रक्षाबंधन से पहले देवास में सिंथेटिक मावा जब्त, खाद्य विभाग ने दो दुकानों पर की कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
देवास में खाद्य विभाग और जिला प्रशासन ने रक्षाबंधन पर्व से पहले मिलावटी खाद्य सामग्री के विरुद्ध सख्त अभियान चलाते हुए शहर की दो दुकानों पर छापेमारी की और करीब 600 किलो सिंथेटिक मावे से निर्मित मिठाइयों का भंडार जब्त किया। जांच के दौरान लिए गए नमूनों में मावा और मिठाइयाँ गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं पाई गईं।
मुख्य घटनाक्रम
प्रशासन की टीम ने 27 अगस्त को शहर के अलग-अलग इलाकों में दुकानों का निरीक्षण किया। जाँच के दौरान दो प्रतिष्ठानों में सिंथेटिक मावा और उससे तैयार की जा रही मिठाइयाँ मिलीं। खाद्य विभाग की टीम ने मौके से मावे और मिठाइयों के नमूने प्रयोगशाला जाँच के लिए भेजे हैं। साथ ही, जब्त सामग्री के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व के दौरान बड़ी संख्या में लोग मिठाइयाँ खरीदते हैं, इसलिए मिलावटी और प्रतिबंधित सामग्री की बिक्री रोकने के लिए विशेष जाँच अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिंथेटिक मावे के उपयोग और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध है, फिर भी कुछ स्थानों पर इसके इस्तेमाल की सूचना मिलने पर यह कार्रवाई की गई।
अधिकारियों ने दुकानदारों को चेतावनी दी है कि त्योहार के दौरान केवल शुद्ध और मानक सामग्री से मिठाइयाँ बनाई जाएँ। जो इस निर्देश का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता पर असर
खाद्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद शहर के मिठाई कारोबारियों में सतर्कता का माहौल है। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे मिठाई या अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता की जाँच अवश्य करें। सिंथेटिक मावे से तैयार मिठाइयाँ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानी जाती हैं और इनके सेवन से गंभीर बीमारियों का खतरा रहता है।
क्या होगा आगे
जब्त सामग्री के नमूनों की प्रयोगशाला जाँच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान रक्षाबंधन तक जारी रहेगा और शहर के अन्य प्रतिष्ठानों की भी लगातार जाँच की जाएगी, ताकि त्योहार के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।