मीद है। रिपोर्ट आने के बाद ही मानकों के अनुपालन की पुष्टि हो सकेगी।
यदि सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे तो क्या होगा?
अधिकारी सतीश कुमार ने स्पष्ट किया है कि मानक उल्लंघन सिद्ध होने पर संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दस्तावेज़ों में कमी पाए जाने पर भी विभाग कार्रवाई करने का अधिकार रखता है।
क्या दिवाली तक यह जाँच अभियान जारी रहेगा?
हाँ, फूड सेफ्टी विभाग ने दिवाली तक हांसी के विभिन्न इलाकों में जाँच और छापेमारी जारी रखने की बात कही है। इसका उद्देश्य मिलावटी और घटिया खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाकर नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करना है।
लाला दुलीचंद की दुकान क्यों चर्चा में है?
यह दुकान कथित तौर पर 150 वर्ष पुरानी है और हांसी में अपने पेड़ों के लिए प्रसिद्ध मानी जाती है। दिवाली-पूर्व जाँच अभियान में इस प्रतिष्ठित दुकान से भी सैंपल लिया जाना विभाग की व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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